9वीं से 12वीं कक्षा के छात्र सीखेंगे मोबाइल स्मार्ट टीवी बाइक कार बनाना:-राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत होने जा रही है। अब छात्र केवल किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मोबाइल, स्मार्ट टीवी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बाइक और कार जैसे आधुनिक तकनीकी उत्पादों के निर्माण, मरम्मत और संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे।
इस योजना का उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखकर व्यावहारिक, तकनीकी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना है, ताकि वे भविष्य में नौकरी या स्वरोजगार के लिए सक्षम बन सकें।
9वीं से 12वीं के छात्र सीखेंगे मोबाइल, स्मार्ट टीवी और बाइक-कार बनाना
पढ़ाई के राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा १वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को अब साथ-साथ कौशल विकास की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इस योजना के जरिए छात्रों को पढ़ाई के साथ हुनर भी सीखने को मिलेगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
सरकारी स्कूल : छात्रों को मिलेगा कौशल विकास का प्रशिक्षण
- छात्र प्लंबरिंग:- पानी की पाइप फिटिंग और साधारण मरम्मत, सिलाई मशीन प्रशिक्षण कपड़ा सिलाई और बुटिक कार्य,
- कारपेंटरी:- लकड़ी की कटाई, फिनिशिंग और बेसिक निर्माण,
- राजमिस्त्री:- ईंट लगाने, माप लेने और समतल बनाने का काम,
- बिजली:- वायरिंग, स्विच बोर्ड, व बोर्ड, सुरक्षा उपाय और घरेलू उपकरण,
- इलेक्ट्रॉनिक्स:- मोबाइल और एलईडी, स्मार्ट टीवी की मरम्मत,
- वाहन मरम्मत :- मोटरसाइकिल और कार की मरम्मत,
- खिलौना निर्माण :- लकड़ी व अन्य सामग्री से खिलौने बनाना सीखेंगे।
- उनको जूती क्लस्टर पारंपरिक कारीगरी और उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत की जा रही है, ताकि छात्र स्कूल स्तर से ही रोजगार, स्वरोजगार और जीवन कौशल के लिए तैयार हो सकें।
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश इस पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इस योजना को लागू करने का फैसला लिया है। इसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। योजना की शुरुआत राज्य के पांच जिलों पटना, नवादा, रोहतास, मुजफ्फरपुर और भागलपुर से होगी। योजना सफल रहने पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
इस रोजगार एवं जीवन कौशल विकास योजना में छात्रों को उद्यमिता, कॅरियर मार्गदर्शन और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे 12वीं के बाद अपने भविष्य की सही दिशा तय कर सकें।
शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण, 200 मास्टर ट्रेनर होंगे
योजना के तहत पटना सहित चयनित जिलों में शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। सभी शिक्षकों को संकुल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले में करीब 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर आगे अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक छात्रों को कॅरियर काउंसिलिंग और रुचि के अनुसार क्षेत्र चयन में मदद करेंगे। इसमें जिले के पीएमश्री उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी शामिल किया जाएगा।
9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को कौशल विकास की मिलेगी खास ट्रेनिंग
जिले के सरकारी स्कूलों के कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को नयी शिक्षा नीति के तहत रोजगारोन्मुखी पढ़ाई की खास ट्रेनिंग दी जायेगी. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से स्कूल स्तर पर इस योजना की शुरुआत की जायेगी. सर्वप्रथम इस योजना की शुरुआत पटना, भागलपुर, नवादा, रोहतास और मुजफ्फरपुर जिलों से होगी.
इस योजना के तहत विद्यार्थी 12वीं के बाद उद्यमिता, करियर मार्गदर्शन और भविष्य में स्वरोजगार की क्षमता विकसित कर सकते हैं.
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद
इसको जमीन पर उतारने के लिए पिरामल फाउंडेशन का सहयोग लेगा. इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए फाउंडेशन के अधिकारी लगातार जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना से संपर्क बनाये हुए हैं.
200 शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण, बनेंगे मास्टर ट्रेनर
जिला स्तर पर 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जायेगा. इसके बाद यह शिक्षक स्कूलों के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे. शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों को कैरियर परामर्श और रुचि आधारित क्षेत्र चयन में सहायता करेंगे. इसमें जिले में पीएमश्री दर्जा प्राप्त उच्च माध्यमिक स्कूलों को शामिल किया जायेगा. विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट तैयार करने का अवसर दिया जायेगा.
- इन कामों की मिलेगी ट्रेनिंग बिजलीः- वायरिंग, स्विच बोर्ड, सुरक्षा उपाय और घरेलू उपकरण
- इलेक्ट्रॉनिकः- मोबाइल व एलइडी स्मार्ट टीवी मरम्मत आदि
- जूती क्लस्टरः- कारीगरों की पारंपरिक कला और उत्पादन प्रक्रिया की समझ
- प्लंबिंग :- पाइप फिटिंग का काम सिलाई मशीन प्रशिक्षण, कारपेंट्री, राजमिस्त्री, वाहन मरम्मत, खिलौना निर्माण आदि.
आगे की पढ़ाई में कैसे मददगार?
यह स्किल ट्रेनिंग:
- इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, आईटीआई जैसे कोर्स में
- छात्रों को पहले से तकनीकी समझ प्रदान करेगी
- प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक कोर्स में बढ़त देगी
योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात:
कोई अलग फॉर्म नहीं आएगा
जानकारी स्कूल में ही दी जाएगी
इस योजना को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसके लिए कोई फॉर्म भरना होगा?
इसका उत्तर बिल्कुल स्पष्ट है:
- इस योजना के लिए कोई अलग से आवेदन फॉर्म नहीं आएगा
- छात्रों को कहीं ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन नहीं करना होगा
- पूरी जानकारी विद्यालय स्तर पर ही दी जाएगी
- स्कूल प्रशासन और शिक्षक ही छात्रों को बताएंगे कि:
- ट्रेनिंग कब शुरू होगी
- कौन-कौन से छात्र शामिल होंगे
- किस प्रकार की स्किल सिखाई जाएगी
अर्थात, छात्रों को किसी भी अफवाह या बाहरी सूचना पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
निष्कर्ष
बिहार के 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए यह योजना शिक्षा और रोजगार को जोड़ने वाली एक क्रांतिकारी पहल है। सबसे अच्छी बात यह है कि:
- कोई अलग फॉर्म नहीं
- कोई भागदौड़ नहीं
- पूरी जानकारी स्कूल में ही
अगर छात्र अभी से सजग रहें और स्कूल द्वारा दी जा रही जानकारी पर ध्यान दें, तो यह योजना उनके भविष्य को मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकती है।
IMPORTANT LINK
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOU TUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |



