इंटर में कम्पार्टमेंटल वालो को ग्रेस अंक नहीं | बाकी बच्चे ग्रेस से होगें पास -:- बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2027 को लेकर छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। परीक्षा में कंपार्टमेंटल श्रेणी से शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को ग्रेस अंक, श्रेणी (Division) या अन्य किसी विशेष सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में जिन छात्रों को कंपार्टमेंटल श्रेणी में परीक्षा देनी है, उन्हें यह नियम अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
वहीं, नियमित परीक्षा देने वाले अन्य पात्र विद्यार्थियों के लिए बिहार बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी अलग नियमों के तहत लागू हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी छात्रों को अपने आप ग्रेस अंक मिल जाएंगे। ग्रेस अंक केवल बोर्ड के निर्धारित नियम और पात्रता पूरी होने पर ही दिए जाते हैं।
इंटर में कंपार्ट वालों को ग्रेस-श्रेणी का लाभ नहीं
सत्र 2023-25 और उसके बाद के विद्यार्थी इंटर परीक्षा 2027 में शामिल हो सकेंगे। 2027 की इंटर परीक्षा में कंपार्ट में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को ग्रेस, श्रेणी या अन्य किसी तरह की सुविधा नहीं मिलेगी। 25 अगस्त से इंटर का परीक्षा फॉर्म भराना शुरू हो गया है।
25 अगस्त से शुरू हुआ इंटर का परीक्षा फॉर्म भराना
सत्र 2025 और 26 के छात्र-छात्राओं को पूर्ववर्ती कोटि में सभी विषय की परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। सत्र 2022-24 और इससे पहले के परीक्षार्थी इस बार की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इसे लेकर निर्देश दिया है।
सत्र 2023-25 और बाद के छात्र 2027 में हो सकेंगे शामिल
इंटर परीक्षा 2025 और 26 के सूचीकृत विद्यार्थी का सूचीकरण संख्या इंटर परीक्षा 2027 में पूर्ववर्ती कोटि के तौर पर शामिल होने के लिए मान्य है। पूर्ववर्ती कोटि के परीक्षार्थी अपने स्कूल-कॉलेज के माध्यम से अपने सभी विषय की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सूचीकरण की मान्यता लगातार तीन साल के लिए ही वैध है। ऐसे में इससे पहले के छात्र छात्राओं को आवेदन करने का मौका नहीं दिया गया है। फिलहाल 25 अगस्त से इंटर का परीक्षा फॉर्म भराना शुरू हो गया है। फॉर्म भरने के लिए छात्र शिक्षण संस्थानों में पहुंच रहे हैं और जानकारी ले रहे हैं।
प्रैक्टिकल में अनुपस्थित छात्र नहीं हो सकेंगे कंपार्टमेंटल में शामिल
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 2027 की परीक्षा के लिए निर्देश दिया है कि 2023-25 और 2024-26 के वैसे छात्र-छात्राएं जो दो विषयों में फेल रहे हों, वे कंपार्टमेंटल के तौर पर 2027 की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इन अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल विषय में परीक्षा में शामिल होना और पास होना अनिवार्य है। अगर प्रैक्टिकल में छात्र अनुतीर्ण या अनुपस्थित रहे हैं तो वे कंपार्टमेंट श्रेणी की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जारी किया निर्देश
कंपार्ट के तौर पर शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को विशेष परीक्षा या मुख्य परीक्षा में प्रैक्टिकल में मिले अंक को कैरी ऑन किया जाएगा। इस कोटि के परीक्षार्थी को श्रेणी, ग्रेस अंक और अन्य सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। दो विषयों या अधिक में फेल परीक्षार्थी पूर्ववर्ती कोटि में भी शामिल हो सकते हैं।
कंपार्टमेंटल छात्रों को नहीं मिलेगा ग्रेस अंक
इंटर परीक्षा 2027 में कंपार्टमेंटल श्रेणी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें—
- ग्रेस अंक का लाभ नहीं मिलेगा
