मैट्रिक इंटर बोर्ड परीक्षा में पास होना है तो लाना है हर विषय में इतना लाना होगा अंक:-हर साल लाखों छात्र बोर्ड परीक्षा देते हैं — लेकिन सबसे बड़ा सवाल वही रहता है: पास होने के लिए आखिर कितने नंबर चाहिए?
बहुत से विद्यार्थी कुल प्रतिशत पर ध्यान देते हैं, जबकि असली नियम हर विषय के अलग-अलग पासिंग मार्क्स से जुड़ा होता है। अगर एक भी विषय में न्यूनतम अंक नहीं आया तो कुल प्रतिशत अच्छा होने के बावजूद Fail हो सकते हैं।
इस लेख में हम आपको मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) बोर्ड परीक्षा के थ्योरी + प्रैक्टिकल + इंटरनल असेसमेंट सहित पूरा पासिंग सिस्टम विस्तार से समझाने जा रहे हैं — ताकि परीक्षा से पहले ही आपका रिजल्ट सुरक्षित हो जाए।
बोर्ड परीक्षा पासिंग नियम क्या होता है?
भारत के लगभग सभी राज्य बोर्ड (जैसे बिहार बोर्ड, यूपी बोर्ड, CBSE, Jharkhand Board आदि) में पास होने का मूल नियम एक जैसा होता है:
हर विषय में कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है
लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि
33% कुल नहीं — अलग-अलग भागों में भी लागू होता है
मतलब:-
- थ्योरी अलग पास
- प्रैक्टिकल अलग पास
- इंटरनल अलग पास
अगर किसी एक में भी फेल → पूरा विषय फेल
मैट्रिक (10वीं) में पास होने के लिए कितने अंक चाहिए?
मैट्रिक में ज्यादातर विषय 100 अंक के होते हैं
(80 थ्योरी + 20 इंटरनल / प्रैक्टिकल)
10वीं पासिंग मार्क्स टेबल
| विषय कुल अंक | थ्योरी अंक | इंटरनल/प्रैक्टिकल | पास होने के लिए जरूरी |
|---|---|---|---|
| 100 | 80 | 20 | दोनों में अलग-अलग पास |
| थ्योरी | 80 | — | कम से कम 26–27 |
| इंटरनल | 20 | — | कम से कम 7 |
मतलब:-
अगर थ्योरी में 25 आया और इंटरनल में 20/20 आया — तब भी FAIL
क्योंकि थ्योरी में 33% नहीं हुआ।
विषय अनुसार न्यूनतम अंक (मैट्रिक)
| विषय | थ्योरी में कम से कम | इंटरनल/प्रैक्टिकल |
|---|---|---|
| हिन्दी | 26 | 7 |
| अंग्रेजी | 26 | 7 |
| गणित | 26 | — |
| विज्ञान | 26 | 7 |
| सामाजिक विज्ञान | 26 | 7 |
| संस्कृत/अन्य | 26 | 7 |
गणित में विशेष नियम
गणित में प्रैक्टिकल नहीं होता
इसलिए 100 में सीधा 33 नंबर जरूरी
बहुत छात्र यहीं फेल होते हैं।
इंटर (12वीं) में पास होने के लिए कितने अंक चाहिए?
इंटर में पासिंग नियम विषय और स्ट्रीम के अनुसार थोड़ा अलग होता है:-
- Arts
- Science
- Commerce
लेकिन 33% नियम यहाँ भी लागू होता है।
12वीं पासिंग मार्क्स (100 अंक वाले विषय)
| भाग | कुल अंक | पासिंग मार्क्स |
|---|---|---|
| थ्योरी | 70 | 23 |
| प्रैक्टिकल | 30 | 10 |
| कुल | 100 | 33 |
साइंस स्ट्रीम पासिंग मार्क्स (Physics, Chemistry, Biology)
| विषय | थ्योरी (70) | प्रैक्टिकल (30) | कुल |
|---|---|---|---|
| भौतिकी | 23 | 10 | दोनों जरूरी |
| रसायन | 23 | 10 | दोनों जरूरी |
| जीवविज्ञान | 23 | 10 | दोनों जरूरी |
बहुत महत्वपूर्ण:-
प्रैक्टिकल में फेल = पूरा विषय फेल
Arts / Commerce पासिंग मार्क्स
| विषय | थ्योरी | इंटरनल |
|---|---|---|
| इतिहास | 23 | 10 |
| भूगोल | 23 | 10 |
| राजनीति | 23 | 10 |
| अर्थशास्त्र | 23 | 10 |
| अकाउंटेंसी | 23 | 10 |
| बिजनेस | 23 | 10 |
ग्रेस मार्क्स का नियम (बहुत महत्वपूर्ण)
बोर्ड छात्रों को बचाने के लिए ग्रेस मार्क्स भी देता है।
कब मिलता है ग्रेस मार्क्स?
- 1 विषय में 8 अंक तक कम
- 2 विषय में 4-4 अंक कम
- टॉपर से 5 अंक कम होने पर
लेकिन ध्यान दें:-
प्रैक्टिकल में ग्रेस नहीं मिलता
कैसे बचाएं फेल होने से (रणनीति)
1. हर विषय में टारगेट 40 रखें
33 टारगेट नहीं — 40 = सेफ ज़ोन
2. सबसे पहले पासिंग टॉपिक पढ़ें
पेपर में 60% प्रश्न हर साल रिपीट होते हैं
इन पर ध्यान दें:-
- परिभाषा
- भेद
- कारण
- लघु उत्तरीय
- मानचित्र
3. कॉपी भरना सीखें
बोर्ड में ज्ञान नहीं — प्रस्तुति पास कराती है
लिखें:-
- हेडिंग
- पॉइंट
- अंडरलाइन
- डायग्राम
4. प्रैक्टिकल को हल्के में न लें
90% छात्र प्रैक्टिकल में पास हो जाते हैं
लेकिन जो नहीं जाते — वही फेल होते हैं
सामान्य गलतियाँ जिससे छात्र फेल होते हैं
- सिर्फ गेस पेपर पढ़ना
- गणित छोड़ देना
- प्रैक्टिकल में अनुपस्थित रहना
- प्रश्न पूरा न पढ़ना
- खाली कॉपी जमा करना
- एक विषय पर ज्यादा ध्यान
स्मार्ट स्टडी प्लान (पास होने की गारंटी वाला)
30 दिन की योजना
पहले 10 दिन
हर विषय के महत्वपूर्ण प्रश्न
अगले 10 दिन
पिछले 5 साल प्रश्नपत्र
अंतिम 10 दिन
रिवीजन + लिखकर अभ्यास
पास होने का असली फॉर्मूला
70% छात्र फेल इसलिए नहीं होते कि उन्हें नहीं आता
बल्कि इसलिए होते हैं कि उन्हें पासिंग सिस्टम नहीं पता
याद रखें:-
- हर विषय अलग पास
- थ्योरी अलग पास
- प्रैक्टिकल अलग पास
निष्कर्ष
मैट्रिक और इंटर बोर्ड परीक्षा पास करना मुश्किल नहीं है — अगर आप नियम समझ लें।
आपको टॉपर बनने की जरूरत नहीं है, बस हर विषय में न्यूनतम 33% अंक सुरक्षित कर लीजिए।
- थ्योरी में पास
- प्रैक्टिकल में पास
- सभी विषय में पास
बस रिजल्ट पक्का।
जो छात्र इन नियमों को समझकर तैयारी करते हैं, उनका रिजल्ट कभी खराब नहीं आता।
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