बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 | 17 फरवरी से शुरू- जल्दी करें ये काम आएगा 400+:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की मैट्रिक परीक्षा 2026 अब बिल्कुल नजदीक है। 17 फरवरी से परीक्षा शुरू होने जा रही है और इस समय छात्रों के लिए हर एक दिन बहुत कीमती है। अब नए चैप्टर पढ़ने का समय नहीं बल्कि स्मार्ट रिवीजन, सही रणनीति और मानसिक तैयारी का समय है।
कई छात्र पूरे साल पढ़ाई करते हैं लेकिन आखिरी 10 दिनों की गलत तैयारी उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है। वहीं कुछ छात्र केवल सही प्लानिंग से 400+ अंक ले आते हैं। इसलिए यह आर्टिकल सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि लागू करने के लिए है।
बोर्ड. 17 से शुरू होगी धैर्य, अनुशासन व आत्मविश्वास की परीक्षा
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षा 2026 की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. राज्यभर में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किये गये है. बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की जायेगी. पटना जिले में कुल 70 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं, जहां 71,009 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. हर केट पर सुरक्षा, निगरानी और अनुशासन के विशेष प्रबंध किये गये हैं ताकि छात्रों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके. परीक्षा की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर पेश है यह रिपोर्ट.
कम टेंशन + ज्यादा रिवीजन = पास
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षा की सभी तैयारी भी पूरी कर ली है. इस बार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 में लड़कियों की संख्या अधिक है. इस बार मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 में 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे, इसमें सात लाख, 85 हजार, 829 लड़कियां व सात लाख 27 हजार, 134 लड़के शामिल होंगे. इस बार लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में 58 हजार 695 अधिक है.
वहीं, अगर बात करें तो पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मैट्रिक परीक्षा में कम परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं.
मैट्रिक परीक्षा 2025 में कुल 15 लाख, 97 हजार 646 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इस बार 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा 2026 में शामिल होंगे. मैट्रिक परीक्षा के लिए राज्य में 1699 केंद्र बनाये गये हैं. पटना में मैट्रिक की परीक्षा के लिए 70 केंद्र बनाये गये हैं. मैट्रिक की परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक आयोजित की जायेगी.
बोर्ड परीक्षाओं में बेटियों की बढ़ती भागीदारी गर्व की बात: आनंद किशोर
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शिक्षा योजनाओं का सकारात्मक असर दिख रहा है. इस वर्ष इंटर और मैट्रिक दोनों परीक्षाओं में लड़कों से अधिक लड़कियां शामिल हो रही हैं, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है.
सरकार की ओर से स्कूल जाने वाली लड़कियों की शिक्षा के लिए बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही है. इससे बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिला है. मैट्रिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी 2026 तक होगी. पटना में 70 केंद्रों पर 71,009 परीक्षार्थी शामिल होंगे.
- 58695 लड़कियां अधिक हो रही शामिल लड़कों की तुलना में
- 1699 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं मैट्रिक परीक्षा के लिए
- 1512963 परीक्षार्थी शामिल होंगे वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा में
- 1597646 परीक्षार्थी पिछले वर्ष की बोर्ड परीक्षा में हुए थे शामिल
परीक्षार्थियों के लिए बोर्ड ने जारी किये निर्देश
1. समय का रखें ध्यान, देर से पहुंचने पर नहीं मिलेगा प्रवेश
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 के लिए परीक्षा समिति ने कड़े निर्देश जारी किये हैं. परीक्षा केंद्र परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले खोल दिये जायेंगे, प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे से प्रवेश मिलेगा, जबकि 9:00 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा, वहीं द्वितीय पाली के लिए दोपहर 1:00 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 1:30 बजे गेट बंद हो जायेगा.
2. फांदने पर दो वर्ष परीक्षा से रहेंगे वंचित बिहार विद्यालय
परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षा को कदाचार मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किये हैं. यह स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा में देरी होने पर यदि कोई अभ्यर्थी चहारदीवारी फांदकर या किसी अवैध तरीके से केंद्र में प्रवेश करता है, तो उसे दो वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासित कर दिया जायेगा.
