जीविका दीदियों के लिए खुशखबरी- 400 करोड़ से अधिक राशि पास:-बिहार सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति) से जुड़ी लाखों महिलाओं, जिन्हें हम जीविका दीदी के नाम से जानते हैं, उनके लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि गांव-गांव तक रोजगार, बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं भी पहुंचेंगी।
यह योजना खास तौर पर संकुल स्तरीय संघ (Cluster Level Federation – CLF) को मजबूत करने के लिए लाई गई है, जिससे जीविका का पूरा नेटवर्क आत्मनिर्भर बन सके।
हर संकुल स्तरीय संघ जीविका बैंक में देगा 25 लाख अंशदान
जीविका का हर संकुल स्तरीय संघ जीविका बैंक (निधि) में 25 लाख रुपये का अंशदान देगा। इससे जीविका निधि का आकार बढ़ेगा और ज्यादा से ज्यादा दीदियों को लोन मिल सकेगा।
400 करोड़ से अधिक राशि मिलेगी, जीविका के राज्य में 1677 संकुलस्तरीय संघ
राज्य में 1677 संकुल स्तरीय संघ हैं, जिनके द्वारा 400 करोड़ से अधिक रुपये बैंक में दिये जाएंगे। जीविका बैंक में राज्य सरकार द्वारा पहले ही 155 करोड़ दिये गये हैं। आगे और भी राशि राज्य सरकार देगी। इससे अधिक-से-अधिक जीविका सदस्यों (दीदियों) को बैंक के माध्यम से लोन उपलब्ध कराया जा सकेगा। मालूम हो कि प्रदेशभर में जीविका समूहों का चार से पांच ग्राम पंचायतों पर एक संकुल स्तरीय संघ गठित है।
155 करोड़ राज्य सरकार ने जीविका बैंक को दिया है
राज्य सरकार द्वारा जीविका के सदस्यों (दीदियों) को लोन देने के लिए उक्त बैंक का गठित किया गया है, ताकि दीदियों को सुगमता से और जल्द लोन मिल सके और वह सभी अपना व्यवसाय और रोजगार को और अधिक विकसित कर सकें। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और उनका परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध होगा।
14 सौ करोड़ से अधिक राशि ‘संघों के बैंकों में जमा हैं
जीविका से मिली जानकारी के अनुसार संकुल स्तरीय संघ के बैंक खाते में करीब 1400 करोड़ से अधिक की राशि जमा है। वहीं, इससे चार-पांच गुना अधिक राशि लोन के रूप में वितरित की गई है। यह बताता है कि प्रदेश का जीविका समूह निरंतर और सक्षम हो रहा है।
जीविका के पदाधिकारी बताते हैं कि
संकुल स्तरीय संघ के पास मुख्य रूप से दो माध्यम से राशि आती है। पहला तो राज्य सरकार उन्हें पूंजी देती है। वहीं, संघ नीचे के समूहों ग्राम संगठन और जीविका समूहों के सदस्यों को लोन उपलब्ध कराता है, जिससे उन्हें ब्याज की रकम प्राप्त होती है। इस राशि का फिर पुनर्विनियोजन होता है, जिसका उपयोग दीदियों के लिए ही होता है।
राज्य में डेढ़ करोड़ जीविका दीदियां
मालूम हो कि राज्य में डेढ़ करोड़ जीविका दीदियां हैं। इनके द्वारा सालाना 14-15 हजार करोड़ का लोन सालाना विभिन्न बैंकों से लिया जाता है। लोन वापसी का रिकॉर्ड भी इनका शत-प्रतिशत है। इसकी जगह जीविका बैंक से लोन प्राप्त करने में दीदियों को काफी सहूलियत होगी। जीविका बैंक में हर काम ऑनलाइन होगा। आवेदन देने के 48 घंटे से लेकर सात दिनों तक राशि जीविका दीदी के खाते में भेज दी जाएगी। इसके माध्यम से दीदियों को 15 हजार, 75 हजार और दो लाख तक के लोन मिलेंगे। फरवरी से लोन के आवेदन लिये जाने की तैयारी जीविका द्वारा की जा रही है।
गांवों में जीविका दीदियां करेंगी निबंधन
ग्रामीण क्षेत्रों में इ-निबंधन (ऑनलाइन पंजीकरण) की प्रक्रिया को आसान और सुलभबनाने के लिए जीविका दीदियों को नयी जिम्मेदारी सौंपी गयी है. मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन समिति) के संयुक्त प्रयास से अब साक्षर जीविका दीदियां गांव-गांव जाकर इ-निबंधन और इसके प्रति व्यावहारिक जागरूकता फैलायेंगी. इस कार्य से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल दीदी सह सक्षमा दीदी के नाम से जाना जायेगा.
निबंधन के लिए जल्द ही जीविका दीदियों का चयन होगा.
चयनित दीदियों कोविशेष रूप से कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन फॉर्म भरना, दस्तावेज अपलोड करने और इ-निबंधन शुल्क जमा करने की ट्रेनिंग दी जायेगी. चयनित दीदियों को कंप्यूटर, प्रिंटर और वाइ-फाइ की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. यह योजना जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी.