- श्रेणी या डिवीजन से संबंधित विशेष लाभ नहीं मिलेगा
- अन्य विशेष सुविधा का लाभ भी नहीं मिलेगा
यानी अगर कोई छात्र कंपार्टमेंटल श्रेणी में परीक्षा दे रहा है तो उसे अपने निर्धारित विषय में आवश्यक अंक प्राप्त करके ही सफल होना होगा।
यह नियम उन छात्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जो यह सोच रहे हैं कि कुछ अंक कम होने पर उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा में भी ग्रेस अंक मिल सकता है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार कंपार्टमेंटल श्रेणी में ग्रेस अंक की सुविधा नहीं दी जाएगी।
कौन-कौन छात्र इंटर परीक्षा 2027 में शामिल हो सकेंगे?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार सत्र 2023-25 और उसके बाद के विद्यार्थी इंटर परीक्षा 2027 में शामिल हो सकेंगे।
लेकिन पुराने सत्र के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने पात्रता से संबंधित अलग नियम निर्धारित किए हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2022-24 और इससे पहले के परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
इसलिए जिन छात्रों का सत्र पुराना है, उन्हें अपने स्कूल या कॉलेज से अपनी पात्रता की जानकारी अवश्य जांच लेनी चाहिए।
पूर्ववर्ती कोटि के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
इंटर परीक्षा 2027 में पूर्ववर्ती कोटि से शामिल होने वाले छात्रों के लिए भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं।
प्रकाशित जानकारी के अनुसार पूर्ववर्ती कोटि में परीक्षा देने वाले पात्र छात्र अपने स्कूल या कॉलेज के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
यह भी बताया गया है कि सूचीकरण संख्या की वैधता सीमित अवधि तक होती है। इसलिए छात्र यह मानकर न चलें कि पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर हमेशा के लिए मान्य रहेगा।
दो विषयों में फेल छात्र कंपार्टमेंटल परीक्षा दे सकेंगे
इंटर परीक्षा 2027 के लिए जारी जानकारी के अनुसार कुछ सत्रों के ऐसे छात्र-छात्राएं जो दो विषयों में फेल रहे हैं, वे निर्धारित नियमों के अनुसार कंपार्टमेंटल श्रेणी में परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
लेकिन इसके लिए प्रैक्टिकल परीक्षा से संबंधित नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होगा।
प्रैक्टिकल में फेल या अनुपस्थित हैं तो बड़ी परेशानी
कंपार्टमेंटल श्रेणी में परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए प्रैक्टिकल विषय को लेकर महत्वपूर्ण शर्त रखी गई है।
यदि छात्र के विषय में प्रैक्टिकल परीक्षा है, तो उसे—
प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होना जरूरी है?
प्रैक्टिकल में सफल होना जरूरी है?
यदि कोई छात्र प्रैक्टिकल परीक्षा में—
- अनुपस्थित रहा हो या
- प्रैक्टिकल विषय में अनुतीर्ण रहा हो
तो वह निर्धारित कंपार्टमेंटल श्रेणी में शामिल होने के लिए पात्र नहीं हो सकता।
इसलिए छात्रों को केवल लिखित परीक्षा ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल परीक्षा को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
क्या प्रैक्टिकल के पुराने अंक दोबारा मिलेंगे?
प्रकाशित जानकारी के अनुसार कंपार्टमेंटल श्रेणी में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल में पहले प्राप्त अंक कैरी फॉरवर्ड किए जा सकते हैं, जैसा कि संबंधित परीक्षा नियमों में निर्धारित है।
हालांकि छात्रों को अपने स्कूल/कॉलेज और बिहार बोर्ड की आधिकारिक सूचना से अपने विषय और श्रेणी के अनुसार नियम की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
ग्रेस मार्क्स क्या होता है?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल—ग्रेस मार्क्स आखिर होता क्या है?
