मैट्रिक पास प्रोत्साहन राशि से करोड़ों कमाई की कहानी जान चौंक जाएंगे आप:-सरकारी योजनाओं का उद्देश्य गरीब और मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना होता है, लेकिन जब यही योजनाएं साइबर अपराध का जरिया बन जाएं, तो यह पूरे सिस्टम के लिए खतरे की घंटी है।
बिहार में सामने आया मैट्रिक पास प्रोत्साहन राशि से जुड़ा साइबर फ्रॉड ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला है, जिसमें छात्रवृत्ति के पैसों से 50 लाख से लेकर करोड़ों रुपये तक की ठगी की गई।
स्कॉलरशिप के पैसों से साइबर फ्रॉड शुरू किया… 50 लाख का टैक्स भरा
साइबर ठगी के ‘पूर्णिया मॉडल’ की जांच जारी है। गिरोह के सरगना पूर्णिया के 20 साल के राकेश कुमार मैट्रिक पास करने में मिली स्कॉलरशिप के पैसे से शुरू किया था फर्जीवाड़ा। पुलिस सूत्रों के अनुसार राकेश ने इस साल 50 लाख का आईटीआर फाइल किया है। इस मामले में राकेश और मधुबनी व पूर्वी चंपारण के उसके दो नाबालिग साथियों को पुलिस न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। एसटीएफ, ईओयू और पूर्णिया पुलिस गिरोह के बाकी शातिरों की तलाश में जुटी है। गिरोह के 15 अपराधी अब भी फरार हैं।
ठगी का ‘पूर्णिया मॉडल’ : 15 शातिर, पहचान सिर्फ यूजर आईडी से
इस गिरोह का हर सदस्य एक-दूसरे को सिर्फ टेलीग्राम यूजर आईडी से जानता है। किसी ने एक-दूसरे को कभी देखा नहीं। किसी के पास किसी का मोबाइल नंबर भी नहीं है। बातचीत सिर्फ टेलीग्राम पर होती थी। जिन दो नाबालिगों को हिरासत में भेजा गया है, उनकी पहचान भी यूजर आईडी के आधार पर हुई। सात अन्य यूजर आईडी पर पूर्णिया साइबर थाने में केस दर्ज है। पुलिस @icodeinbinary, @SG Modder, @DDC_Group (चैनल के मेंबर्स), @zgo$, @sgmodderpro (चैनल के मेंबर्स), @icodeinnbinary और @SG Modder यूजर आईडी का सत्यापन कर चुकी है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पूर्णिया में खरीदी 20 कट्ठा जमीन
- पुलिस सूत्रों के अनुसार राकेश ने महज एक-दो साल में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। पूर्णिया शहर व आसपास 20 कट्ठा जमीन खरीदी।
- राकेश के पास से नौ महंगे मोबाइल, एक एप्पल टैब, एक एप्पल मैकबुक, कई बैंकों के पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद हुए। घर से 2.80 लाख रुपए नकद मिले। अलग-अलग वॉलेट से 1.90 लाख यूएस डॉलर भी जब्त किए गए।
- छापेमारी में पुलिस भी जब्ती देख चौंक गई। राकेश के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। ट्रांजेक्शन डिटेल बैंकों से मांगी गई है। संपत्ति के आकलन में पूर्णिया प्रशासन की मदद ली जा रही है।
ऑनलाइन गेम खेलने की लत लगी
- 2021 में मैट्रिक पास किया। 10 हजार रुपए की छात्रवृति मिली। छात्रवृति के पैसे से मोबाइल खरीदा। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए।
- मोबाइल की लत लगी, ऑनलाइन गेम खेलने लगा। गेम में पैसे लगाने शुरू किए, कुछ कमाई भी हुई। आर्थिक तंगी के कारण गेमिंग पर निर्भरता बढ़ी।
- शुरुआत में पैसे पिता के खाते में मंगाता था। टेलीग्राम की कार्यप्रणाली समझ में आई। RAKESH X OFFICIAL और MOXMODES नाम से चैनल बनाए।
- ऑनलाइन गेमिंग एप का प्रमोशन शुरू किया। चैनल के सब्सक्राइबर लाखों में पहुंचे। तिरंगा और कैसिनो एप से करीब एक लाख रुपए महीना मिलने लगा।
- कमाई क्रिप्टो करेंसी में होती थी। क्रिप्टो को भारतीय मुद्रा में बदलने लगा। टेलीग्राम पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से संपर्क हुआ। @ icodeinbinary और @SG Modder से एपीआई खरीदा।
- proxyearth.org वेबसाइट बनाई, भारतीय उपभोक्ताओं का डेटा बेचने लगा। वेबसाइट से करोड़ों की कमाई की। बाद में leakedata.org नाम से दूसरी वेबसाइट बनाई।
