मैट्रिक प्रैक्टिकल परीक्षा 20 से शुरू- ऐसे होगा मैट्रिक का प्रैक्टिकल परीक्षा:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा मैट्रिक (10वीं) बोर्ड परीक्षा सत्र 2025–27 के अंतर्गत प्रैक्टिकल परीक्षा 20 जनवरी 2026 से शुरू की जा रही है। यह परीक्षा 22 जनवरी 2026 तक जिले के लगभग 400 स्कूलों में आयोजित की जाएगी। इस प्रैक्टिकल परीक्षा में करीब 68 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे।
बोर्ड ने इस बार प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
मैट्रिक प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 : मुख्य जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | मैट्रिक प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 |
| आयोजन तिथि | 20 जनवरी से 22 जनवरी 2026 |
| परीक्षा केंद्र | स्कूल स्तर पर |
| शामिल छात्र | लगभग 68,000 |
| कुल स्कूल | लगभग 400 |
| परीक्षा बोर्ड | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) |
20 जनवरी से 400 स्कूलों में मैट्रिक की प्रैक्टिकल परीक्षा
मैट्रिक की प्रैक्टिकल परीक्षा 20 जनवरी से जिले के 400 स्कूलों में होगी। जिले में लगभग 68 हजार परीक्षार्थी इसमें शामिल होंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इसकी गाइडलाइन जारी कर दी है।
परीक्षा समिति ने निर्देश दिया है कि
कंपार्टमेंटल और बेंटरमेंट वाले परीक्षार्थी के पिछले साल का अंक ही जोड़ा जाएगा। इन परीक्षार्थियों को प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल नहीं होना है। 20 से 22 जनवरी के बीच इसे पूरा कर लेना है। स्कूलों में ही प्रैक्टिकल परीक्षा होगी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जारी की गाइडलाइन
इसमें विभिन्न विषयों में इंटरनल एसेसमेंट के साथ ही लिटरेसी एक्टिविटी और प्रोजेक्ट वर्क भी होना है। परीक्षा समिति ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए अलग व्यवस्था कर रखी है।इनके लिए केवल संगीत की प्रैक्टिकल परीक्षा होगी।
बोर्ड ने कहा है कि
ऐसे पूर्ववर्ती छात्र जो पहली बार मैट्रिक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा देनी है। प्रैक्टिकल के लिए भी डाटायुक्त सभी सामग्री भेजी गई है। इसमें कॉपी के साथ ओएमआर भी शामिल है।
जिन स्कूलों का संबंद्धन रद्द किया गया है, उनके परीक्षार्थियों को पास के संबद्ध स्कूल के साथ टैग किया जाएगा। मार्क्स फाइल में सभी प्रायोगिक परीक्षा के अंकों को भरकर भेजना है। 28 जनवरी तक अनिवार्य रूप से इसे डीईओ कार्यालय में जमा कर देना है।
15% स्कूलों में ही पहले दिन हुआ इंटर का प्रैक्टिकल
10 से 15 फीसदी स्कूलों में ही पहले दिन शनिवार को इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू हो सकी। शहरी क्षेत्र के प्लस टू टू स्कूल, इंटर कॉलेज के साथ प्रखंडों में भी यही स्थिति रही। अधिकांश स्कूलों ने कहा कि एक्सटर्नल की कमी के कारण अलग-अलग शिड्यूल करना पड़ा है। साइंस विषयों की परीक्षा के लिए एक्सटर्नल खोजे जा रहे हैं। मनचाहे शिक्षकों को एक्सटर्नल के तौर पर बुलाने को लेकर भी यह दिक्कत आ रही है।
प्राचार्यों ने कहा कि
प्लस टू के शिक्षकों से मिले समय के अनुसार ही परीक्षा का शिड्यूल तैयार किया गया है। अधिकांश स्कूल ने कहा कि 12 से 17 जनवरी के बीच बच्चों को बुलाया गया है। जिन स्कूलों में परीक्षा हुई, वहां मनोविज्ञान, भौतिकी की परीक्षा ली गई। प्रैक्टिकल के लिए आए छात्र-छात्राओं ने कहा कि लैब में हमें परेशानी हुई क्योंकि बहुत कम लैब हमलोगों ने किया था।
इंटर-मैट्रिक परीक्षा में हर चार केंद्रों पर होगा एक गश्ती दल
इंटर और मैट्रिक परीक्षा के दौरान प्रत्येक चार केंद्रों पर एक गश्ती दल होगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी जिले के डीएम को इसका निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रश्नपत्र मिलेगा।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अधिकारियों-कर्मियों को नाम-पता करना होगा दर्ज
जिले में दोनों परीक्षाओं को लेकर 104 केंद्राधीक्षक बनाए गए हैं। जिले में मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर 23 केंद्रों पर 800 से अधिक बेंच डेस्क मांगे गये हैं। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि गश्ती दंडाधिकारी के साथ केंद्र पर तैनात कोई अधिकारी-कर्मी भी रहेंगे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले रजिस्टर पर उन्हें अपना नाम पता दर्ज करना होगा। इसके बिना किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। मैट्रिक-इंटर परीक्षा में बेंच-डेस्क की दिक्कत काफी आ रही है। जिस केंद्र पर पहले से परीक्षा ली जाती रही है, आवासन भी पहले की तरह ही है, इसके बाद भी वहां बेंच डेस्क की कमी बताई जा रही है।
