इंटर और मैट्रिक परीक्षा सेंटर पर गश्ती दल से होगा चेकिंग- बड़ा बदलाव:-बिहार में होने वाली इंटरमीडिएट और मैट्रिक बोर्ड परीक्षा को लेकर इस बार परीक्षा व्यवस्था में बड़ा और सख्त बदलाव किया गया है। नकल और गड़बड़ी पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से हर चार परीक्षा केंद्रों पर एक गश्ती दल तैनात किया जाएगा। यह व्यवस्था पहली बार इतने व्यापक स्तर पर लागू की जा रही है।
इंटर-मैट्रिक परीक्षा में हर चार केंद्रों पर होगा एक गश्ती दल
इंटर और मैट्रिक परीक्षा के दौरान प्रत्येक चार केंद्रों पर एक गश्ती दल होगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी जिले के डीएम को इसका निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा है कि गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रश्नपत्र मिलेगा।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अधिकारियों-कर्मियों को नाम-पता करना होगा दर्ज
जिले में दोनों परीक्षाओं को लेकर 104 केंद्राधीक्षक बनाए गए हैं। जिले में मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर 23 केंद्रों पर 800 से अधिक बेंच डेस्क मांगे गये हैं।
बोर्ड ने निर्देश दिया है कि
गश्ती दंडाधिकारी के साथ केंद्र पर तैनात कोई अधिकारी-कर्मी भी रहेंगे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले रजिस्टर पर उन्हें अपना नाम पता दर्ज करना होगा। इसके बिना किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। मैट्रिक-इंटर परीक्षा में बेंच-डेस्क की दिक्कत काफी आ रही है। जिस केंद्र पर पहले से परीक्षा ली जाती रही है, आवासन भी पहले की तरह ही है, इसके बाद भी वहां बेंच डेस्क की कमी बताई जा रही है।
केन्द्राधीक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार दोनों परीक्षाओं में कमरों के अनुसार आवासन दे दिया गया,
लेकिन जब भौतिक जांच हुई तो उसके अनुसार केन्द्र पर बेंच डेस्क नहीं है। निजी स्कूलों में बनाए गए केंद्र पर अधिक परेशानी है। कई केंद्र ऐसे हैं, जहां आवासन तो 500 से 900 तक है, लेकिन वहां बेंच डेस्क 200-300 बच्चों के लिए ही है। इस बार 50 नए केन्द्राधीक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पहली बार परीक्षा लेंगे।
227 में 210 केंद्र ही अबतक ले गए प्रैक्टिकल के सामान
जिले में प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर 227 केंद्र बनाए गए हैं। प्रैक्टिकल के लिए प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट, उपस्थिति और अनुपस्थिति पत्रक, अवार्ड शीट, पॉली बैग समेत अन्य सामग्री इन्हें दी जा रही है। गुरुवार देर शाम तक 227 में 210 केन्द्र सामग्री ले गए। 10 जनवरी से इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षा होनी है।
- 104 केंद्राधीक्षक जिले में दोनों परीक्षाओं को लेकर बनाए गए
- 800 से अधिक बेंच डेस्क की जरूरत 23 केंद्रों पर बत बताई गई है
- इंटर और मैट्रिक परीक्षा को लेकर बिहार बोर्ड का डीएम को निर्देश
- गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही जारी किया जाएगा प्रश्नपत्र
परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अनिवार्य जांच
नए निर्देशों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का नाम-पता दर्ज करना अनिवार्य होगा। बिना पहचान दर्ज किए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
केंद्रों की क्षमता के अनुसार व्यवस्था
- पहली बार इतने बड़े स्तर पर निगरानी व्यवस्था लागू
- कुछ परीक्षा केंद्रों पर 200–300 परीक्षार्थी
- बड़े केंद्रों पर 500–900 परीक्षार्थी
- हर केंद्र पर 50 से अधिक वीक्षकों की तैनाती
प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर भी सख्ती
जिले में प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए 227 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 210 केंद्रों पर सामग्री पहुंच चुकी है।
इन सामग्रियों में शामिल हैं:
- प्रश्नपत्र
- उत्तर पुस्तिका
- अवार्ड शीट
- उपस्थिति पत्रक
- पॉली बैग व अन्य जरूरी सामग्री
जानकारी के अनुसार 10 जनवरी से इंटर और मैट्रिक की प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू की जाएगी।
बोर्ड का स्पष्ट संदेश
बिहार बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियम उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्र पर जांच कैसे होगी (Step-by-Step प्रक्रिया)
परीक्षा केंद्र पर जांच तीन स्तरों पर की जाएगी—
प्रवेश द्वार पर जांच
- परीक्षार्थियों की एडमिट कार्ड से पहचान
- मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, स्मार्ट घड़ी आदि पर रोक
- केवल अनुमति प्राप्त सामग्री (पेन, एडमिट कार्ड) ही ले जाने की अनुमति
- केंद्र में प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग (तलाशी)
केंद्र के अंदर जांच
- वीक्षक (Invigilator) द्वारा सीट पर बैठने से पहले जांच
- उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र का मिलान
- रोल नंबर, विषय और शिफ्ट की पुष्टि
- संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई
गश्ती दल द्वारा औचक निरीक्षण
- बिना सूचना के केंद्र पर पहुंचकर जांच
- वीक्षकों और केंद्राधीक्षक की उपस्थिति की जांच
- प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया पर निगरानी
- किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर रिपोर्ट
अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच कैसे होगी
इस बार सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के दायरे में होंगे—
- परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले
- अधिकारी-कर्मचारियों का नाम और पता दर्ज होगा
- पहचान पत्र अनिवार्य
- बिना रजिस्टर में एंट्री के किसी को प्रवेश नहीं
- गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही
- प्रश्नपत्र खोले जाएंगे
- कदाचार में शामिल पाए जाने पर
- तत्काल निलंबन और कानूनी कार्रवाई
छात्रों को परीक्षा केंद्र पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
बोर्ड ने सख्ती के साथ-साथ छात्र सुविधाओं पर भी ध्यान दिया है—
- शांत और अनुशासित परीक्षा वातावरण
- निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र वितरण
- पर्याप्त संख्या में वीक्षक
- सही रोशनी और बैठने की व्यवस्था
- साफ-सफाई और पेयजल (जहां उपलब्ध)
- भीड़भाड़ से बचाने के लिए
- केंद्रों को परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार विभाजित किया गया है
कुछ केंद्रों पर 200–300 छात्र होंगे, वहीं बड़े केंद्रों पर 500–900 परीक्षार्थी बैठेंगे।
नकल रोकने के लिए क्या विशेष इंतजाम किए गए हैं
- हर चार केंद्र पर एक गश्ती दल
- 23 संवेदनशील केंद्रों पर
- 800 से अधिक दंडाधिकारी और अधिकारी
- सीसीटीवी (जहां उपलब्ध) से निगरानी
- उड़नदस्ता टीम की तैनाती
- कदाचार पाए जाने पर
- परीक्षा रद्द + कानूनी कार्रवाई
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
- परीक्षा केंद्र समय से पहले पहुंचें
- सिर्फ जरूरी सामान ही साथ लाएं
- अफवाहों पर ध्यान न दें
- किसी भी परेशानी पर
- सीधे वीक्षक या केंद्राधीक्षक से संपर्क करें
निष्कर्ष
इस बार इंटर और मैट्रिक परीक्षा में जांच व्यवस्था, गश्ती दल और अधिकारी निगरानी के चलते परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। सख्ती का मकसद छात्रों को डराना नहीं, बल्कि ईमानदार छात्रों को सुरक्षित माहौल देना है।
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