- kulk.FI नाम से क्रिप्टो एक्सचेंज वेबसाइट भी बनाई। proxyearth.org पर जांच एजेंसियों की नजर पड़ी और शिकंजा कसा गया।
आपका बच्चा मोबाइल पर कौन-सा गेम खेल रहा, कितनी देर खेल रहा… इस पर नजर रखें
- बच्चा कौन सा गेम खेल रहा है, इसकी जानकारी रखें। पैसे से टोकन, लाइक या इन-ऐप परचेज वाले गेम न खेलने दें।
- प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर के पेमेंट व सब्सक्रिप्शन चेक करें।
- मोबाइल से क्रेडिट और एटीएम कार्ड की डिटेल हटाएं। बच्चों को एटीएम/क्रेडिट कार्ड का एक्सेस न दें। गेम खेलने का टाइम लिमिट सेट करें। बच्चों के मोबाइल में इंस्टॉल एप की नियमित जांच करें।
- गूगल और यूट्यूब की ब्राउजिंग हिस्ट्री देखते रहें। स्कूल-कॉलेज में मोबाइल यूज, एथिक्स और साइबर क्राइम की जानकारी दी जाए। बच्चा गेम खेल रहा है या गैंबलिंग एप में फंसा है, इस पर नजर रखें।
साइबर गैंग सरगना और उसके इंजीनियर दोस्त पर पहले से केस, 8 खाते भी फ्रीज
म्यूल अकाउंट के जरिए बंगलादेश, पाकिस्तान सहित कई देशों से क्रिप्टो करेंसी को भारतीय मुद्रा में बदलने वाले गिरोह के 13 शातिरों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। गर्दनीबाग थाने की पुलिस ने जिस गैंग को गिरफ्तार किया है, उसका सरगना पश्चिम चंपारण का सौरभ द्विवेदी है। मुजफ्फरपुर का सत्यम सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और सौरभ का दोस्त है। वहीं वैशाली का राहुल दोनों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराता था।
जांच में यह बात आई कि
सौरभ और सत्यम के खिलाफ पहले से साइबर थाने में केस दर्ज है। दोनों के पास से बरामद 8 बैंक खातों को साइबर थाने की पुलिस पहले ही फ्रीज करवा चुकी है।
अबतक की जांच में यह बात आई है कि
इन बैंक खातों और उनके एटीएम कार्ड का इस्तेमाल सौरभ और सत्यम का गिरोह कर रहा था। साइबर थाने की पुलिस भी गर्दनीबाग थाने में दर्ज इस मामले की तफ्तीश कर रही है। जल्द ही साइबर थाने की पुलिस सरगना सौरभ और उसके दोस्त सत्यम को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
फर्जी तरीके से खाता खोलने वाले कई बैंककर्मियों की होगी गिरफ्तारी
13 शातिरों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया
जेल भेजे गए 13 साइबर अपराधियों में 10 बैंकों के लोन एजेंट हैं। सभी लोन एजेंट सीधे वैशाली के राहुल के संपर्क में थे। ये एजेंट बैंकों के अधिकारियों और कर्मियों से मिलकर फर्जी कागजात पर म्यूल अकाउंट खुलवाते थे। इसके बाद सभी म्यूल अकाउंट सौरभ और सत्यम के पास पहुंचते थे। अधिकतर म्यूल अकाउंट निजी बैंकों में खुले हैं। पुलिस सभी म्यूल अकाउंट को चिह्नित कर रही है। म्यूल अकाउंट खोलने वाले बैंककर्मियों और अधिकारियों को पुलिस पहले नोटिस भेज कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
गेमिंग और गैंबलिंग एप का आता था पैसा, साइबर सेल भी जांच में जुटी
यह गिरोह गेमिंग और गैंबलिंग एप का पैसा अपने खातों में मंगवाता था। यह पैसा क्रिप्टो करेंसी से कन्वर्ट होकर इन खातों में आता था। इस गिरोह से देश के कई राज्यों के साइबर शातिर जुड़े हैं।
पुलिस को आशंका है कि
विदेशों में बैठे जालसाज भी इस गिरोह के हिस्सा है। इसी कारण इस मामले की जांच साइबर सेल भी कर रही है। ईओयू से भी पटना पुलिस इस केस में मदद लेगी। पुलिस को 93 बैंक खातों की जानकारी मिली है। इन खातों के पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक शातिरों के पास से मिले हैं। संबंधित बैंकों से सभी खातों के ट्रांजेक्शन डिटेल मांगे जाएंगे।
कैसे हुई ठगी की शुरुआत?