केन्द्राधीक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार दोनों परीक्षाओं में कमरों के अनुसार आवासन दे दिया गया, लेकिन जब भौतिक जांच हुई तो उसके अनुसार केन्द्र पर बेंच डेस्क नहीं है।
निजी स्कूलों में बनाए गए केंद्र पर अधिक परेशानी है। कई केंद्र ऐसे हैं, जहां आवासन तो 500 से 900 तक है, लेकिन वहां बेंच डेस्क 200-300 बच्चों के लिए ही है। इस बार 50 नए केन्द्राधीक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पहली बार परीक्षा लेंगे।
227 में 210 केंद्र ही अबतक ले गए प्रैक्टिकल के सामान
जिले में प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर 227 केंद्र बनाए गए हैं। प्रैक्टिकल के लिए प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट, उपस्थिति और अनुपस्थिति पत्रक, अवार्ड शीट, पॉली बैग समेत अन्य सामग्री इन्हें दी जा रही है। गुरुवार देर शाम तक 227 में 210 केन्द्र सामग्री ले गए। 10 जनवरी से इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा होनी है।
- 104 केंद्राधीक्षक जिले में दोनों परीक्षाओं को लेकर बनाए गए
- 800 से अधिक बेंच डेस्क की जरूरत 23 केंद्रों पर बताई गई है
- इंटर और मैट्रिक परीक्षा को लेकर बिहार बोर्ड का डीएम को निर्देश
- गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही जारी किया जाएगा प्रश्नपत्र
किन विषयों की होगी मैट्रिक प्रैक्टिकल परीक्षा
मैट्रिक स्तर पर मुख्य रूप से इन विषयों की प्रैक्टिकल परीक्षा होती है:-
- विज्ञान (Physics, Chemistry, Biology)
- गृह विज्ञान
- कंप्यूटर / आईटी (जहां लागू)
- कृषि (यदि विषय लिया गया हो)
मैट्रिक प्रैक्टिकल परीक्षा में 20 में से 20 नंबर कैसे प्राप्त करें?
यह सवाल हर छात्र के मन में होता है। नीचे व्यावहारिक और परीक्षक-अनुकूल तरीके बताए गए हैं, जिनका पालन करके छात्र बीच से पूरे 20 नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
1. प्रैक्टिकल फाइल और कॉपी पूरी तरह तैयार रखें
- प्रैक्टिकल फाइल साफ, पूरी और क्रमबद्ध हो
- सभी प्रयोग लिखे हों
- शिक्षक के हस्ताक्षर और मुहर अवश्य हों
कई स्कूलों में केवल अच्छी फाइल के लिए 5–6 नंबर मिल जाते हैं।
2. Viva (मौखिक परीक्षा) में घबराएं नहीं
- आसान सवाल पूछे जाते हैं
- प्रयोग से जुड़े नाम, परिभाषा, उपयोग जरूर याद रखें
- “नहीं पता” कहने से बेहतर है, थोड़ा समझाकर जवाब देना
Viva में सामान्यतः 5 नंबर मिलते हैं।
3. प्रयोग (Experiment) खुद से करें
- शिक्षक या परीक्षक को दिखाएं कि आप प्रयोग समझते हैं
- उपकरणों का सही उपयोग करें
- जल्दबाजी न करें
सही प्रयोग पर 6–7 नंबर मिलते हैं।
4. उपस्थिति और व्यवहार भी मायने रखता है
- समय से पहले पहुंचें
- यूनिफॉर्म या साधारण वेश में रहें
- शिक्षक से शिष्ट व्यवहार रखें
व्यवहार और उपस्थिति पर भी आंतरिक मूल्यांकन होता है।
5. पहले से प्रैक्टिकल की तैयारी करें
- स्कूल में कराए गए प्रयोग दोबारा देखें
- शिक्षक से पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्नों की सूची याद करें
पहली बार प्रैक्टिकल दे रहे छात्रों के लिए विशेष सलाह
- डरें नहीं, प्रैक्टिकल परीक्षा थ्योरी से आसान होती है
- अधिकतर छात्रों को 15 से 20 नंबर मिलते हैं
- बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को फेल करना नहीं है
अगर प्रैक्टिकल में अनुपस्थित रहे तो क्या होगा?
- अनुपस्थिति की स्थिति में छात्र को अनुपस्थित (Absent) माना जाएगा
- आगे चलकर थ्योरी रिजल्ट पर भी असर पड़ सकता है
- इसलिए किसी भी स्थिति में प्रैक्टिकल परीक्षा न छोड़ें
निष्कर्ष (Conclusion)
मैट्रिक प्रैक्टिकल परीक्षा 20 जनवरी 2026 से शुरू होकर 22 जनवरी 2026 तक चलेगी। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा स्कूल स्तर पर, कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी। यदि छात्र प्रैक्टिकल फाइल, Viva और प्रयोग पर सही ध्यान दें, तो 20 में 20 नंबर प्राप्त करना बिल्कुल संभव है।
छात्रों को सलाह है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, अपने शिक्षक के निर्देशों का पालन करें और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
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