3. जूता-मोजा पहनकर न आयें परीक्षा देने
बिहार बोर्ड ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया है कि परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर ही केंद्र में आना होगा. ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति यदि कोई केंद्राधीक्षक देते हैं तो उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जायेगी.
4. बोर्ड के नियमों का सख्ती से पालन करें परीक्षा प्रारंभ
होने के आधा घंटा पहले मुख्य द्वार अनिवार्य रूप से बंद रहेगा. विलंब से पहुंचने वाले छात्रों को किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा, समिति ने सभी परीक्षार्थियों को निर्देश दिया है कि वे भीड़-भाड़ से बचने के लिए निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे और नियमों का सख्ती से पालन करें.
12वीं की परीक्षा आज से, 1.5 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
सीआइएससीइ बोर्ड की 12वीं की परीक्षा गुरुवार से शुरू होगी, जो छह अप्रैल तक चलेगी, पहले दिन मनोविज्ञान विषय की परीक्षा होगी. इस साल परीक्षा में करीब 1.5 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे, बोर्ड ने कक्षा 12वीं में 50 विषयों की परीक्षा निर्धारित की है, जबकि आइसीएसइ कक्षा 10 में 75 विषय शामिल है, कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी. बोर्ड ने 30 मिनट पहले परीक्षा हॉल पहुंचने के निर्देश जारी किये है. आइएससी थ्योरी परीक्षा दोपहर दो बजे शुरू होगी और तीन घंटे तक चलेगी. परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय दिया जायेगा, परीक्षा हॉल में प्रवेश पाने के लिए एडमिट कार्ड साथ ले जाना अनिवार्य है.
12वीं मनोविज्ञान के लिए संशोधित पाठ्यक्रम
मनोविज्ञान विषय की पहली परीक्षा में 70 अंकों का सैद्धांतिक प्रश्न पत्र और 30 अंकों का प्रोजेक्ट कार्य शामिल है. आइएससी मनोविज्ञान के संशोधित पाठ्यक्रम 2026 के अंतर्गत बुद्धि और क्षमता, व्यक्तित्व, जीवन काल विकास, तनाव और तनाव प्रबंधन, मनोवैज्ञानिक विकार और मनोचिकित्सा, सामाजिक विचार और सामाजिक व्यवहार, एटीट्यूड, पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों के संदर्भ में मनोविज्ञान शामिल है.
बोर्ड ने पहले कहा था कि
समय सारणी संतुलित शैक्षणिक कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गयी है. जिसमें जहां तक संभव हो, दो प्रमुख विषयों के बीच तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया गया है. मनोविज्ञान के पेपर के बाद, बोर्ड 13 फरवरी को कक्षा 12वीं का अंग्रेजी का पहला पेपर आयोजित करेगा
सीबीएसइ की 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा 17 से
बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के जीवन का अहम पड़ाव होती हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करती है. परीक्षा शुरू होने में अब केवल छह दिन शेष हैं, ऐसे में छात्रों को सोशल मीडिया और मोबाइल से दूरी बनाकर पूरा ध्यान रिवीजन पर केंद्रित करना चाहिए.
सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी.
10वीं की परीक्षा 10 मार्च तक, जबकि 12वीं की परीक्षा 9 अप्रैल तक चलेगी. सभी परीक्षाए सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित होंगी. प्राचार्यों ने सलाह दी है कि छात्र उन्हीं अध्यायों का दोहराव करें, जिनकी तैयारी मजबूत है. वहीं डायटिशियन ने बताया कि बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोटीन युक्त आहार, पर्याप्त नींद और तनाव मुक्त रहना बेहद जरूरी है.
