शिक्षक और विधार्थीयों की ऑनलाइन हाजरी बनना शुरू | ऐसे बनेगा हाज़िरी:-सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए अब शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाज़िरी अनिवार्य कर दी गई है। खासकर कक्षा 10वीं से ऊपर पढ़ने वाले छात्रों और उनके शिक्षकों के लिए यह व्यवस्था सख्ती से लागू की गई है। शिक्षा विभाग के अनुसार, जो स्कूल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी।
इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि
- ऑनलाइन हाज़िरी क्यों शुरू की गई
- शिक्षक और छात्र की हाज़िरी कैसे बनेगी
- कौन-कौन से नियम लागू होंगे
- हाज़िरी न बनाने पर क्या कार्रवाई होगी
- स्कूल, शिक्षक और छात्र को क्या-क्या सावधानी रखनी होगी
10 से शिक्षक और विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी जरूरी
जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार लिए शिक्षा विभाग ने बिहार अटेंडेंस एप पर शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने को लेकर सख्ती बरती है.
सख्ती . उपस्थिति नहीं बनाने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
विभाग की ओर से जिले के वैसे सभी स्कूल जिन्हें दो-दो टैब उपलब्ध कराये गये वहां पायलट प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया है. 10 फरवरी से जिले के उन स्कूलों पर कार्रवाई होगी, जो बिहार अटेंडेंस एप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं. इस पायलट प्रोजेक्ट को सफलता मिलने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा.
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में डीइओ को निर्देशित किया गया है. इसमें स्कूल के प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित किये जाने के साथ ही यह अवगत कराया जाये कि निदेशालय द्वारा पंजीकरण एवं उपस्थिति की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है.
14 प्रखंडों के 34 सौ स्कूलों को मिले दो-दो टैबलेट
जिले के 34 सौ स्कूलों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध करा दिया गया है. जिले के 14 प्रखंडों के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर हर गतिविधि पर नजर रखने का कार्य शुरू भी हो गया है.
जिले के उन स्कूलों पर होगी कार्रवाई जो बिहार अटेंडेंस एप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं
जिलेके शत प्रतिशत स्कूलों में टैबलेट की निगरानी शुरू भी कर दी गयी है. टैबलेट के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जायेगी. वर्ग शिक्षक प्रतिदिन प्रत्येक कक्षा में उपस्थित बच्चों का फोटो और वीडियो बनाकर ई-शिक्षाकोष पर अपलोड करेंगे. इसमें क्लास में चल रहे शिक्षण की कार्य का भी फोटो व वीडियो अपलोड करना होगा.
मध्याह्न भोजन खाते हुए फोटो के अलावा परिसर की साफ-सफाई का वीडियो अपलोड करना होगा
इसके अलावा बच्चों को मध्याह्न भोजन खाते हुए फोटो के अलावा परिसर की साफ-सफाई का वीडियो अपलोड करना होगा. इसके साथ ही प्रत्येक महीने के अंत में अकादमिक सत्र में पूरे किये गये विषयवार पाठ्यक्रमों का विवरण भी अपडेट करना है. अपोलड किये गये रिपोर्ट में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ ही उपस्थित सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर अनिवार्य है. कोई शिक्षक प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे तो उन्हें अनुपस्थित माना जायेगा.
ऑनलाइन हाज़िरी क्यों शुरू की गई?
पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया कि कई सरकारी स्कूलों में
- शिक्षक समय पर नहीं आते
- छात्र नियमित नहीं रहते
- कागज़ी रजिस्टर में फर्जी उपस्थिति दर्ज होती है
इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू किया है, जिससे हर गतिविधि का रीयल-टाइम रिकॉर्ड रखा जा सके।
किन कक्षाओं में लागू हुआ नियम?
- कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं
- कुछ जिलों में इसे धीरे-धीरे मिडिल स्कूल तक भी लागू किया जा रहा है
सरकार का साफ निर्देश है कि बोर्ड कक्षाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऑनलाइन हाज़िरी कैसे बनेगी? (पूरी प्रक्रिया)
1. टैबलेट से लॉगिन
- हर स्कूल को सरकारी टैबलेट दिया गया है
- टैबलेट में शिक्षा विभाग का अधिकृत ऐप इंस्टॉल रहेगा
- शिक्षक अपने यूज़र ID और पासवर्ड से लॉगिन करेंगे
2. शिक्षक की डिजिटल हाज़िरी
- स्कूल पहुंचते ही शिक्षक को
- समय के साथ हाज़िरी
- कई जगहों पर सेल्फी/फोटो आधारित अटेंडेंस
दर्ज करनी होगी
- यह हाज़िरी सीधे शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सेव होगी
3. विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति
- प्रत्येक कक्षा में
- छात्रों की फोटो या वीडियो
- कक्षा में उपस्थिति का रिकॉर्ड
अपलोड किया जाएगा
- इससे यह प्रमाण मिलेगा कि छात्र वास्तव में कक्षा में मौजूद हैं
4. पढ़ाई का सबूत (Teaching Evidence)
शिक्षक को यह भी अपलोड करना होगा कि
- कौन-सा विषय पढ़ाया गया
- किस टॉपिक पर क्लास हुई
- बोर्ड या किताब के साथ पढ़ाते हुए फोटो/वीडियो
5. प्रधानाध्यापक द्वारा सत्यापन
- रोज़ाना की रिपोर्ट को
- प्रधानाध्यापक (HM) देखेंगे
- डिजिटल रूप से Approve/Verify करेंगे
- बिना सत्यापन के हाज़िरी मान्य नहीं होगी
टैबलेट से क्या-क्या रिकॉर्ड होगा?
| रिकॉर्ड का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| शिक्षक उपस्थिति | समय + फोटो |
| छात्र उपस्थिति | फोटो/वीडियो |
| कक्षा विवरण | विषय और टॉपिक |
| पढ़ाई का प्रमाण | लाइव क्लास फोटो |
| HM सत्यापन | डिजिटल अप्रूवल |
ऑनलाइन हाज़िरी नहीं बनाने पर क्या होगा?
अगर कोई स्कूल, शिक्षक या स्टाफ
- हाज़िरी नहीं बनाता
- फोटो/वीडियो अपलोड नहीं करता
- फर्जी उपस्थिति दर्ज करता है
तो उस स्थिति में:-
- कारण बताओ नोटिस
- वेतन रोक
- विभागीय जांच
- अनुशासनात्मक कार्रवाई
तक की जा सकती है।
छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
- नियमित स्कूल आना अनिवार्य
- कक्षा के समय मौजूद रहना जरूरी
- फोटो/वीडियो से अनुपस्थिति पकड़ी जाएगी
- फर्जी उपस्थिति की संभावना शून्य
इस सिस्टम के बड़े फायदे
- शिक्षा में पारदर्शिता
- शिक्षक की जवाबदेही
- छात्रों की नियमित पढ़ाई
- बोर्ड रिजल्ट में सुधार
- फर्जीवाड़े पर रोक
शिक्षा विभाग का साफ संदेश
“ऑनलाइन हाज़िरी केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की रीढ़ है। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
निष्कर्ष (Conclusion)
शिक्षक और विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाज़िरी व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है। इससे
- पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी
- जवाबदेही तय होगी
- और सरकारी स्कूलों पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा
अगर आप शिक्षक, छात्र या अभिभावक हैं, तो इस नियम को गंभीरता से समझना और पालन करना बेहद जरूरी है।
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