मैट्रिक परीक्षा 2026 – परीक्षा केंद्र पर ये गलती किया तो दो वर्ष के लिए परीक्षा से बाहर:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक परीक्षा 2026 को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड का साफ संदेश है—अनुशासन से कोई समझौता नहीं। परीक्षा केंद्र पर नियम तोड़ने, सुरक्षा में बाधा डालने या अवैध तरीके से प्रवेश करने पर दो वर्षों तक परीक्षा से निष्कासन और कानूनी कार्रवाई तक हो सकती है।
यह लेख छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों—तीनों के लिए पूरी जानकारी देता है, ताकि परीक्षा के दिन कोई भी गलती न हो।
मैट्रिक परीक्षा में जूता-मोजा पहन कर आने पर रहेगी रोक
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कहा है कि 17 फरवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक परीक्षा में विलंब से पहुंचने के कारण केंद्र में चहारदीवारी फांद कर या अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले अभ्यर्थी दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित होंगे. बोर्ड ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिया है.
केंद्र की चहारदीवारी फांदी, तो दो वर्ष के लिए होंगे निष्कासित
समिति ने कहा है कि परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहन कर आना मना है. इसलिए जूता-मोजा पहन कर परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी. परीक्षार्थियों को जूता-मोजा की जगह चप्पल पहन कर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा. मैट्रिक परीक्षा 25 फरवरी तक चलेगी. इसमें 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे.
अवैध तरीके से प्रवेश करने पर कार्रवाई
समिति ने कहा है कि परीक्षार्थियों को दोनों पालियों की परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा. परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिया जायेगा. यदि कोई परीक्षार्थी विलंब से पहुंचता है और जबरदस्ती प्रवेश करता है, तो उसे समिति के निर्देशों का उल्लंघन और क्रिमिनल ट्रेसपास की श्रेणी में रखा जायेगा. साथ ही यह कदाचारहित परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास और आपराधिक कृत भी माना जायेगा.
यही नहीं, बोर्ड ने कहा है कि
संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्ष परीक्षा से निष्कासित करने के साथ ही उसके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जायेगी. बोर्ड ने कहा है कि ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति यदि कोई केंद्राधीक्षक देते हैं, तो उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जायेगी.
पहली पाली में नौ बजे तक ही मिलेगा प्रवेश
केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले प्रवेश करना होगा. केंद्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले बंद हो जायेगा. प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के समय 9:30 बजे से 30 मिनट पूर्व यानी नौ बजे तक और दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के समय दो बजे से 30 मिनट पहले यानी 1:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. प्रथम पाली में 8:30 बजे से और दूसरी पाली में एक बजे से केंद्र पर प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा.
इंटर परीक्षा : 10 जिलों से 12 नकलची पकड़े गये
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार इंटर परीक्षा 2026 के तहत शुक्रवार को राज्यभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई. प्रथम पाली में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के परीक्षार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय की परीक्षा तथा द्वितीय पाली में कला संकाय एवं व्यावसायिक के परीक्षार्थियों के लिए हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गयी. प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चली. वहीं, द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें 6,45,655 परीक्षार्थियों ने भाग लिया. समिति के अनुसार परीक्षा के दौरान सख्त निगरानी के बावजूद 10 जिलों से कुल 12 नकलची पकड़े गये.
मैट्रिक : चहारदीवारी फांदी तो दो वर्ष के लिए छात्र होंगे निष्कासित
मैट्रिक परीक्षा में विलंब से पहुंचने पर केंद्र की चारदीवारी फांदकर या अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले परीक्षार्थी दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित किए जाएंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस संबंध में जिलों को निर्देश दिया है।
समिति ने कहा कि परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आना मना है। जूता-मोजा पहने हुए परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षार्थियों को जूते-मोजे की जगह चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। मैट्रिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसमें 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
क्रिमिनल ट्रेसपास की श्रेणी में होंगे शामिल
परीक्षार्थियों को दोनों पाली की परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा। वहीं परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिया जायेगा। यदि कोई परीक्षार्थी विलंब से परीक्षा केंद्र पर पहुंचता है और जबरदस्ती प्रवेश करता है तो उसे समिति के निर्देशों का उल्लंघन और क्रिमिनल ट्रेसपास की श्रेणी में रखा जायेगा। साथ ही यह कदाचारहित परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास और आपराधिक कृत भी समझा जायेगा।
बोर्ड ने कहा कि
संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्ष परीक्षा से निष्कासित करने के साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जायेगी। ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति यदि कोई केंद्राधीक्षक देते हैं तो उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जायेगी।
मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले बंद हो जायेगा
मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए समिति द्वारा जारी प्रवेश पत्र और परीक्षा संचालन के लिए निर्गत मार्गदर्शिका में कहा गया है कि केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले प्रवेश करना होगा। केंद्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले बंद हो जायेगा।
समिति ने कहा कि
प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के समय 9:30 बजे से 30 मिनट पूर्व यानि नौ बजे तक जबकि दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के समय दो बजे से 30 मिनट पहले यानी 1:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
मैट्रिक परीक्षा 2026 क्यों है इतनी सख्त?
हर साल बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होते हैं। 2026 में भी लगभग 15 लाख छात्र-छात्राएं मैट्रिक परीक्षा देंगे। नकल, अव्यवस्था और अनुशासनहीनता रोकने के लिए बोर्ड ने शून्य सहनशीलता नीति अपनाई है।
इस नीति का मकसद:
- निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा
- ईमानदार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा
- परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता
परीक्षा केंद्र में प्रवेश का समय (Gate Entry Rules)
परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना अनिवार्य है। देरी का कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा।
पहली पाली
- परीक्षा शुरू होने से 1 घंटा पहले केंद्र में प्रवेश
- मुख्य द्वार आधा घंटा पहले बंद
दूसरी पाली
- परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले प्रवेश
- निर्धारित समय के बाद किसी को भी अंदर नहीं लिया जाएगा
देरी से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी, चाहे कारण कुछ भी हो।
एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का महत्व
परीक्षार्थी के पास होना अनिवार्य:-
- मैट्रिक एडमिट कार्ड 2026
- स्कूल आईडी / वैध पहचान पत्र
बिना एडमिट कार्ड के किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा।
कितने परीक्षार्थी होंगे शामिल?
- मैट्रिक परीक्षा 2026 में लगभग 15 लाख से अधिक छात्र
- परीक्षा तिथि: 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026
- परीक्षा दो पालियों में आयोजित
परीक्षार्थियों के लिए जरूरी सुझाव (Very Important)
परीक्षा के दिन किसी परेशानी से बचने के लिए इन बातों का पालन करें:-
- परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें
- जूता-मोजा न पहनें, केवल चप्पल/सैंडल पहनें
- एडमिट कार्ड और पहचान पत्र पहले से तैयार रखें
- किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया की गलत सूचना पर भरोसा न करें
- परीक्षा केंद्र के बाहर अनुशासन बनाए रखें
- नियम तोड़ने वाले किसी भी छात्र का साथ न दें
अभिभावकों के लिए खास अपील
अभिभावक अपने बच्चों को:-
- समय का महत्व समझाएं
- नियमों की जानकारी दें
- अनावश्यक दबाव न बनाएं
- परीक्षा केंद्र तक समय से छोड़ें
निष्कर्ष (Conclusion)
मैट्रिक परीक्षा 2026 केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की नींव है। बिहार बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता की कोई जगह नहीं है।
परीक्षा केंद्र पर छोटी सी गलती भी दो साल के नुकसान में बदल सकती है। इसलिए नियमों को गंभीरता से लें, सही तैयारी करें और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
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