मैट्रिक व इंटरमीडिएट पास दीदियों को मिलेगी प्राथमिकता
ग्रामीण विकास विभाग ने मैट्रिक, इंटरमीडिएट, कंप्यूटर डिप्लोमा या अन्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त एक हजार से अधिक जीविका दीदियों को इसके लिए प्राथमिकता देने का फैसला किया है. ये दीदियां न केवल इ-निबंधन बल्कि विवाह निबंधन, गोदनामा निबंधन जैसी अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करेंगी.
ग्रामीण क्षेत्रों में 270 दीदी अधिकार केंद्रों का होगा संचालन
वर्तमान में राज्य में लगभग 1.50 करोड़ जीविका दीदियां कार्यरत हैं. प्रत्येक ब्लॉक में जीविका कार्यालय हैं, जहां 805 दीदियां कार्यरत हैं. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 270 दीदी अधिकार केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां आवासीय प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज जारी किये जा रहे हैं. इस पहल से ग्रामीणों को इ-निबंधन को समझने में आसानी होगी और निबंधन की प्रक्रिया तेज व पारदर्शी बनेगी.
योजना की मुख्य घोषणा क्या है?
इस नई पहल के तहत बिहार सरकार ने यह फैसला किया है कि:-
- राज्य के हर संकुल स्तरीय संघ को 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी
- यह राशि जीविका बैंक में अंशदान के रूप में जमा होगी
- पूरे बिहार में कुल 1677 संकुल स्तरीय संघ इस योजना के दायरे में आएंगे
- कुल मिलाकर 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जीविका नेटवर्क को दी जाएगी
यह पैसा किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे संघ को मिलेगा, जिससे सभी सदस्य महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
कितनी जीविका दीदियां होंगी लाभान्वित?
बिहार में जीविका का नेटवर्क बहुत बड़ा है:
- राज्य में 1.50 करोड़ से अधिक जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं
- लगभग 270 प्रखंडों में जीविका कार्यालय कार्यरत हैं
- हर जिले में जीविका दीदियां विकास कार्यों में अहम भूमिका निभा रही हैं
इस योजना का असर सीधे-सीधे करोड़ों ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।
लोन की राशि कितनी मिलेगी?
जीविका बैंक के माध्यम से दीदियों को जरूरत के अनुसार लोन मिलेगा:
- न्यूनतम लोन: 75,000 रुपये
- अधिकतम लोन: 3 लाख रुपये तक
- लोन सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा
- ब्याज दर कम और भुगतान की शर्तें आसान होंगी
लोन का उपयोग पूरी तरह उत्पादक कार्यों के लिए किया जाएगा।
गांवों में जीविका दीदियां करेंगी ई-निबंधन
इस योजना की एक और बड़ी खासियत यह है कि अब:
- गांवों में ऑनलाइन निबंधन (ई-निबंधन) का काम जीविका दीदियां करेंगी
- विवाह निबंधन
- जन्म प्रमाण पत्र
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- अन्य सरकारी सेवाओं की जानकारी
अब लोगों को इन कामों के लिए प्रखंड या जिला कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
डिजिटल दीदी सेवा केंद्र की शुरुआत
सरकार द्वारा जीविका दीदियों को डिजिटल दीदी के रूप में भी तैयार किया जा रहा है। इसके तहत:
- कंप्यूटर संचालन की ट्रेनिंग
- इंटरनेट और ऑनलाइन फॉर्म भरना
- दस्तावेज अपलोड और प्रिंट सुविधा
- डिजिटल भुगतान की जानकारी
गांवों में डिजिटल दीदी सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे डिजिटल इंडिया का सपना साकार होगा।
महिलाओं को क्या-क्या प्रशिक्षण मिलेगा?
जीविका दीदियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- कंप्यूटर और टैबलेट का उपयोग
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सरकारी योजनाओं की जानकारी
- बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता
इससे महिलाएं न सिर्फ खुद आगे बढ़ेंगी, बल्कि दूसरों को भी मार्गदर्शन देंगी।
इस योजना से होने वाले बड़े फायदे
इस फैसले से कई स्तरों पर लाभ होगा:
- ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
- गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
- महिलाओं की डिजिटल और बैंकिंग समझ मजबूत होगी
- सरकारी सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचेंगी
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा
कब से मिलेगा योजना का लाभ?
- योजना को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
- जल्द ही सभी संकुल स्तरीय संघों के खातों में राशि जमा की जाएगी
- फरवरी से लोन वितरण प्रक्रिया तेज होने की संभावना है
जीविका दीदियों को अपने संबंधित संघ और कार्यालय से संपर्क में रहना चाहिए।
निष्कर्ष
जीविका दीदियों के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का पास होना बिहार के ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। हर संकुल स्तरीय संघ को 25 लाख रुपये का अंशदान मिलने से जीविका नेटवर्क मजबूत होगा, महिलाओं को सस्ता लोन मिलेगा और गांवों में स्वरोजगार को नई रफ्तार मिलेगी।
यह योजना साबित करती है कि जब महिलाओं को सही संसाधन और अवसर मिलते हैं, तो वे पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं।
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