कक्षा 9वीं से 12वीं के विधार्थीयों को मिल रहा है फ्री में किताब- अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम में:-राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम के छात्रों के लिए लागू होगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो और सभी बच्चों को समान शैक्षणिक संसाधन मिल सकें।
नए सत्र में नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को भी निःशुल्क किताबें
सूबे में सरकारी स्कूल के 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को भी नए सत्र से निःशुल्क किताबें मिलेंगी। बच्चों के लिए पुस्तकें हिन्दी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में उपलब्ध होंगी। अब तक पहली से आठवीं तक के बच्चों को बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। हालांकि, यह किताबें केवल हिन्दी माध्यम की होती हैं। अब न केवल 9वीं से 12वीं के बच्चों को मुफ्त किताबें मिलेंगी, बल्कि यह हिन्दी और अंग्रेजी के विकल्प में मिल सकेंगी।
हिन्दी व अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध होंगी किताबें, मुजफ्फरपुर में पौने दो लाख बच्चों को लाभ
नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए किताबों के 12 लाख से अधिक सेट तैयार किए जा रहे हैं। इसके तहत 88 लाख से अधिक पुस्तकें मुद्रित कराई जा रही हैं। इनकी छपाई 10 मार्च तक करा लेने का लक्ष्य रखा गया है। अप्रैल में नए सत्र में बच्चों को ये पुस्कें उपलब्ध होंगी।
84 करोड़ से अधिक खर्च होगा किताबों की छपाई पर
विभाग ने निर्देश दिया है कि किताबें सभी पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई जाएंगी | पुस्तकालयों के माध्यम से इसे बच्चों को दिया जाएगा। कुल 88 लाख 73 हजार 14 पुस्तकों के मुद्रण पर 84.98 करोड़ लागत आएगी। जिलावार बच्चों की संख्या के आधार पर पुस्तकें आवंटित की जाएंगी। मुजफ्फरपुर जिले में 9वीं से 12वीं कक्षा में लगभग पौने दो लाख बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
शिक्षाविद् डॉ. फुल्गेन पूर्वे ने कहा कि
इससे बिहार बोर्ड के बच्चे हिन्दी और अंग्रेजी दोनों माध्यम से सभी विषयों की पढ़ाई कर पाएंगे। डीईओ कुमार अरविन्द सिन्हा ने कहा कि बच्चों की संख्या मुख्यालय को भेजी गई है। कक्षावार छात्र-छात्राओं की संख्या उपलब्ध कराई गई है।
कक्षा एक से 8 तक के लिए 13 करोड़ पुस्तकें
इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए वर्ग एक से आठ तक के बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने के लिए एक करोड़ 21 लाख 65 हजार 487 सेट के तहत लगभग 13 करोड़ पुस्तकें मुद्रित कराई जा रही हैं। इनकी छपाई का काम 31 जनवरी तक पूरा कर लेना है, ताकि मार्च में बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध हो सके।
- 12 लाख से अधिक किताबों के सेट किये जा रहे तैयार
- 88 लाख से अधिक पुस्तकें कराई जा रहीं मुद्रित
- 10 मार्च तक इनकी छपाई पूरा करा लेने का लक्ष्य
- अप्रैल में नए सत्र में उपलब्ध होंगी बच्चों को किताबें
सरकार का बड़ा फैसला: शिक्षा को बनाएंगे सुलभ
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को हर साल किताबों के लिए खर्च करना पड़ता था। कई बार आर्थिक तंगी के कारण छात्र समय पर किताबें नहीं खरीद पाते थे, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है कि:-
- कक्षा 9वीं से 12वीं तक सभी पात्र छात्रों को
- पूरी तरह मुफ्त पाठ्यपुस्तकें
- सरकारी व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह कदम विशेष रूप से गरीब, मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।
किन छात्रों को मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस निःशुल्क किताब योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:-
पात्रता (Eligibility)
- छात्र कक्षा 9, 10, 11 या 12 में नामांकित हो
- नामांकन सरकारी स्कूल / सरकारी कॉलेज में हो
- छात्र हिंदी या अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर रहा हो
- शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए नामांकन मान्य हो
जिन छात्रों का नामांकन सरकारी संस्थान में है, उन्हें अलग से कोई आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में किताबें
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि:-
- हिंदी माध्यम के छात्रों को हिंदी में पाठ्यपुस्तकें
- अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को English Medium की किताबें
- उपलब्ध कराई जाएंगी।
इससे छात्रों को पढ़ाई में किसी प्रकार की भाषा संबंधी परेशानी नहीं होगी और वे अपनी कक्षा के अनुसार सही माध्यम में अध्ययन कर सकेंगे।
किताबें कहां से और कैसे मिलेंगी?
यह सवाल छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे ज्यादा है।
किताबें कहां से मिलेंगी?
- उसी स्कूल / कॉलेज से,
- जहाँ छात्र का नामांकन हुआ है।
वितरण कौन करेगा?
- किताबों का वितरण सरकारी स्कूल प्रशासन द्वारा किया जाएगा।
- पूरी प्रक्रिया सरकार की निगरानी में होगी।
वितरण कब होगा?
- किताबों का वितरण सत्र शुरू होने के आसपास किया जाएगा।
- हर स्कूल अपने स्तर पर तारीख और समय की सूचना देगा।
इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे:-
- अपने स्कूल कार्यालय या प्रधानाचार्य से संपर्क करें
- नोटिस बोर्ड पर दी गई सूचना को नियमित रूप से देखें
क्या निजी स्कूल के छात्रों को भी मिलेगा लाभ?
इस योजना का मुख्य फोकस सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों पर है।
हालांकि:-
- कुछ राज्यों में मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त (Aided) स्कूलों के छात्रों को भी लाभ मिल सकता है।
- निजी स्कूलों के छात्र इस सुविधा में शामिल हैं या नहीं, इसकी जानकारी संबंधित स्कूल प्रशासन ही दे सकता है।
छात्रों और अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी ऑनलाइन फॉर्म या आवेदन की आवश्यकता नहीं है, फिर भी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
जरूरी सुझाव
- नामांकन की स्थिति सही होनी चाहिए
- स्कूल से संपर्क बनाए रखें
- वितरण के दिन स्वयं या अभिभावक के साथ उपस्थित रहें
- स्कूल द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार
सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
इस योजना के फायदे
- सभी छात्रों को समय पर किताबें मिलेंगी
- ड्रॉपआउट रेट कम होगा
- गरीब छात्रों को आर्थिक राहत
- शिक्षा में समान अवसर
- परीक्षा की बेहतर तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क किताबें देने का सरकार का यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम है। इससे न केवल छात्रों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
यदि आप या आपके परिवार का कोई छात्र सरकारी स्कूल में पढ़ता है, तो समय रहते अपने स्कूल से संपर्क कर किताबों के वितरण की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
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