मजबूत शरीर चाहिए तो आज से खाने में विटामिन डी का ये सोर्स शामिल करें:-आज के समय में कमजोरी, हड्डियों में दर्द, जल्दी थकान और बार-बार बीमार पड़ना आम समस्या बन चुकी है। इसका सबसे बड़ा कारण है Vitamin D की कमी। भारत जैसे धूप वाले देश में रहने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग विटामिन-D डिफिशिएंसी से जूझ रहे हैं।
अगर आप भी चाहते हैं कि
- शरीर मजबूत रहे
- हड्डियाँ मजबूत हों
- इम्युनिटी पावर बढ़े
- मांसपेशियाँ ताकतवर बनें
तो आपको आज से ही खाने में Vitamin D के सही सोर्स शामिल करने होंगे।
इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे
- विटामिन-D क्या है
- Vitamin D की कमी क्यों होती है
- कमी के लक्षण
- Vitamin D के बेस्ट फूड सोर्स
- धूप लेने का सही तरीका
- रोज़ाना कितनी मात्रा जरूरी
- महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास सलाह
विटामिन-D क्या है? (What is Vitamin D)
विटामिन-D एक फैट सॉल्युबल विटामिन है, जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस को अवशोषित करने में मदद करता है। यही कारण है कि इसे हड्डियों की मजबूती का विटामिन कहा जाता है।
Vitamin D शरीर में तीन मुख्य काम करता है:-
- हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाता है
- मांसपेशियों की ताकत बढ़ाता है
- इम्युन सिस्टम को मजबूत करता है
Vitamin D की कमी क्यों होती है?
भारत में Vitamin D की कमी के मुख्य कारण
- धूप में कम निकलना
- ऑफिस/घर के अंदर ज़्यादा रहना
- सनस्क्रीन का अधिक उपयोग
- गलत खान-पान
- उम्र बढ़ना
- गर्भावस्था और स्तनपान
विटामिन-D की कमी के लक्षण (Vitamin D Deficiency Symptoms)
अगर शरीर में Vitamin D की कमी हो जाए तो ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं
- हड्डियों में दर्द
- कमर, घुटने या जोड़ों में दर्द
- जल्दी थकान महसूस होना
- मांसपेशियों में कमजोरी
- बाल झड़ना
- बार-बार सर्दी-खांसी या इंफेक्शन
- बच्चों में हड्डियों का टेढ़ा होना
लंबे समय तक कमी रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
मजबूत शरीर के लिए Vitamin D के बेस्ट फूड सोर्स
अब जानते हैं खाने-पीने की वो चीजें, जिनसे आप Vitamin D की कमी को पूरा कर सकते हैं।
मज़बूत शरीर की नींव है विटामिन-डी
आज के दौर में विटामिन-डी की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। शोध बताते हैं कि हर पांच में से एक व्यक्ति इस कमी से प्रभावित है। चिंता की बात यह है कि इसकी कमी धीरे-धीरे कई तरह की स्वास्थ्य परेशानियों को जन्म देती है, क्योंकि विटामिन-डी सिर्फ हड्डियों को मजबूत रखने के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के सुचारु संचालन के लिए भी बेहद जरूरी है।
इसी बीच मकर संक्रांति ऐसा समय लेकर आती है जब सूर्य की किरणें उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगती हैं और दिन में धूप बढ़नी शुरू होती है। इस मौसम में सुबह की हल्की धूप विटामिन-डी पाने का एक प्राकृतिक और आसान तरीका है।
जब हमारी त्वचा सूर्य की किरणों के संपर्क में आती है, तब शरीर स्वयं विटामिन-डी बनाता है। यह विटामिन शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है, जिससे हड्डियां व दांत मजबूत बने रहते हैं। वहीं, जब शरीर में विटामिन-डी का स्तर कम हो जाता है, तो कैल्शियम ठीक ढंग से अवशोषित नहीं हो पाता। इसका सीधा असर हड्डियों, मांसपेशियों व रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। महिलाओं में हॉर्मोन संतुलन बनाए रखने में भी इसकी अहम भूमिका होती है।
इसलिए होती है कमी
लोग ज्यादातर समय घर या कार्यालय के भीतर बिताते हैं व सुबह की धूप भी नहीं लेते। असंतुलित आहार, प्रोसेस्ड चीजों पर निर्भरता और बढ़ती उम्र भी इस कमी को बढ़ाते हैं।
