सरकारी स्कूल में फ्री में करें इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी:- सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बिल्कुल मुफ्त में कराई जाएगी। इस योजना का लाभ कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा। खास बात यह है कि यह सुविधा ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी, जिससे गांव और दूर-दराज के छात्र भी आसानी से इसका लाभ उठा सकेंगे।
यह योजना उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं कर पाते थे लेकिन प्रतिभा और मेहनत में किसी से कम नहीं हैं।
अप्रैल से 9वीं-12वीं के छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी
पटना जिले के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी। यह सुविधा नए सत्र अप्रैल 2026 से शुरू की जाएगी। इसे बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा लागू किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों के छात्रों को लाभ होगा, इंजीनियरिंग-मेडिकल की तैयारी
इस योजना का लाभ 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगा। 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। 9वीं-10वीं के छात्रों के लिए फाउंडेशन कोर्स चलेगा। जो छात्र मेडिकल या इंजीनियरिंग में नहीं जाना चाहते, उन्हें अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मौका मिलेगा।
जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार,
इस योजना के लिए देश के नामचीन कोचिंग संस्थानों से बातचीत चल रही है। आईआईटी कानपुर, आईआईटी पटना समेत अन्य प्रमुख संस्थानों का सहयोग भी लिया जाएगा।
ऑनलाइन कक्षाएं स्कूलों में ही होंगी
स्कूल में नियमित पढ़ाई के बाद रोजाना करीब एक से डेढ़ घंटे की ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। अलग-अलग विषयों के शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाएंगे। साप्ताहिक टाइम टेबल इसके लिए तैयार किया जाएगा।
सप्ताह में एक दिन मूल्यांकन
पढ़ाए गए विषयों का सप्ताह में एक दिन मूल्यांकन होगा। अच्छे प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें और प्रोत्साहित किया जाएगा। छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में विषय विशेषज्ञों से सीधे सवाल भी पूछ सकेंगे।
स्मार्ट क्लास और वाई-फाई की व्यवस्था
जिले के लगभग सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा है। जहां यह सुविधा नहीं है, वहां व्यवस्था करने के लिए संबंधित प्रखंडों से जानकारी मांगी गई है। सभी स्कूलों में वाई-फाई भी लगाया जाएगा। बिजली नहीं रहने की स्थिति में पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। यह योजना सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बड़ा सहारा बनेगी।
अब सभी स्कूल स्मार्ट क्लास से लैस होंगे
राज्य के सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। पहले कुछ ही स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम था। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 2107 प्रारंभिक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नया स्मार्ट क्लास बनाने का निर्णय लिया है। इसमें 92 टाइप 4 और 535 टाइप 1 के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल हैं।
इसके लिए प्रति स्कूल के हिसाब से 1.20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
पटना जिले में कुल 24 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना के तहत राज्य के सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी एक आइसीटी लैब और दो-दो डिजिटल इंट्रेटिव स्मार्ट क्लास बनाए जाएंगे। इसी तरह कुल 14,960 स्मार्ट क्लास रूम बनेंगे। इसके लिए 6,113 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक का चयन किया गया है।
योजना का उद्देश्य क्या है
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए शुरू से ही मजबूत आधार देना है। अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट स्कूलों और महंगी कोचिंग में पढ़ने वाले छात्रों को ज्यादा अवसर मिलते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों के छात्र पीछे रह जाते हैं। इसी अंतर को खत्म करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
किन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो नीचे दी गई पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं:-
- छात्र सरकारी माध्यमिक या उच्च माध्यमिक विद्यालय में पढ़ रहा हो
- कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं या 12वीं का छात्र हो
- छात्र बिहार राज्य का निवासी हो
- नियमित (Regular) छात्र हो
- विज्ञान विषय में रुचि रखने वाला हो
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी छात्रों को
इस योजना के अंतर्गत छात्रों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं दी जाएंगी, जो आमतौर पर महंगी कोचिंग संस्थानों में मिलती हैं:-
- JEE और NEET की फ्री ऑनलाइन कोचिंग
- अनुभवी और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पढ़ाई
- लाइव क्लास और रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर
- डाउट क्लियरिंग सेशन
- नियमित ऑनलाइन टेस्ट और मॉक टेस्ट
- प्रतियोगी परीक्षा पैटर्न पर आधारित अध्ययन सामग्री
कैसे होगी पढ़ाई (Online Coaching System)
पढ़ाई की पूरी व्यवस्था डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी:-
- जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास उपलब्ध है, वहां से छात्र ऑनलाइन कक्षाएं अटेंड करेंगे
- जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास नहीं है, वहां वैकल्पिक डिजिटल व्यवस्था की जाएगी
- छात्र अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर से भी क्लास जॉइन कर सकेंगे
- सप्ताह में तय समय-सारिणी के अनुसार कक्षाएं संचालित होंगी
इंजीनियरिंग (JEE) की तैयारी में पढ़ाए जाने वाले विषय
इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों को निम्न विषयों पर विशेष फोकस कराया जाएगा:-
- Physics
- Chemistry
- Mathematics
इन विषयों को बेसिक से एडवांस लेवल तक पढ़ाया जाएगा ताकि छात्र 11वीं–12वीं तक पहुंचते-पहुंचते प्रतियोगी परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हों।
मेडिकल (NEET) की तैयारी में पढ़ाए जाने वाले विषय
मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए:-
- Physics
- Chemistry
- Biology
NCERT आधारित पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी प्रश्नों का अभ्यास भी कराया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया: योजना का लाभ कैसे उठाएं
इस योजना के लिए छात्रों को अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है।
Step 1: स्कूल स्तर पर चयन
- स्कूल द्वारा योग्य और इच्छुक छात्रों की पहचान की जाएगी
- विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी
Step2: ऑनलाइन पंजीकरण
- चयनित छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा
- यह रजिस्ट्रेशन स्कूल या शिक्षा विभाग की मदद से होगा
Step 3: लॉगिन डिटेल प्राप्त होना
- रजिस्ट्रेशन के बाद छात्रों को
- User ID
- Password
- Online Class लिंक
प्रदान किया जाएगा
Step4: पढ़ाई की शुरुआत
- तय तारीख से ऑनलाइन कोचिंग शुरू हो जाएगी
- छात्र घर बैठे या स्कूल से क्लास अटेंड कर सकेंगे
छात्रों के लिए जरूरी सुझाव
- नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल हों
- दिए गए टेस्ट और असाइनमेंट जरूर पूरा करें
- डाउट सेशन में अपने सवाल पूछें
- इंटरनेट और डिवाइस की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें
इस योजना से छात्रों को क्या लाभ होगा
- महंगी कोचिंग पर खर्च होने वाला पैसा बचेगा
- गांव और गरीब परिवार के छात्रों को समान अवसर
- शुरुआती कक्षाओं से ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
- सरकारी स्कूलों के छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा
- राज्य से अधिक संख्या में डॉक्टर और इंजीनियर तैयार होंगे
निष्कर्ष
सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए यह योजना एक ऐतिहासिक पहल है। इससे न केवल छात्रों का भविष्य सुधरेगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव आएगा। अगर आप या आपके परिवार में कोई छात्र सरकारी स्कूल में 9वीं से 12वीं में पढ़ रहा है, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं और अपने सपनों को साकार करें।
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