ठंड को देखते हुए स्कूल में हुई छुट्टी- अब इस दिन खुलेगा स्कूल कॉलेज:-बिहार में बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक स्कूलों में छुट्टी तथा अन्य कक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। यह फैसला खासतौर पर सुबह के समय अत्यधिक ठंड, कम दृश्यता और कोहरे के कारण लिया गया है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे—
- स्कूलों में छुट्टी क्यों दी गई
- किन कक्षाओं पर आदेश लागू है
- अब स्कूल और कॉलेज कब खुलेंगे
- बदला हुआ स्कूल टाइम
- छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी निर्देश
ठिठुरनः पटना में 5 वीं कक्षा तक के स्कूल तीन दिन बंद
सर्द पछुआ हवा के कारण पटना समेत बिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी। क्योंकि, ज्यादातर जिलों के न्यूनतम तापमान में शनिवार से 2 से 3 डिग्री और अधिकतम तापमान में रविवार से 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट आएगी।
बिहार में और बढ़ेगी ठंड, न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक गिरेगा
सर्दी के इस सितम को देखते हुए पटना जिले के सभी निजी एवं सरकारी विद्यालयों में पांचवीं तक की कक्षाएं 5 जनवरी तक बंद कर दी गई है। डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने शुक्रवार को इससे संबंधित आदेश जारी किया।
प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में भी पांच जनवरी तक शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक रहेगी। हालांकि, वर्ग पांच से ऊपर की कक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच संचालित की जाएंगी। लेकिन, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा से जुड़ी विशेष कक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी।
राजधानी पटना में शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे घना कोहरा छाया रहा।
9.0 डिग्री पटना में रहा न्यूनतम तापमान
शुक्रवार को पटना में सुबह के समय बहुत अधिक घना कोहरा छाया रहा। हालांकि, न्यूनतम तापमान में 0.8 और अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। पटना का अधिकतम तापमान 19.6 और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से इस सीजन में पहली बार पटना की दृश्यता 50 मीटर दर्ज की गई।
21 जिलों का नों का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में शीतलहर जैसे हालात के आसार हैं। मौसम के इस कहर से एक सप्ताह तक राहत की उम्मीद नहीं है। शुक्रवार को 21 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। सबसे कम तापमान 5.1 डिग्री सहरसा के अगवानपुर और सबसे अधिक 24.2 डिग्री किशनगंज में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 5.1 से 13.1 और अधिकतम 16.3 से 24.2 डिग्री के बीच रहा। गया जी में दृश्यता 00 मीटर रही।
आठ विमान रद्द, तेजस 10 घंटे देर से आई
घने कोहरे के कारण पटना में शुक्रवार को आठ विमान रद्द रहे। वहीं, 12310 तेजस राजधानी 10 घंटे 49 मिनट और 12394 संपूर्ण क्रांति 13 घंटे 40 मिनट की देरी से पटना जंक्शन पहुंची। उधर, दरभंगा में भी कई विमान देर से पहुंचे। सुबह 10.50 बजे दिल्ली से आने वाली फ्लाइट 1.29 बजे पहुंची।
पटना में आज भी छाया रहेगा घना कोहरा
राजधानी पटना में शनिवार को सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं। दिन में आसमान साफ होने के बाद धूप निकलने की भी संभावना है।
तैयारीः राज्य में इसी साल 572 मॉडल स्कूल बनेंगे
राज्य में इसी साल 572 स्कूल मॉडल बनेंगे। जिलास्तर पर एक-एक जबकि सभी 534 प्रखंडों में एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। ऐसे स्कूलों को चिह्नित कर लिया गया है। जिलों ने शिक्षा विभाग को सूची भेज दी है। स्थलीय जांच के बाद इसी माह मॉडल स्कूल के नाम तय हो जाएंगे। इसके बाद यहां जरूरी संसाधन विकसित किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मॉडल स्कूल के रूप में इन स्कूलों का संचालन शुरू हो जाए। सरकार ने मॉडल स्कूलों को निजी स्कूल से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है। उच्चतर माध्यमिक स्तर के इन मॉडल स्कूलों में बच्चों की संख्या के हिसाब से कक्षा के सेक्शन होंगे।