एक्सपर्ट बोले- अब केवल रिविजन और सेहत पर दें ध्यान
- परीक्षा में अब कुछ ही दिन शेष है, इसलिए विद्यार्थी पूरे सिलेबस का कम से कम दो बार व्यवस्थित रिवीजन करें, बोर्ड के सैंपल पेपर हल कर समय प्रबंधन की प्रैक्टिस करें. उत्तर लिखते समय शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखें और साफ-सुथरी प्रस्तुति पर फोकस करें.
- विद्यार्थी पहले प्रश्नपत्र के पैटर्न को समझे और अधिक अंक वाले प्रश्नों को प्राथमिकता देते हुए हल करें. इस समय नई पढ़ाई शुरू करने के बजाय जो पढ़ा है, उसी का गहन रिवीजन करें. डायग्राम की लेबलिंग स्पष्ट रखें और गणित व न्यूमेरिकल विषयों के फार्मूले लिखकर दोहराएं.
- परीक्षा के दौरान तनाव बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन सही दिनचर्या से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. विद्यार्थी संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार को अपनी डाइट में शामिल करें. सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें और रात में सोने से पहले दूध पिएं, इससे एकाग्रता बढ़ती है. छह घंटे की नींद जरूर लें.
परीक्षा से पहले छात्रों को सबसे पहले क्या करना चाहिए
सबसे पहले अपनी स्थिति समझिए। आपको यह पता होना चाहिए कि:-
- कौन-कौन से विषय मजबूत हैं
- किन विषयों में डर लगता है
- किस चैप्टर से ज्यादा प्रश्न आते हैं
- कहां बार-बार गलती होती है
अधिकांश छात्र यही गलती करते हैं कि वे पूरी किताब फिर से पढ़ने लगते हैं। यह तरीका बोर्ड परीक्षा से पहले बिल्कुल गलत है। अब आपको चुनिंदा पढ़ाई करनी है।
परीक्षा वाले दिन क्या करें
सुबह उठते ही पढ़ाई नहीं
दिमाग शांत रखें
करें:-
- हल्का नाश्ता
- एडमिट कार्ड चेक
- 30 मिनट पहले केंद्र पहुंचें
न करें:-
- दोस्तों से उत्तर मिलाना
- नया टॉपिक पढ़ना
- घबराना
परीक्षा हॉल में ध्यान रखने वाली बातें
- पहले पूरा पेपर पढ़ें
- आसान प्रश्न पहले करें
- समय बचाकर रखें
- OMR ध्यान से भरें
सबसे बड़ी गलती — जल्दी में OMR गलत भरना
ये 5 गलतियां छात्रों को फेल कर देती हैं
- आखिरी दिन रात भर जागना
- नया चैप्टर पढ़ना
- घबराकर प्रश्न छोड़ देना
- लंबा लिखना लेकिन सही न लिखना
- OMR में कटिंग
मानसिक तैयारी भी जरूरी है
बोर्ड परीक्षा ज्ञान से ज्यादा धैर्य की परीक्षा है।
टॉपर और औसत छात्र में फर्क सिर्फ दिमाग का होता है।
याद रखें:-
घबराने वाला छात्र 70 लाता है
शांत छात्र 90+
400+ अंक लाने की टॉपर स्ट्रेटेजी
- हर प्रश्न attempt करें
- अनुमान से भी objective भरें
- उत्तर साफ लिखें
- समय का आधा भाग अंत में रखें
बिहार बोर्ड में 100% पेपर करना = 400+ की गारंटी
परीक्षा से एक रात पहले
बस इतना करें:-
- बैग तैयार
- पेन 3
- एडमिट कार्ड
- घड़ी
और फिर सो जाएं।
यही टॉपर करते हैं।
निष्कर्ष
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 अब आपके दरवाजे पर है।
अब मेहनत नहीं, सही दिशा में मेहनत जरूरी है।
अगर आपने ऊपर बताए गए 7 दिन के प्लान और परीक्षा हॉल की रणनीति को लागू कर लिया तो 400+ अंक आना मुश्किल नहीं रहेगा।
याद रखिए —
पढ़ाई से ज्यादा जरूरी है सही तरीका।
अब घबराने का नहीं, लागू करने का समय है।
आप कर सकते हैं।
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