जांच में सामने आया कि इस पूरे साइबर फ्रॉड की शुरुआत मैट्रिक पास प्रोत्साहन राशि से हुई।
कुछ युवकों ने पहले:
- मैट्रिक पास छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त की
- उसी पैसे से मोबाइल, सिम और बैंक अकाउंट की व्यवस्था की
- फिर ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड की दुनिया में कदम रखा
धीरे-धीरे यह एक पूरा साइबर गैंग बन गया।
अब तक की कार्रवाई
अब तक की बड़ी कार्रवाई:
- 13 आरोपियों से पूछताछ के बाद जेल
- मुख्य आरोपी और उसका इंजीनियर दोस्त रिमांड पर
- साइबर थाना और आर्थिक अपराध इकाई की संयुक्त जांच
- आयकर विभाग भी जांच में शामिल
छात्रवृत्ति योजनाओं पर उठे सवाल
इस घटना के बाद बड़ा सवाल यह है कि:-
- क्या छात्रवृत्ति की राशि की निगरानी पर्याप्त है?
- क्या बैंक और डिजिटल लेन-देन पर सख्ती जरूरी नहीं?
- क्या छात्रों को डिजिटल जागरूकता दी जा रही है?
- सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन निगरानी की कमी ऐसे मामलों को जन्म दे रही है।
अभिभावकों के लिए जरूरी चेतावनी
अपने बच्चों पर रखें नजर:-
- बच्चा कौन-सा गेम खेल रहा है
- मोबाइल में कौन-कौन से ऐप हैं
- अचानक ज्यादा पैसे कहां से आ रहे हैं
- बैंक अकाउंट और UPI ट्रांजैक्शन चेक करें
निष्कर्ष
मैट्रिक पास प्रोत्साहन राशि जैसी योजनाएं छात्रों के भविष्य के लिए हैं, न कि साइबर अपराध की सीढ़ी बनने के लिए।
यह मामला न सिर्फ पुलिस बल्कि समाज और सरकार सभी के लिए चेतावनी है।
अगर समय रहते सख्ती और जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।
IMPORTANT LINK
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOU TUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |
BSEB Update
- मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026 पर संकट- काफी विधार्थीयों का स्कूल नहीं भरा फॉर्म- लिस्ट जारी
- मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026 – परीक्षा केंद्र तैयार | परीक्षा केंद्र पर रहेगी ये व्यवस्था
- स्कूल कॉलेज में हो गई ठंडा की छुट्टी- अब 1 जनवरी के बाद खुलेंगे स्कूल
- मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026- का परीक्षा सेंटर तैयार- देखें आपका सेंटर कहाँ गया
- कड़ाके की ठंड- सभी स्कूल कॉलेज में ठंढा की छुट्टी- जल्दी देखें
- मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026 का रूटिन जारी- बिहार बोर्ड ने किया बड़ा बदलाव
- बिहार बोर्ड का सभी प्रमाण पत्र हो गया- ऑनलाइन- यहाँ से देखें
- 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्र सीखेंगे मोबाइल स्मार्ट टीवी बाइक कार बनाना
- सिमुलतला आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी- मुख्य परीक्षा का भरें फॉर्म
- बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर परीक्षा के लिए परीक्षा सेंटर तैयार- मैट्रिक में 15 लाख इ़टर में 13 लाख विधार्थी
Scholarship
- 15 जनवरी तक ऐसे अपने डाटा में कराएं सुधार तभी आएगा साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा
- साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा-18 लाख विधार्थीयों को नहीं मिलेगा- लिस्ट जारी
- 75% से कम हाज़िरी वालों को नहीं मिलेगा साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा
- 18 लाख विधार्थीयों को नहीं मिलेगा साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा- लिस्ट जारी
- बिहार पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का 25 तक करें फॉर्म फाइनलाइज – तभी आएगा पैसा
- बिहार बोर्ड इंटर पास प्रोत्साहन राशि ₹25 हजार आना शुरू – यहाँ से चेक करें
- बिहार बोर्ड मैट्रिक पास प्रोत्साहन राशि ₹10 हजार आना शुरू – यहाँ से चेक करें
- मैट्रिक इंटर पास प्रोत्साहन राशि | साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति का पैसा आना शुरू
- स्नातक पास प्रोत्साहन राशि- ₹50 हजार आना शुरू- जल्दी देखें
- मूख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना – हर माह मिल रहा है ₹5 हजार की छात्रवृत्ति



