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मैट्रिक इंटर परीक्षा का परीक्षा सेंटर तैयार- परीक्षा केंद्र पर ऐसे होगा चेकिंग देखें

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By arcarrierpoint

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मैट्रिक इंटर परीक्षा का परीक्षा सेंटर तैयार- परीक्षा केंद्र पर ऐसे होगा चेकिंग देखें

मैट्रिक इंटर परीक्षा का परीक्षा सेंटर तैयार- परीक्षा केंद्र पर ऐसे होगा चेकिंग देखें:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा वर्ष 2026 की मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार बोर्ड ने परीक्षा को नकल-मुक्त, पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा और चेकिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

परीक्षा केंद्रों की तैयारी, केंद्राधीक्षकों की तैनाती, उड़नदस्ता अधिकारियों की भूमिका और अभ्यर्थियों की सघन जांच को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 की परीक्षा कदाचारमुक्त तरीके से हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने उड़नदस्ता पदाधिकारी नामित कर दिए हैं। किस जिले में कौन पदाधिकारी होंगे, शिक्षा विभाग ने यह भी तय कर दिया है।

नामित पदाधिकारी विभिन्न जिले के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान डायट के व्याख्याता हैं। इनकी जिम्मेवारी कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित कराना, कोषागार से प्रश्न-पत्रों की निकासी की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर समेत अन्य कार्यों की होगी। हर जिले में एक-एक अफसर उड़नदस्ता पदाधिकारी के रूप में नामित हुए हैं। कुल 38 पदाधिकारियों को परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए लगाया गया है।

शिक्षा विभाग ने उड़नदस्ता में नामित पदाधिकारियों को 31 जनवरी को आवंटित जिले में प्रस्थान करने को कहा है। विभाग ने कहा है कि पदाधिकारी परीक्षा की समाप्ति तक जिला मुख्यालय में कैंप कर परीक्षा के कार्यों के पर्यवेक्षण करेंगे। इन्हें दैनिक कार्यों की रिपोर्ट बिहार बोर्ड और वरीय प्रभार के पदाधिकारियों को सौंपनी होगी।

पुलिस व दंडाधिकारी, संबंधित परीक्षा केन्द्रों पर ससमय उपस्थित हो इसे सुनिश्चित करना इन पदाधिकारियों की जिम्मेवारी होगी। किसी भी परीक्षा केन्द्र पर प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने पर समन्वय स्थापित कर निराकरण करेंगे। इन पदाधिकारियों के भ्रमण के लिए वाहन की सुविधा बिहार बोर्ड मुहैया कराएगा।

नामित उड़नदस्ता पदाधिकारियों के मार्गदर्शन के लिए 21 जनवरी को तीन बजे से अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग की अध्यक्षता विभागीय सभागार में बैठक होगी। शिक्षा विभाग ने इसकी सूचना नामित पदाधिकारियों को देने के लिए एससीईआरटी को कहा है। इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा दो से 12 फरवरी तक और मैट्रिक की परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक चलेगी।

जिले के 800 से अधिक छात्र-छात्राओं को इंटर-मैट्रिक की विशेष परीक्षा में शामिल होना होगा। ये छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनका स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और बोर्ड की तकनीकी समस्या से फॉर्म नहीं भरा जा सका।

जिले में कांटी पानापुर प्लस टू स्कूल में 150 से अधिक इंटर परीक्षार्थियों का फॉर्म नहीं भरा जा सका है। इन छात्रों के एडमिट कार्ड नहीं आने के बाद इसका खुलासा हुआ। यह मामला एक स्कूल का नहीं है। जिले के 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां 2 से लेकर 10 तक की संख्या में अंतिम समय में छात्र-छात्राओं का फॉर्म नहीं भरा जा सका। इ

समें ऐसे भी छात्र-छात्राएं हैं, जिनका चालान भी कट गया मगर तकनीकी कारण से इनका पैसा सबमिट नहीं हुआ। स्कूल प्रबंधन को भी फॉर्म नहीं भराने की सूचना समय पर नहीं मिल पाई। कई स्कूल प्रभारी ने कहा कि बाद में जब हमलोगों को जानकारी मिली तो संपर्क किया गय, लेकिन तब तक निर्धारित तिथि खत्म हो चुकी थी।

डीईओ कुमार अरविन्द सिन्हा ने कहा कि बोर्ड ने कई बार ऐसे परीक्षार्थियों के लिए समय दिया, लेकिन स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं हो सका।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी बच्चों और स्कूल को प्राचार्य को भी निर्देश दिया गया है कि तत्पर रहकर विशेष परीक्षा के लिए इनका आवेदन करवाएं। साल बचाने के लिए इन्हें विशेष परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षार्थियों को रिजल्ट मुख्य परीक्षा की तरह ही मिलेगा। इसपर कहीं भी विशेष परीक्षा नहीं लिखा होता है।

मैट्रिक-इंटर परीक्षा केन्द्र पर इसबार एक नहीं, बल्कि तीन तरह के केन्द्राधीक्षक होंगे। किनका क्या काम होगा, इसे लेकर इन तीनों तरह के केन्द्राधीक्षकों को 22 जनवरी को ट्रेनिंग दी जाएगी। डीईओ कुमार अरविन्द सिन्हा ने इसे लेकर मंगलवार को निर्देश जारी किया।

