मैट्रिक इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव- ऐसे विधार्थीयों को नहीं मिलेगा पूरा अंक:- बिहार बोर्ड की इंटर (12वीं) प्रैक्टिकल परीक्षा 10 से 20 जनवरी तक आयोजित की जा रही है। यही नियम और मूल्यांकन पद्धति मैट्रिक (10वीं) पर भी लागू होती है। बहुत से विद्यार्थी सिर्फ प्रयोग (Experiment) पर ध्यान देते हैं, जबकि कॉपी, मौखिक (Viva) और उपस्थिति भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
नीचे मैट्रिक और इंटर— दोनों के लिए पूरा, स्पष्ट और उपयोगी मार्गदर्शन दिया गया है।
इंटर प्रायोगिक परीक्षा 10 से 20 जनवरी तक होगी
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटर की प्रायोगिक परीक्षा 10 से 20 जनवरी तक चलेगी। बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। बोर्ड ने कहा है कि स्कूल 10 से 20 जनवरी के बीच अपनी सुविधा और समय के अनुसार परीक्षा आयोजित करेंगे।
स्कूल सुविधा के अनुसार परीक्षा आयोजित करेंगे
परीक्षा की तिथि और समय का निर्धारण संबंधित विद्यालय अपने स्तर पर करेगा। इस दौरान छात्रों को निर्धारित तिथि पर प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।
16 जनवरी को सैद्धांतिक परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी होगा
सैद्धांतिक परीक्षा का प्रवेश पत्र 16 जनवरी को जारी किया जाएगा। इसके बाद छात्र आधिकारिक प्रक्रिया के तहत अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड या स्कूल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। बिहार बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे समय रहते अपना प्रायोगिक प्रवेश पत्र प्राप्त कर लें और विद्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा में शामिल हों।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी ही सैद्धांतिक परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा संरचना (मैट्रिक बनाम इंटर)
मैट्रिक (10वीं) प्रैक्टिकल – कुल 20 अंक
- प्रयोग/डेमो: 10 अंक
- प्रैक्टिकल कॉपी/रिकॉर्ड: 5 अंक
- मौखिक परीक्षा (Viva): 5 अंक
इंटर (12वीं) प्रैक्टिकल – कुल 30 अंक
- प्रयोग/डेमो: 15 अंक
- प्रैक्टिकल कॉपी/रिकॉर्ड: 5 अंक
- मौखिक परीक्षा (Viva): 10 अंक
निष्कर्ष: केवल प्रयोग सही करने से पूरे अंक नहीं मिलते। कॉपी + Viva में कमजोर होने पर सीधे कटौती होती है।
किन विद्यार्थियों को पूरा अंक नहीं मिलेगा?
- प्रैक्टिकल कॉपी अधूरी/गंदी
- इंडेक्स, दिनांक, शिक्षक के साइन, डायग्राम/टेबल गायब।
- Viva में बेसिक सवालों के जवाब नहीं
- प्रयोग का उद्देश्य, सूत्र, सावधानियाँ न बता पाना।
- उपकरण/रसायन की पहचान में गलती
- नाम, उपयोग या सुरक्षा नियम नहीं बताना।
- निर्देशों की अनदेखी
- समय, यूनिफॉर्म, आई-कार्ड/एडमिट कार्ड में चूक।
- अनुशासनहीनता या देर से पहुँचना
- अनुपस्थिति/लेट-मार्किंग पर सीधे अंक कटते हैं।
पूरे अंक कैसे लाएँ? (मैट्रिक 20/20, इंटर 30/30)
प्रयोग (Experiment)
- स्टेप-बाय-स्टेप करें, सेफ्टी नियम बोलकर/दिखाकर बताएं।
- परिणाम (Result) स्पष्ट लिखें/बोलें।
- डायग्राम साफ, लेबल्ड रखें।
प्रैक्टिकल कॉपी (बहुत जरूरी)
- कवर पेज, इंडेक्स, डेट, टीचर साइन अनिवार्य।
- हर प्रयोग में: उद्देश्य, उपकरण, विधि, अवलोकन, परिणाम।
- साफ लेखन, स्केच/ग्राफ सही स्केल में।
Viva (मौखिक)
- “क्या, क्यों, कैसे” पर तैयारी रखें:
- उद्देश्य क्या है?
- कौन-सा सूत्र/सिद्धांत?
- सावधानियाँ और उपयोग।
- आत्मविश्वास से, संक्षेप में उत्तर दें।
उपस्थिति और तैयारी
- समय से पहले पहुँचें।
- यूनिफॉर्म, एडमिट कार्ड, आवश्यक सामग्री साथ रखें।
विषयवार त्वरित सुझाव
- विज्ञान (Physics/Chemistry/Biology):
सूत्र, इकाइयाँ, लेबल्ड डायग्राम, सेफ्टी। - कंप्यूटर/आईटी:
बेसिक कमांड/लॉजिक, आउटपुट समझाना। - गृह विज्ञान/कृषि:
प्रक्रिया, उपयोगिता, सावधानियाँ।
अंतिम सलाह
प्रैक्टिकल परीक्षा औपचारिकता नहीं, बल्कि तीन हिस्सों का संतुलन है—प्रयोग, कॉपी और Viva। इन तीनों पर बराबर ध्यान देंगे तो मैट्रिक में 20/20 और इंटर में 30/30 पूरी तरह संभव है।
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