बोर्ड परीक्षा में मोबाइल से दूरी बनाकर ऐसे करें तैयारी- तभी आएगा रिजल्ट:-आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हर छात्र के हाथ में है। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, हर काम मोबाइल पर निर्भर हो गया है। लेकिन जब बात बोर्ड परीक्षा (10वीं और 12वीं) की आती है, तो यही मोबाइल फोन छात्रों की सफलता में सबसे बड़ी रुकावट भी बन जाता है।
कई छात्र यह मानते हैं कि मोबाइल के बिना पढ़ाई संभव नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि गलत तरीके से मोबाइल का इस्तेमाल परीक्षा के परिणाम को खराब कर सकता है। इसलिए बोर्ड परीक्षा के समय मोबाइल से दूरी बनाकर, या उसे सीमित और सही तरीके से इस्तेमाल करके ही बेहतर रिजल्ट पाया जा सकता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि बोर्ड परीक्षा के दौरान मोबाइल से दूरी क्यों जरूरी है, मोबाइल का सही उपयोग कैसे करें और किन तरीकों से पढ़ाई को प्रभावी बनाया जा सकता है।
बोर्ड परीक्षा : मोबाइल को पढ़ाई में बाधक नहीं, बनाएं स्मार्ट साथी
आ इसीपसङ,आइएससी और सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं अगले महीने शुरू होने वाली हैं. यह वक्त है एकाग्रता, निरंतरता और अनुशासन के साथ परीक्षा की तैयारी पर जोर देने का. ऐसे में कई अभिभावक बच्चों को मोबाइल का उपयोग पूरी तरह बंद करने के लिए कहते हैं. लेकिन, विशेषज्ञों की मानें, तो एकदम से स्क्रीन टाइम शून्य कर देना छात्रों में तनाव विकसित कर सकता है. परीक्षा की तैयारी की इस घड़ी में तनाव
बोर्ड परीक्षा सिर पर हैं और तुम मोबाइल देख रहे हो! ऐसे कई छात्र हैं, जो इन दिनों अपने अभिभावकों से यह सुन रहे हैं. आप इनमें से एक है, तो परीक्षा की तैयारी के इस महत्वपूर्ण दौर में मोबाइल का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करें…
मोबाइल के लिए बनाएं नियन
छात्रों के लिए बेहतर होगा कि वे मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर कुछ नियम बनाएं और सख्ती से उनका पालन करें, पढ़ते वक्त फोन को साइलेंट मोड में रखें. अच्छा होगा कि अधिकतम 15 मिनट ही सोशल मीडिया को दें. चाहे तो निर्धारित समय के लिए सोशल मीडिया की ब्लॉक करनेवाले ऐप्स जैसे-फॉरेस्ट, स्टे फोकस्ड, फ्रीडम आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे इंस्टाग्राम, फेसबुक व यूट्यूब से दूरी बनाने में मदद मिलेगी.
समझें एजुकेशन एवं एंटरटेनमेंट का फर्क
अपने स्क्रीन टाइम को दो भागों में बांटें, एकेडमिक यानी लेक्चर देखने एवं नोट्स पढ़ने के लिए. पर्सनल यानी एंटरटेनमेंट यूज यानी सोशल मीडिया, गेमिंग या चैटिंग के लिए. नियम बनाएं कि पढ़ाई वाले घंटों में एंटरटेनमेंट के लिए फोन न इस्तेमाल करे.
लाइब्रेरी मोड में पढ़ें
पढ़ने बैठें, तो कल्पना करें कि आप एक लाइब्रेरी में हैं. फोन को टेबल से दूर रखें. केवल किताबों, नोट्स एवं टाइम टेबल पर ध्यान दें.
ऑफलाइन विकल्पों को प्राथमिकता दें
जितना संभव हो किताबों और नोट्स से पढ़ाई करें. कोई महत्वपूर्ण पीडीएफ है, तो उसका प्रिंट आउट निकलवा लें. इससे न केवल आपकी आंखों को आराम मिलेगा, बल्कि आपकी याद रखने की क्षमता भी बढ़ेगी.
निर्धारित नियमों के साथ करें मोबाइल का उपयोग
परीक्षा की तैयारी के इस दौर में छात्र ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई में बिता रहे हैं. ऐसे में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जिस तरह कुछ देर खेलना उनके लिए अच्छा रहता है, ठीक उसी तरह निर्धारित समय के लिए मोबाइल का उपयोग करने से भी उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा, हां, यदि अभिभावक उनसे मोबाइल छीन लेते है या पूरी तरह से करियर काउंसलर एवं मोटिवेटर मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देते हैं, तो ऐसा करना छात्रों में तनाव को बढ़ावा दे सकता है. बेहतर है कि छात्र कुछ नियमों के साथ अपनी स्क्रीन टाइम को संतुलित करें.
मोबाइल: पढ़ाई का साधन या ध्यान भटकाने वाला?
मोबाइल-फोन अपने आप में न तो अच्छा है और न बुरा, बल्कि उसका उपयोग तय करता है कि वह आपके लिए क्या साबित होगा।
मोबाइल से होने वाले फायदे
- ऑनलाइन क्लास और यूट्यूब लेक्चर
- ई-बुक और पीडीएफ नोट्स
- ऑनलाइन टेस्ट और मॉक पेपर
- डाउट क्लियर करने की सुविधा
मोबाइल से होने वाले नुकसान
- सोशल मीडिया पर समय की बर्बादी
- रील्स और शॉर्ट वीडियो की लत
- बार-बार नोटिफिकेशन से ध्यान भंग
- देर रात मोबाइल चलाने से नींद खराब
बोर्ड परीक्षा के समय मोबाइल के नुकसान, फायदों से कहीं ज्यादा हो जाते हैं, अगर उस पर नियंत्रण न रखा जाए।
मोबाइल – दोस्त या दुश्मन?
