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साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा-18 लाख विधार्थीयों को नहीं मिलेगा- लिस्ट जारी

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By arcarrierpoint

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साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा-18 लाख विधार्थीयों को नहीं मिलेगा- लिस्ट जारी

साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा-18 लाख विधार्थीयों को नहीं मिलेगा- लिस्ट जारी:-बिहार सरकार की साइकिल, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना लाखों छात्रों के लिए शिक्षा से जुड़े आर्थिक सहयोग का एक बड़ा माध्यम रही है। लेकिन वर्ष 2025–26 के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। करीब 18 लाख विद्यार्थियों को इस बार साइकिल-पोशाक-छात्रवृत्ति का पैसा नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग द्वारा अपात्र विद्यार्थियों की सूची (लिस्ट) जारी कर दी गई है।

यह खबर सामने आते ही छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। आखिर किन कारणों से पैसा रोका गया? कौन-कौन सी स्कॉलरशिप प्रभावित हुई है? किस योजना में कितना पैसा मिलता है? और जिनका नाम लिस्ट में है, वे अब क्या करें—इन सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल में विस्तार से दिए गए हैं।

सूबे के 18 लाख बच्चों को 75 फीसदी उपस्थिति के बाद भी स्कूली योजना का लाभ मिलने पर संकट है। इ ट है। इन बच्चों के भेजे गए डाटा में कई तरह की गड़बड़ी मिली है।

विभाग ने मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों को बच्चों के नाम, सूची के साथ डाटा लौटाया है।

मुजफ्फरपुर में ऐसे बच्चों की संख्या 40 हजार से अधिक है, जो 75 फीसदी उपस्थिति तो पूरा कर रहे हैं मगर उनके डाटा में कई तरह की गड़बड़ी है। ज्यादातर बच्चों का उम्र के अनुसार कक्षा में नामांकन नहीं है। किसी का बैंक खाता गलत तो किसी का खाता ही नहीं डाला गया है।

जिले से लगभग छह लाख बच्चों का नाम 75 फीसदी उपस्थिति वाले में भेजा गया था। विभाग ने 31 दिसम्बर तक का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर डाटा में सुधार कर साक्ष्य के साथ नहीं भेजा जाता है तो इन बच्चों को छात्रवृति, पोशाक से लेकर अन्य स्कूली योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

कई बच्चे ऐसे हैं, जो पांच साल की उम्र में दूसरी कक्षा में नामांकित हैं। कई नौ साल बाद भी पहली कक्षा में है। सैकड़ों बच्चे ऐसे हैं, जो छठी-सांतवीं कक्षा में हैं, लेकिन उनका खाता नहीं दिया गया है।

इन बच्चों को पहले भी राशि मिली होगी, इसके बाद भी खाता नहीं होना कई तरह के संदेह को बढ़ाता है।

सभी बीईओ और हेडमास्टर को इस संबंध में निर्देश दिया गया है। 200 से अधिक स्कूलों से इसपर जवाब भी मांगा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में डाटा में गड़बड़ी कैसे रही।

बिहार सरकार द्वारा संचालित यह योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए है। इसका उद्देश्य है—

  • गरीब एवं मध्यम वर्गीय छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना
  • स्कूल छोड़ने (Dropout) की दर को कम करना
  • बालिकाओं और वंचित वर्ग के छात्रों को आर्थिक सहायता देना

यह योजना बिहार शिक्षा विभाग के माध्यम से लागू की जाती है।

नीचे स्पष्ट रूप से बताया गया है कि कौन-सी स्कॉलरशिप में कितना पैसा मिलता है और कौन-कौन सी प्रभावित हुई हैं।

जिन छात्रों की उपस्थिति या दस्तावेज़ में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें ऊपर बताई गई कोई भी राशि नहीं मिलेगी।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से—

  • स्कूल-वार डेटा
  • छात्र-वार उपस्थिति रिपोर्ट
  • UIDAI और बैंक से सत्यापन

करवाने के बाद डिजिटल लिस्ट तैयार की है। यह लिस्ट स्कूलों और जिला शिक्षा कार्यालयों को भेजी गई है।

अधिकांश मामलों में स्कूल नोटिस बोर्ड या प्रधानाध्यापक के माध्यम से छात्रों को जानकारी दी जा रही है।

यदि किसी छात्र का नाम अपात्र सूची में है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें—

  • प्रधानाध्यापक से लिखित जानकारी लें
  • कारण पूछें कि किस वजह से नाम काटा गया
  • आधार-बैंक लिंक
  • उपस्थिति सुधार (यदि संभव हो)
  • नामांकन विवरण अपडेट

शिक्षा विभाग कई मामलों में सुधार का मौका देता है। यदि गलती स्कूल या तकनीकी कारण से हुई है, तो नाम दोबारा जोड़ा जा सकता है।

  • जिन मामलों में तकनीकी या डेटा एरर है, वहां सुधार के बाद भुगतान संभव है
  • लेकिन 75% उपस्थिति से कम वाले मामलों में पैसा मिलना लगभग असंभव है

सरकार का कहना है कि—

“योजना का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा जो नियमित रूप से स्कूल जाते हैं और शिक्षा के प्रति गंभीर हैं।”

इस सख्ती का उद्देश्य फर्जी नामांकन और गलत लाभ उठाने वालों पर रोक लगाना है।

साइकिल-पोशाक-छात्रवृत्ति योजना बिहार के छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
इस बार 18 लाख विद्यार्थियों का नाम लिस्ट से हटाया जाना एक बड़ा संकेत है कि सरकार अब डेटा और उपस्थिति को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतने वाली।

यदि आप या आपके परिवार का कोई छात्र इस योजना से जुड़ा है, तो—

  • समय पर स्कूल जाएं
  • दस्तावेज़ सही रखें
  • स्कूल से लगातार संपर्क में रहें

ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति या सरकारी सहायता से वंचित न होना पड़े।

मेधासॉफ्ट के आधार पर मिलने वाली राशि नीचे दिए गए लिंक पे क्लिक कर आप देख सकते है की आपका पैसा आया की नहीं |

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यह वेबसाइट Sumit Sir के निर्देशन में संचालित है। इस बेवसाइट पर सही और सटीक जानकारी सबसे पहले उपलब्ध कराया जाता है। सुमित सर के पास पिछले पांच साल से ऑनलाइन और ऑफलाइन पढाने का अनुभव है। धन्यवाद।

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