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मैट्रिक इंटर बोर्ड परीक्षा का काउंटडाउन शुरू- अंतिम समय में ऐसे करें तैयारी

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By arcarrierpoint

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मैट्रिक इंटर बोर्ड परीक्षा का काउंटडाउन शुरू- अंतिम समय में ऐसे करें तैयारी

मैट्रिक इंटर बोर्ड परीक्षा का काउंटडाउन शुरू- अंतिम समय में ऐसे करें तैयारी:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षा 2026 अब बेहद नजदीक आ चुकी है। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीखें पास आती हैं, वैसे-वैसे छात्रों के मन में तनाव, घबराहट और भ्रम बढ़ने लगता है। कई छात्र अंतिम समय में गलत रणनीति अपनाकर अपनी महीनों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं।

ऐसे में यह समय केवल पढ़ाई बढ़ाने का नहीं, बल्कि स्मार्ट तैयारी, सही टाइम मैनेजमेंट और मानसिक संतुलन बनाए रखने का है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि बोर्ड परीक्षा के अंतिम दिनों में कैसे तैयारी करें ताकि बेहतर प्रदर्शन और अच्छे अंक सुनिश्चित किए जा सकें।

बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में न केवल विषयों पर पकड़ बनाना जरूरी है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखना भी अनिवार्य है. आइये जानते हैं कैसे आप घबराहट को आत्मविश्वास में बदलकर परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं…

दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, हैं, छात्र इन परीक्षाओं की तैयारी के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में प्रवेश कर रहे हैं. इस दौरान सभी टॉपिक्स को कवर करने, रिवीजन करने एवं परीक्षा हॉल में बेहतर परफॉर्म करने को लेकर अक्सर छात्रों में तनाव व घबराहट बढ़ जाती है. इसे यदि सही तरीके से प्रबंधित न किया जाये, तो इस चिंता का असर छात्रों की एकाग्रता, याददाश्त, नींद के पैटर्न और समग्र प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में तैयारी के इस महत्वपूर्ण दौर में पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है.

पढ़ाई का निर्धारित शेड्यूल होने से छात्र केंद्रित और नियंत्रित तरीके से पढ़ एवं समझ पाते हैं. इससे दिमाग पर दबाव भी कम पड़ता है. याद की जाने वाली चीजों की सूची को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें और प्रत्येक विषय के लिए एक निश्चित समय तय करें. अपनी योजना में कमजोर विषयों को थोड़ा ज्यादा समय दें और लंबे प्रश्नों को प्वाइंटर बनाकर तैयार करें.

कई छात्र रट्टा मारने की पद्धति से पढ़ना पसंद करते हैं और तनाव होने पर सब भूल जाते हैं. रटने की बजाय कांसेप्ट की स्पष्टता छात्र में आत्मविश्वास विकसित करती है. कांसेप्ट समझने के लिए एनसीइआरटी किताबों के उदाहरणों और अभ्यासों पर विशेष ध्यान दें. अधिक पुस्तकों में उलझने की बजाय एनसीइआरटी के सिद्धातों को अच्छी तरह से दिमाग में बिठाने का प्रयास करें.

परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट की कमी के चलते भी छात्र तनाव में आ जाते हैं. समय तय करके सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का नियमित अभ्यास करने से छात्रों को परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है. यह अभ्यास उत्तर लिखने की गति, स्पष्टता और प्रस्तुतीकरण में सुधार करता है, जिससे छात्र वास्तविक परीक्षा के दिन अधिक तैयार और कम चिंतित महसूस करते हैं.

तैयारी के इस अंतिम एवं महत्वपूर्ण दौर में किसी भी सहपाठी से अपनी तुलना न करें, क्योंकि हर किसी के सीखने की गति, क्षमता और तरीका अलग होता है. अपनी तैयारी पर विश्वास रखें. खुद को याद दिलाएं कि आपने कड़ी मेहनत की है और आप अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं. सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें.

परीक्षा को लेकर हो रही एंजाइटी से बचने के लिए विश्राम तकनीक का उपयोग करें. जब भी आपको तनाव महसूस हो नाक से गहरी सांस लें, कुछ सेकेंड के लिए रोकें और धीरे-धीरे मुंह से छोड़ें. इस तकनीक को 1 से 2 मिनट तक दोहराएं, यह आपको शांत महसूस करने में मदद करेगी.

आप परीक्षा हॉल में आत्मविश्वास से बैठे हैं और आसानी से प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं. यह अभ्यास आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होता है. याद रखें, थोड़ा नर्वस होना सामान्य है, क्योंकि यह दिखाता है कि आप परिणाम को लेकर गंभीर है, लेकिन तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें.