शिक्षा विभाग ने जिला-प्रखंड स्तर पर विद्यालयों को चिह्नित किया, इसी माह नाम तय होंगे
जितने सेक्शन होंगे, उसी हिसाब से शिक्षकों की भी प्रतिनियुक्ति होगी। उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 और उच्च माध्यमिक स्कूल (कक्षा 9 से 12) में न्यूनतम 16 शिक्षक होंगे। हालांकि, अधिक नामांकन पर शिक्षकों की संख्या बढ़ सकती है।
उत्कृष्ट शिक्षक तैनात होंगे
मॉडल स्कूलों में विभिन्न विषयों के जाने वाले शिक्षक प्रतिनियुक्ति होंगे। पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर रखने के लिए यहां के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। पुस्तकालय में प्रतियोगिता परीक्षा की पुस्तकें भी रहेंगी।
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी
मॉडल स्कूल के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जाएगी। विशेषज्ञ शिक्षक ऑनलाइन और ऑफलाइन तैयारी कराएंगे।
एआई में दक्ष, खेल में आगे होंगे बच्चे
मॉडल स्कूल के रूप में ऐसे स्कूल का चयन किया गया है, जहां परिसर में जगह की कमी नहीं हो। मॉडल आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए अलग से राशि का भी प्रावधान किया जाएगा। आवश्यकतानुसार वर्गकक्ष भी बढ़ाये जाएंगे। जिस स्कूल में पहले से पर्याप्त भवन और वर्गकक्ष नहीं हैं, वहां अलग से भवन और वर्ग कक्ष का निर्माण होगा।
अन्य स्कूलों के लिए आदर्श
प्रखंड और जिला स्तर के मॉडल स्कूल अन्य स्कूलों के लिए भी आदर्श स्कूल होंगे। यहां का प्रबंधन और शिक्षण विधि को अन्य स्कूल में भी लागू कराने का प्रयास होगा। इस स्कूल में अन्य स्कूलों के शिक्षकों को भी भ्रमण कराया जाएगा। शिक्षकों के लिए यहां प्रशिक्षण की भी व्यवस्था हो सकती है।
आगामी शैक्षणिक सत्र में इसे चालू करने का लक्ष्य
- 38 मॉडल स्कूल जिलास्तर पर, प्रखंड स्तर पर 534 स्कूल
- जिलों ने शिक्षा विमाग को भेजी चिह्नित स्कूलों की सूची
सभी जिलों, प्रखंडों में इसी साल एक-एक मॉडल स्कूल विकसित हो जाएंगे। स्कूलों को चिह्नित कराकर सूची मंगा ली गई है। जांच के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण सूचना (अवश्य पढ़ें)
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह आदेश पूरे बिहार के लिए एक समान नहीं होता। ठंड, कोहरा और तापमान की स्थिति हर जिले में अलग-अलग होती है, इसी कारण—
- प्रत्येक जिले में जिला प्रशासन (DM/DEO) अपने स्तर से निर्णय लेता है
- कहीं स्कूल बंद रहते हैं, तो कहीं केवल समय में बदलाव किया जाता है
- कुछ जिलों में आदेश पहले जारी होता है, कुछ में बाद में
इसलिए यह जरूरी नहीं है कि जो आदेश पटना या किसी अन्य जिले में लागू हो, वही आपके जिले में भी लागू हो।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
सभी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि—
- अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य / शिक्षक से सीधे संपर्क करें
- स्कूल के नोटिस बोर्ड, व्हाट्सऐप ग्रुप या आधिकारिक सूचना अवश्य देखें
- केवल सोशल मीडिया या अफवाहों के आधार पर स्कूल न मानें
- यदि स्पष्ट सूचना न मिले, तो विद्यालय जाकर पुष्टि करें कि
आपका स्कूल बंद है या खुला है
क्यों जरूरी है स्कूल से पुष्टि करना?
- जिला प्रशासन आदेश सीधे विद्यालय प्रबंधन को भेजता है
- कई बार आदेश आंशिक रूप से लागू होता है (जैसे केवल प्राइमरी क्लास)
- समय में बदलाव की जानकारी केवल स्कूल स्तर पर दी जाती है
इसीलिए छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई—दोनों के लिए विद्यालय से सही जानकारी लेना अनिवार्य है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
ठंड के मौसम में सावधानी बेहद जरूरी है—
- बच्चों को स्वेटर, जैकेट, टोपी और मफलर पहनाकर भेजें
- सुबह कोहरे में निकलते समय सावधानी बरतें
- स्कूल/कॉलेज की आधिकारिक सूचना (नोटिस बोर्ड, व्हाट्सऐप ग्रुप, वेबसाइट) पर नजर रखें
- बीमार बच्चों को जबरन स्कूल न भेजें
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