लक्षण बताते हैं ज़रूरत
लगातार थकान महसूस होना, हड्डियों, जोड़ों और कमर में दर्द, बार-बार सर्दी-जुकाम होना, बालों का झड़ना व मनोदशा में बदलाव इसके आम संकेत हैं। लंबे समय तक विटामिन-डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, मांसपेशियों में कमजोरी और रोग-प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, ख़ासकर महिलाओं और बुजुर्गों में।
रोज़ के आहार से होगी पूर्ति
- बच्चे… (1-12 वर्ष)
- दैनिक जरूरत- लगभग 10-15 माइक्रोग्राम।
- किशोर और वयस्क… (13-55 वर्ष)
- दैनिक जरूरत-15-20 माइक्रोग्राम।
- वरिष्ठ… (56+ वर्ष)
- दैनिक जरूरत-20-25 माइक्रोग्राम।
- महिलाएं… (18-40 वर्ष)
- दैनिक जरूरत-15-20 माइक्रोग्राम।
- गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं
- दैनिक जरूरत- 20-25 माइक्रोग्राम।
- 40+ महिलाएं/मीनोपॉज के आसपास
- दैनिक जरूरत-20-25 माइक्रोग्राम।
यहां मिलेगा विटामिन-डी
धूप सबसे अच्छा स्रोत है, विटामिन-डी पाने का। सुबह 8:30-10:30 बजे के बीच धूप में 15-20 मिनट बैठें। हाथ, पैर और चेहरा खुले हो, इसका ध्यान रखें। शीशे की आड़ में, बादलों वाली धूप में या सनस्क्रीन लगाकर धूप न लें।
- आहार…
- घी, मक्खन, दूध या दही लें। घर का बना पनीर लेना फ़ायदेमंद है। तिल, मूंगफली और चने (हड्डियों को मजबूत करने के लिए) का सेवन करें।
- मांसाहारी आहार…
- अंडे की जर्दी (2-3 बार/सप्ताह) लें। फैटी मछलियां, जैसे मैकेरल, हिल्सा और सारडिन आदि विटामिन-डी का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें नियमित आहार में शामिल करें। इनके अलावा, रोहू, साल्मन और ट्यूना मछलियां भी विटामिन-डी के अच्छे स्रोत होती हैं, जिनका सेवन सप्ताह में 1-2 बार करें।
- सप्लीमेंट्स…
- आहार से विटामिन-डी की पूर्ति नहीं की जा सकती। अधिक कमी की स्थिति में चिकित्सक की सलाह पर सप्लीमेंट्स लिए जाते हैं। इसे खुद न लें।
कैल्शियम के साथ फ़ायदा मिलेगा
विटामिन-डी कैल्शियम के साथ लेने से फ़ायदा मिलता है। उदाहरण के लिए- फैटी फिश और तिल/चना- मछली में विटामिन-डी और तिल/चने में कैल्शियम और खनिज होते हैं। अंडे की जर्दी व दूध/दही- अंडे की जर्दी में विटामिन-डी व दूध/दही में कैल्शियम होता है।
विटामिन-डी और कैल्शियम का सही संयोजन होना जरूरी है, लेकिन सही मात्रा के बिना सिर्फ़ संयोजन से कमी पूरी नहीं होती। इसलिए इसके लिए आहार विशेषज्ञ की सलाह लें तो बेहतर है।
धूप से Vitamin D कैसे लें? (Best Time for Sunlight)
Vitamin D पाने का सबसे सस्ता और प्राकृतिक तरीका है धूप।
सही समय:-
- सुबह 8:30 से 10:30 बजे
सही तरीका:-
- 15–20 मिनट
- हाथ, पैर और चेहरा खुले रखें
- बिना सनस्क्रीन
रोज़ाना थोड़ी सी धूप लेने से शरीर खुद Vitamin D बना लेता है।
रोज़ाना कितनी मात्रा में Vitamin D चाहिए?
उम्र के अनुसार Vitamin D की जरूरत
| वर्ग | रोज़ाना जरूरत |
|---|---|
| बच्चे (1–12 वर्ष) | 10–15 mcg |
| किशोर (13–18 वर्ष) | 15–20 mcg |
| वयस्क | 15–20 mcg |
| बुज़ुर्ग | 20–25 mcg |
| गर्भवती/स्तनपान महिलाएं | 20–25 mcg |
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खास सलाह
- महिलाओं में Vitamin D की कमी ज्यादा पाई जाती है
- मेनोपॉज के बाद हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं
- बुजुर्गों में गिरने और फ्रैक्चर का खतरा रहता है
रोज़ाना धूप + सही डाइट बहुत जरूरी है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर मजबूत, हड्डियाँ ताकतवर और इम्युनिटी जबरदस्त बनी रहे, तो Vitamin D को नज़रअंदाज़ न करें।
- रोज़ धूप लें
- Vitamin D युक्त आहार अपनाएं
- जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें
आज से ही ये आदतें अपनाएँ और शरीर को अंदर से मजबूत बनाएं।
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