बोर्ड परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव होती है। अंतिम समय में तनाव बढ़ने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:-

  • सिलेबस पूरा न होने की चिंता
  • रिवीजन का दबाव
  • समय कम और विषय ज्यादा होने का डर
  • दूसरों से तुलना करना
  • रिजल्ट और भविष्य को लेकर आशंका

यदि इन कारणों को समय रहते नहीं संभाला गया, तो यह पढ़ाई की गुणवत्ता और परीक्षा प्रदर्शन दोनों को प्रभावित कर सकता है।

अधिकांश छात्र परीक्षा से ठीक पहले नई किताबें या नए टॉपिक शुरू कर देते हैं, जो सबसे बड़ी भूल होती है। इस समय आपको ध्यान देना चाहिए:-

  • पहले से पढ़े गए टॉपिक को मजबूत करने पर
  • शॉर्ट नोट्स और महत्वपूर्ण प्रश्नों पर
  • बार-बार रिवीजन पर

याद रखें:- अंतिम समय नई जानकारी जोड़ने का नहीं, बल्कि मौजूदा ज्ञान को पुख्ता करने का समय होता है।

अब पूरे सिलेबस को फिर से पढ़ने की जगह, डेली टारगेट बेस्ड प्लान बनाएं।

  • हर दिन 2–3 विषय ही रखें
  • कठिन विषय सुबह पढ़ें
  • हल्के विषय शाम या रात में

परीक्षा में वही प्रश्न अच्छे से हल होते हैं जो बार-बार दोहराए गए हों

  • हर विषय का कम से कम 2 बार रिवीजन
  • फॉर्मूला, तिथियां, परिभाषाएं अलग से दोहराएं

Previous Year Question Papers (PYQ) परीक्षा की सबसे मजबूत तैयारी माने जाते हैं।
इनसे आपको मिलेगा:-

  • प्रश्नों का पैटर्न
  • बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक
  • समय प्रबंधन का अभ्यास

कम से कम पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्र ज़रूर हल करें।

कई छात्र सब कुछ जानते हुए भी परीक्षा में इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि वे समय पर उत्तर पूरा नहीं कर पाते

  • घर पर टाइमर लगाकर अभ्यास करें
  • उत्तर साफ, बिंदुओं में और स्पष्ट लिखें

अंतिम समय में रटने की आदत तनाव बढ़ाती है।

  • कांसेप्ट क्लियर करें
  • उदाहरणों से समझें
  • अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें

हर छात्र की क्षमता अलग होती है।

  • किसी दोस्त के सिलेबस या मॉक टेस्ट नंबर से खुद की तुलना न करें
  • अपनी तैयारी और मेहनत पर भरोसा रखें

तुलना केवल आत्मविश्वास को कमजोर करती है।

तनाव से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय:-

  • रोज़ 10–15 मिनट गहरी सांस (Deep Breathing)
  • हल्की वॉक या स्ट्रेचिंग
  • मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी

कम नींद लेने से:-

  • याददाश्त कमजोर होती है
  • ध्यान भटकता है

रोज़ कम से कम 6–7 घंटे की नींद लें
हल्का, पौष्टिक भोजन करें

  • एडमिट कार्ड, पेन, पेंसिल पहले से तैयार रखें
  • परीक्षा से एक रात पहले ज़्यादा पढ़ाई न करें
  • खुद से सकारात्मक बातें करें

आपने पूरे साल जो पढ़ा है, वही परीक्षा में आएगा।

  • खुद पर भरोसा रखें
  • शांत मन से प्रश्न पत्र पढ़ें
  • आसान प्रश्न पहले हल करें
  • साइंस और गणित में फॉर्मूला रिवीजन
  • सोशल साइंस में तिथियों और कारण-परिणाम पर ध्यान
  • हिंदी/अंग्रेजी में लेखन अभ्यास
  • स्ट्रीम वाइज तैयारी (Science / Arts / Commerce)
  • डायग्राम और ग्राफ प्रैक्टिस
  • उत्तर की प्रस्तुति (Presentation) पर फोकस

मैट्रिक और इंटर बोर्ड परीक्षा 2026 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। अब समय है घबराने का नहीं, बल्कि समझदारी से तैयारी करने का। सही रणनीति, नियमित रिवीजन, समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन के साथ आप निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

याद रखें, परीक्षा आपके ज्ञान की परीक्षा है, डर की नहीं।
आत्मविश्वास रखें, सकारात्मक रहें और अपना सर्वश्रेष्ठ दें।

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यह वेबसाइट Sumit Sir के निर्देशन में संचालित है। इस बेवसाइट पर सही और सटीक जानकारी सबसे पहले उपलब्ध कराया जाता है। सुमित सर के पास पिछले पांच साल से ऑनलाइन और ऑफलाइन पढाने का अनुभव है। धन्यवाद।

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