आज के समय में मोबाइल के बिना पढ़ाई की कल्पना करना मुश्किल है। ऑनलाइन क्लास, यूट्यूब लेक्चर, नोट्स, पीडीएफ, टेस्ट – सब कुछ मोबाइल पर उपलब्ध है।
लेकिन समस्या तब होती है जब:-
- पढ़ाई के नाम पर रील्स चलने लगती हैं
- 10 मिनट के ब्रेक में 1 घंटा निकल जाता है
- नोटिफिकेशन बार-बार ध्यान तोड़ते हैं
इसलिए परीक्षा के समय यह तय करना जरूरी है कि मोबाइल कितना और कैसे इस्तेमाल करना है।
बोर्ड परीक्षा के दौरान मोबाइल से दूरी क्यों जरूरी है?
परीक्षा के समय दिमाग को सबसे ज्यादा चाहिए होता है – फोकस और शांति।
मोबाइल इसके ठीक उलट काम करता है:-
- बार-बार नोटिफिकेशन से ध्यान भटकता है
- सोशल मीडिया तनाव बढ़ाता है
- दूसरों की तैयारी देखकर आत्मविश्वास कम होता है
- नींद खराब होती है
अगर मोबाइल पर कंट्रोल नहीं रखा गया, तो पढ़ाई का पूरा रूटीन बिगड़ सकता है।
मोबाइल को पूरी तरह छोड़ना जरूरी है क्या?
नहीं।
मोबाइल को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, बल्कि स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।
सही तरीका:
- केवल पढ़ाई से जुड़े कामों के लिए मोबाइल
- तय समय पर ही इस्तेमाल
- बाकी समय मोबाइल को दूर रखें
बोर्ड परीक्षा की तैयारी ऐसे करें – बिना मोबाइल डिस्टर्बेंस
1. पढ़ाई के समय मोबाइल साइलेंट और दूर रखें
जब भी पढ़ने बैठें:-
- मोबाइल साइलेंट करें
- फोन को टेबल पर न रखें
- संभव हो तो दूसरे कमरे में रखें
यह आदत आपको लंबे समय तक फोकस में रखेगी।
2. दिन का टाइम-टेबल बनाएं
एक अच्छा टाइम-टेबल मोबाइल से भी ज्यादा जरूरी है।
- सुबह: नया टॉपिक
- दोपहर: रिवीजन
- शाम: प्रैक्टिस / प्रश्न हल
- रात: हल्का रिवीजन
जब समय तय होगा, तो मोबाइल अपने आप कंट्रोल में रहेगा।
3. सोशल मीडिया से अस्थायी दूरी बनाएं
बोर्ड परीक्षा के 1–2 महीने पहले:-
- इंस्टाग्राम
- फेसबुक
- स्नैपचैट
जैसे ऐप्स से दूरी बनाएं या लॉगआउट कर दें।
याद रखें – ये कुछ दिन की मेहनत आपके पूरे भविष्य का आधार बन सकती है।
4. मोबाइल का इस्तेमाल करें, लेकिन नियम के साथ
अगर मोबाइल से पढ़ाई करनी ही है, तो:-
- सिर्फ यूट्यूब लेक्चर देखें
- अनावश्यक वीडियो न खोलें
- पढ़ाई के बाद ऐप बंद करें
चाहें तो डिजिटल वेलबीइंग / ऐप टाइम लिमिट फीचर का इस्तेमाल करें।
5. ऑफलाइन पढ़ाई को प्राथमिकता दें
मोबाइल से ज्यादा असरदार होती है:-
- किताब से पढ़ाई
- खुद के बनाए नोट्स
- लिख-लिखकर अभ्यास
ऑफलाइन पढ़ाई से:-
- याद रखने की क्षमता बढ़ती है
- आंखों और दिमाग पर कम दबाव पड़ता है
6. रोज रिवीजन और मॉक टेस्ट जरूर करें
मोबाइल छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है खुद को व्यस्त रखना।
- रोज पढ़ा हुआ दोहराएं
- पुराने प्रश्न पत्र हल करें
- टाइम लगाकर टेस्ट दें
इससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और मोबाइल की याद भी नहीं आएगी।
याद रखें – मोबाइल नहीं, आपकी मेहनत रिजल्ट लाती है
मोबाइल एक साधन है, साध्य नहीं।
अगर आपने:
- सही प्लान बनाया
- नियमित पढ़ाई की
- मोबाइल से दूरी रखी
तो कोई भी आपको बेहतर रिजल्ट से नहीं रोक सकता।
परीक्षा के समय किन गलतियों से बचें?
- रात-रात भर मोबाइल चलाना
- दूसरों से अपनी तैयारी की तुलना करना
- अफवाहों और फर्जी खबरों पर ध्यान देना
- आखिरी समय में नया टॉपिक शुरू करना
निष्कर्ष (Conclusion)
बोर्ड परीक्षा के समय मोबाइल से दूरी बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
पूरी तरह मोबाइल छोड़ना संभव नहीं, लेकिन संतुलित और सीमित उपयोग ही सफलता की कुंजी है।
आज लिया गया छोटा-सा फैसला कल आपके बड़े रिजल्ट का कारण बन सकता है।
इसलिए आज से ही मोबाइल को कंट्रोल करें और अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूरे मन से करें।
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