इसके साथ ही इन परीक्षाओं में परीक्षा एप चलाने की 100 से अधिक कम्प्यूटर शिक्षकों को 20 जनवरी को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे लेकर भी गाइडलाइन जारी की गई है। परीक्षा एप के माध्यम से सभी केन्द्रों की राज्य स्तर से निगरानी होगी। डीईओ ने बताया कि हर केन्द्र पर एक-एक कम्प्यूटर शिक्षक इसके लिए तैनात रहेंगे, जो परीक्षा एप से सारी रिपोर्टिंग करेंगे।

मैट्रिक और इंटर परीक्षा में हर पाली की शुरूआत के 10 मिनट के भीतर ही बच्चों की उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट बोर्ड को मिल जाएगी। यह रिपोर्ट परीक्षा एप के माध्यम से ही करनी है। इस परीक्षा एप से जिला व बोर्ड तक के अधिकारी जुड़े रहेंगे।

बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में यह ट्रेनिंग होगी। अनुमंडलवार केन्द्रवार शिड्यूल बनाया गया है। एक केन्द्र पर एक केन्द्राधीक्षक के साथ ही उप केन्द्राधीक्षक, सहायक केन्द्राधीक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं। इन तीनों को उपस्थित रहना है। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रमंडल के सभी छह जिले के केन्द्राधीक्षक उपस्थित होंगे। 21 जनवरी को सीतामढ़ी और वैशाली के केन्द्राधीक्षकों की पहली पाली में और पूर्वी चंपारण के लिए दूसरी पाली में कार्यशाला रखी गई है।

  • इन विद्यार्थियों का एडमिट कार्ड नहीं आने पर हुआ खुलासा
  • इन परीक्षार्थियों के लिए अब विशेष परीक्षा ही विकल्प

राज्यभर में मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिए हजारों परीक्षा केंद्रों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रत्येक केंद्र पर—

  • पर्याप्त फर्नीचर
  • सीसीटीवी कैमरे
  • जैमर (संवेदनशील केंद्रों पर)
  • कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क
  • पुलिस बल और दंडाधिकारी की तैनाती

सुनिश्चित की गई है।

बोर्ड का स्पष्ट निर्देश है कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे दंडात्मक कार्रवाई को जन्म देगी।

मैट्रिक-इंटर परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने उड़नदस्ता अधिकारियों की विशेष तैनाती की है।

  • परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण
  • नकल या कदाचार की तत्काल जांच
  • केंद्राधीक्षक की कार्यप्रणाली की समीक्षा
  • संदेहास्पद गतिविधियों की रिपोर्ट

21 जनवरी को नामित उड़नदस्ता पदाधिकारियों की मार्गदर्शन बैठक आयोजित की जाएगी।

इस बार परीक्षा केंद्रों पर तीन-स्तरीय चेकिंग सिस्टम लागू किया गया है।

  • मेटल डिटेक्टर से जांच
  • एडमिट कार्ड और फोटो पहचान सत्यापन
  • जूता-मोजा, बेल्ट, घड़ी की जांच
  • महिला अभ्यर्थियों की महिला कर्मियों द्वारा तलाशी
  • जेब, पर्स, कागज की जांच
  • मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट डिवाइस पूर्णतः प्रतिबंधित
  • सीसीटीवी कैमरे से लाइव निगरानी
  • केंद्राधीक्षक व वीक्षक द्वारा निरंतर निरीक्षण
  • उड़नदस्ता का औचक दौरा

परीक्षा केंद्र में निम्न वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी:-

  • मोबाइल फोन
  • स्मार्ट वॉच
  • ब्लूटूथ डिवाइस
  • इलेक्ट्रॉनिक पेन
  • कागज के टुकड़े / चिट
  • हैंडबैग

यदि कोई अभ्यर्थी इन वस्तुओं के साथ पकड़ा गया तो उसका परीक्षा रद्द की जा सकती है।

इस बार एक परीक्षा केंद्र पर तीन प्रकार के केंद्राधीक्षक रहेंगे—

  • केंद्राधीक्षक
  • सहायक केंद्राधीक्षक
  • पर्यवेक्षक (विशेष निगरानी)

22 जनवरी को सभी केंद्राधीक्षकों की विशेष ट्रेनिंग कराई जाएगी।

  • मैट्रिक परीक्षा: 12 फरवरी से
  • इंटर परीक्षा: 15 फरवरी से
  • परीक्षा अवधि: फरवरी 2026
  • रिपोर्टिंग समय: परीक्षा से 30 मिनट पहले

बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि—

“नकल कराने या नियम उल्लंघन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह छात्र हो या शिक्षक।”

मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2026 को लेकर बिहार बोर्ड इस बार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी चेकिंग, उड़नदस्ता टीम, सीसीटीवी निगरानी और विशेष ट्रेनिंग यह दर्शाती है कि बोर्ड परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

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यह वेबसाइट Sumit Sir के निर्देशन में संचालित है। इस बेवसाइट पर सही और सटीक जानकारी सबसे पहले उपलब्ध कराया जाता है। सुमित सर के पास पिछले पांच साल से ऑनलाइन और ऑफलाइन पढाने का अनुभव है। धन्यवाद।

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