मैट्रिक इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा – और परीक्षा केंद्र को लेकर बड़ा बदलाव- जल्दी देखें:-बिहार बोर्ड द्वारा मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 को लेकर इस बार बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। वर्षों से चली आ रही स्कूल स्तर पर प्रैक्टिकल परीक्षा की व्यवस्था को बदलते हुए अब अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर प्रैक्टिकल कराया जा रहा है। इस फैसले से न केवल परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि संसाधनों की कमी से जूझ रहे स्कूलों की समस्या भी दूर होगी।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि
- प्रैक्टिकल परीक्षा क्यों बदली गई
- कितने परीक्षा केंद्र बनाए गए
- सुरक्षा व्यवस्था क्या रहेगी
- छात्रों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
- अधिकारियों और केंद्र अधीक्षकों के लिए क्या नए निर्देश जारी हुए हैं
जिले में आज से 227 केंद्रों पर होगा इंटर का प्रैक्टिकल
जिले में 227 केंद्रों पर शनिवार से इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा होनी है। इसे लेकर शुक्रवार को भी कुछ स्कूल अपनी परीक्षा संबंधित सामग्री लेने को शिक्षा भवन व डीएन स्कूल पहुंचते रहे।
स्कूलों में लैब नहीं कर पाए पर आज 60 हजार विद्यार्थी देंगे परीक्षा
उधर, हाईस्कूलों में भी एडमिट कार्ड लेने के लिए छात्रा-छात्राएं आते रहे। अधिकांश छात्र-छात्राओं का कहना था कि स्कूल में हमने दो दिन भी लैब का मुंह नहीं देखा। शहर के कई बड़े स्कूलों में शुक्रवार शाम तक लैब में ताला ही लटक रहा था।
प्रभारियों का कहना है कि
शनिवार को खोलकर साफ-सफाई कराई जाएगी।कई स्कूल में शुक्रवार को लैब खोला तो गया मगर प्रभारियों का कहना कि अभी लैब नया ही स्थापित हुआ है। ऐसे में बच्चे लैब में एक-दो बार ही आ पाए हैं। स्कूल प्रभारियों ने कहा कि सोमवार से प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू होगी। इसकी सूचना छात्र-छात्राओं को दे दी गई है।
कॉलेज वाले भी आएंगे स्कूल में प्रैक्टिकल देने
इसबार कॉलेज के विद्यार्थी भी स्कूल में इंटर का प्रैक्टिकल देने आएंगे। बीबी कॉलेजिएट स्कूल में आरएनएस इंटर कॉलेज, एलएस कॉलेज, आरडीएस कॉलेज समेत अन्य कॉलेज के छात्र-छात्राओं का भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी तरह मारवाड़ी स्कूल में नीतीश्वर कॉलेज समेत अन्य का केंद्र है।
केन्द्राधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि
छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुसार 10 से 20 जनवरी के बीच प्रैक्टिकल परीक्षा ले लेंगे। एडमिट कार्ड के आधार पर ही परीक्षार्थियों को शामिल कराएंगे। जिले के कई बड़े स्कूलों में अब भी कार्टन में ही लैब बंद हैं। छात्र-छात्राओं ने कहा कि थ्योरी के लिए भी कक्षा कम हुई है। ऐसे में लैब का क्या कहना। परीक्षा होनी है तो देनी तो पड़ेगी ही।
- छात्र बोले, स्कूल में एक दिन भी नहीं हुआ लैब, होगी परेशानी
- 200 से अधिक केंद्र शिक्षा भवन से ले गए प्रैक्टिकल के सामान
- इंटर की प्रैक्ट्रिकल परीक्षा से एक दिन पहले शुक्रवार को लैब को व्यवस्थित करते कर्मी।
- 104 केंद्राधीक्षक जिले में दोनों परीक्षाओं को लेकर बनाए गए
- 800 से अधिक बेंच डेस्क की जरूरत 23 केंद्रों पर बताई गई है
- इंटर और मैट्रिक परीक्षा को लेकर बिहार बोर्ड का डीएम को निर्देश
- गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही जारी किया जाएगा प्रश्नपत्र
इंटर-मैट्रिक परीक्षा में हर चार केंद्रों पर होगा एक गश्ती दल
इंटर और मैट्रिक परीक्षा के दौरान प्रत्येक चार केंद्रों पर एक गश्ती दल होगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी जिले के डीएम को इसका निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रश्नपत्र मिलेगा।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अधिकारियों-कर्मियों को नाम-पता करना होगा दर्ज
जिले में दोनों परीक्षाओं को लेकर 104 केंद्राधीक्षक बनाए गए हैं। जिले में मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर 23 केंद्रों पर 800 से अधिक बेंच डेस्क मांगे गये हैं। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि गश्ती दंडाधिकारी के साथ केंद्र पर तैनात कोई अधिकारी-कर्मी भी रहेंगे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले रजिस्टर पर उन्हें अपना नाम पता दर्ज करना होगा। इसके बिना किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
मैट्रिक-इंटर परीक्षा में बेंच-डेस्क की दिक्कत काफी आ रही है। जिस केंद्र पर पहले से परीक्षा ली जाती रही है, आवासन भी पहले की तरह ही है, इसके बाद भी वहां बेंच डेस्क की कमी बताई जा रही है।
केन्द्राधीक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार दोनों परीक्षाओं में कमरों के अनुसार आवासन दे दिया गया, लेकिन जब भौतिक जांच हुई तो उसके अनुसार केन्द्र पर बेंच डेस्क नहीं है।
निजी स्कूलों में बनाए गए केंद्र पर अधिक परेशानी है। कई केंद्र ऐसे हैं, जहां आवासन तो 500 से 900 तक है, लेकिन वहां बेंच डेस्क 200-300 बच्चों के लिए ही है। इस बार 50 नए केन्द्राधीक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पहली बार परीक्षा लेंगे।
227 में 210 केंद्र ही अबतक ले गए प्रैक्टिकल के सामान
जिले में प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर 227 केंद्र बनाए गए हैं। प्रैक्टिकल के लिए प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट, उपस्थिति और अनुपस्थिति पत्रक, अवार्ड शीट, पॉली बैग समेत अन्य सामग्री इन्हें दी जा रही है। गुरुवार देर शाम तक 227 में 210 केन्द्र सामग्री ले गए। 10 जनवरी से इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा होनी है।
छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश (Important Instructions)
यदि आप मैट्रिक या इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 देने जा रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:-
- अपने परीक्षा केंद्र की जानकारी पहले से जांच लें
- परीक्षा समय से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें
- एडमिट कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ रखें
- मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट न लाएं
- किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें
बदलाव का उद्देश्य: पारदर्शिता और गुणवत्ता
बिहार बोर्ड का यह कदम केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य है:-
- प्रैक्टिकल परीक्षा में निष्पक्ष मूल्यांकन
- नकल और अनियमितताओं पर रोक
- सभी छात्रों को समान अवसर और सुविधा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में भी यही मॉडल अपनाया जा सकता है।
निष्कर्ष
मैट्रिक–इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 को लेकर किया गया यह बदलाव छात्रों और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। 227 परीक्षा केंद्र, सख्त निगरानी, गश्ती दल, और पारदर्शी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि परीक्षा ईमानदारी और अनुशासन के साथ संपन्न हो।
छात्रों को सलाह है कि वे समय रहते तैयारी पूरी करें और बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह बदलाव भविष्य की परीक्षाओं के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकता है।
IMPORTANT LINK
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOU TUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |



