कड़ाके की ठंड- पटना समेत राज्यभर में बीते दो दिनों से धूप नहीं निकलने से ठंड बढ़ती जा रही है। सुबह में घने कोहरे और दिनभर ठंडी हवा के चलते कनकनी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिन तक मौसम में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। कोहरे से राहत मिलने के आसार कम हैं। इस बीच, रविवार को राज्यभर में गयाजी सबसे ज्यादा ठंडा रही। गयाजी का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दृश्यता महज 50 मीटर रह गई थी। वहीं पटना का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना सहित राज्य के कई जिलों में शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति बनी हुई है।
कनकनी बढ़ी… 5 दिन तक ठंड और कोहरे से राहत नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य भर में अगले सात दिन तक मौसम शुष्क बना रहेगा। सुबह और रात के समय कोहरे का प्रभाव अधिक रहेगा, जबकि दिन में भी धूप निकलने की संभावना कम है। कुछ जिलों में डेन्स फॉग को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिससे दृश्यता और कम हो सकती है। कोहरे और बढ़ती ठंड का असर जनजीवन पर साफ दिख रहा है। रविवार को पटना की सुबह कोहरे में ढंकी रही। पटना जंक्शन से सड़कों तक सन्नाटा पसरा रहा। सुबह के समय कम दृश्यता के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों को ठंड में इंतजार करना पड़ रहा है।
अब आगे क्या
- 22 दिसंबर : गयाजी, नालंदा, अरवल और जहानाबाद के कुछ स्थानों पर शीत दिवस जैसी स्थिति रहेगी। उत्तर-पश्चिम के जिलों के एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाएगा।
- 23 दिसंबर: उत्तर एवं दक्षिण-पश्चिम के जिलों के एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाएगा। अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के शेष भागों के कुछ स्थानों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाए होने की संभावना है।
तीन फ्लाइट रद्द, 13 लेट
पटना कोहरे की वजह से विमानों और ट्रेनों की लेटलतीफी जारी। विजिबिलिटी कम होने से रविवार को एअर इंडिया की पटना-दिल्ली और इंडिगो की पटना-कोलकाता एवं पटना-चेन्नई की फ्लाइट रद्द रही। वहीं 13 जोड़ी विमान लेट रहे। एयरलाइंस सूत्रों के अनुसार, मौसम विभाग ने सोमवार की सुबह भी पटना में घने कोहरे का पूर्वानुमान जारी किया है। ऐसे में सुबह की दिल्ली और कोलकाता की एक-एक फ्लाइट रद्द रह सकती है। 10 जोड़ी विमानों का ऑपरेशन 1 से 2 घंटे तक देरी से हो सकता है।
तेजस राजधानी एक्सप्रेस 8 घंटे तो संपूर्ण क्रांति 6 घंटे की देरी से पहुंची
अपने विमान का समय देख कर ही घर से निकलें। उधर, रविवार को तेजस राजधानी 8 घंटे तो संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस 6 घंटे लेट पहुंची। इसके साथ ही हरिद्वार-राजगीर स्पेशल 19 घंटे, इस्लामपुर-पटना मेमू 1 घंटा, पटना-कोटा एक्सप्रेस 2 घंटे, दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 1 घंटा, इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस 2 घंटे, दिल्ली-पटना अमृत भारत एक्सप्रेस 3 घंटे, महानंदा एक्सप्रेस 1 घंटा, फरक्का एक्सप्रेस 3 घंटे और कुंभ एक्सप्रेस 5 घंटे लेट रही। विमानों और ट्रेनों की लेटलतीफी से इस ठंड में यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बिहार में ठंड की छुट्टी क्यों की गई?
हर साल दिसंबर–जनवरी में बिहार के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 5–7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है शीतलहर के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है ऐसे हालात में बच्चों का सुबह स्कूल जाना जोखिम भरा हो जाता है। इसी वजह से प्रशासन ने ठंड की छुट्टी का फैसला लिया है।
क्या सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं?
यह जानना बहुत जरूरी है कि जिस जिले में जितनी अधिक ठंड पड़ती है, वहां स्कूल की छुट्टी का निर्णय लिया जाता है जिला अधिकारी (DM) को यह अधिकार होता है कि वे अपने जिले की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद करें या फिर स्कूल के समय में बदलाव करें यानी पूरे बिहार में एक साथ छुट्टी होना जरूरी नहीं है। हर जिले में स्थानीय मौसम की स्थिति के आधार पर फैसला लिया जाता है।
यह अभी पूर्ण रूप से निश्चित नहीं है कि बिहार के सभी स्कूल एवं कॉलेज बंद रहेंगे। कुछ जिलों में ठंड की गंभीरता को देखते हुए पूरी छुट्टी घोषित की गई है, जबकि कुछ जिलों में समय परिवर्तन करके स्कूलों को सामान्य से देर से खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अपने स्कूल एवं कॉलेज से संपर्क करें
क्या सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं?
बिहार में ठंड की छुट्टी का आदेश आमतौर पर इन पर लागू होता है:
- सरकारी स्कूल
- निजी (प्राइवेट) स्कूल
- आंगनबाड़ी केंद्र
- कई जिलों में कॉलेज और कोचिंग संस्थान
ठंड की छुट्टी का स्कूल और पढ़ाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
पढ़ाई पर असर लगातार छुट्टियों से सिलेबस पूरा करने में देरी, बोर्ड कक्षाओं पर अतिरिक्त दबाव, परीक्षा और टेस्ट पर प्रभाव, मासिक परीक्षा, प्री-बोर्ड टेस्ट, प्रैक्टिकल क्लास, को आगे पूरा करने में देरी।
छात्रों के स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है ठंड की छुट्टी?
ठंड की छुट्टी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया से बचे रहते हैं सुबह के कोहरे में सफर करने का खतरा कम होता है अभिभावकों की चिंता भी काफी हद तक कम हो जाती है यही कारण है कि प्रशासन इस फैसले को मानवीय और जरूरी कदम मानता है।
छात्रों को छुट्टी के दौरान क्या करना चाहिए?
छुट्टी का मतलब पढ़ाई से दूरी नहीं है। छात्र:
- पुराने टॉपिक का रिवीजन करें
- नोट्स तैयार करें
- ऑनलाइन टेस्ट दें
- बोर्ड परीक्षा वाले छात्र महत्वपूर्ण प्रश्नों पर फोकस करें
आगे क्या हो सकता है?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगर ठंड और बढ़ती है शीतलहर का प्रकोप जारी रहता है तो ठंड की छुट्टी की अवधि और बढ़ाई जा सकती है कुछ और जिलों में भी कॉलेजों को बंद करने का आदेश आ सकता है
निष्कर्ष
बिहार में ठंड को देखते हुए स्कूल–कॉलेजों में छुट्टी या समय परिवर्तन का फैसला पूरी तरह छात्रों के हित में है। जिला अधिकारी अपने-अपने जिले की स्थिति के अनुसार जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पढ़ाई पर भले ही थोड़ी असर पड़े, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
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