ग्रेस मार्क्स, जिसे हिंदी में कई बार कृपांक भी कहा जाता है, ऐसे अतिरिक्त अंक होते हैं जो बोर्ड के निर्धारित नियमों के अनुसार किसी विद्यार्थी को पास घोषित करने के लिए दिए जा सकते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि कोई विद्यार्थी बहुत कम अंकों से फेल हो रहा है और बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी के अंतर्गत उसकी कमी निर्धारित सीमा में आती है, तो बोर्ड आवश्यक अंक देकर उसे पास घोषित कर सकता है।
लेकिन ध्यान रखें—
ग्रेस अंक हर छात्र को नहीं मिलता
छात्र अपनी इच्छा से ग्रेस अंक के लिए आवेदन करके इसे तय नहीं कर सकता
कंपार्टमेंटल श्रेणी के उम्मीदवारों को इस बार यह सुविधा नहीं मिलेगी
बोर्ड के नियम और पात्रता के आधार पर ही ग्रेस अंक दिया जाता है
बिहार बोर्ड में कितने ग्रेस अंक मिल सकते हैं?
बिहार बोर्ड की प्रचलित ग्रेस मार्क्स व्यवस्था के बारे में प्रकाशित जानकारी के अनुसार कुछ स्थितियों में छात्र को नियम के अनुसार आवश्यक अंक दिए जा सकते हैं।
1. एक विषय में कम अंकों से फेल होने पर
यदि कोई विद्यार्थी एक विषय में निर्धारित सीमा के भीतर कम अंकों से फेल हो रहा है, तो उसे नियम के अनुसार ग्रेस अंक देकर पास घोषित किया जा सकता है।
प्रचलित नियमों के अनुसार एक विषय में अधिकतम 8 प्रतिशत तक की कमी की स्थिति में आवश्यक अंक देने का प्रावधान बताया गया है।
उदाहरण के लिए, 100 अंकों के किसी विषय में यह सीमा सामान्य रूप से 8 अंक तक हो सकती है।
2. दो विषयों में कम अंकों से फेल होने पर
यदि कोई विद्यार्थी दो विषयों में निर्धारित सीमा के भीतर फेल हो रहा है, तो प्रत्येक विषय में नियम के अनुसार ग्रेस अंक का लाभ मिल सकता है।
प्रचलित जानकारी के अनुसार दो विषयों में प्रत्येक विषय में 4 प्रतिशत तक की कमी की स्थिति में आवश्यक अंक दिए जाने का नियम बताया गया है।
3. 75 प्रतिशत कुल अंक वाले छात्रों के लिए विशेष स्थिति
प्रचलित बिहार बोर्ड नियमों में एक विशेष स्थिति का भी उल्लेख मिलता है। यदि किसी विद्यार्थी ने कुल मिलाकर 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, लेकिन वह एक विषय में निर्धारित सीमा के भीतर कम अंकों से फेल है और किसी अन्य नियम के तहत पास नहीं हो सकता, तो विशेष प्रावधान के तहत उसे पास घोषित किए जाने का नियम बताया गया है।
सबसे जरूरी बात:- कंपार्टमेंटल में यह लाभ नहीं
यहां छात्रों को सबसे बड़ा अंतर समझना चाहिए।
नियमित/पात्र उम्मीदवार
बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी के तहत पात्रता होने पर लाभ मिल सकता है।
कंपार्टमेंटल श्रेणी के उम्मीदवार
इंटर परीक्षा 2027 के लिए प्रकाशित निर्देशों के अनुसार ग्रेस अंक का लाभ नहीं मिलेगा।
इसलिए कंपार्टमेंटल परीक्षा देने वाले छात्रों को यह सोचकर तैयारी नहीं करनी चाहिए कि कुछ अंक कम होने पर ग्रेस से पास हो जाएंगे। उन्हें अपने विषय में पास होने के लिए आवश्यक प्रदर्शन करना होगा।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
इंटर परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले सभी छात्र-छात्राएं—
- अपना सत्र और परीक्षा श्रेणी जांच लें
- स्कूल/कॉलेज से फॉर्म की पात्रता की पुष्टि करें
- कंपार्टमेंटल और पूर्ववर्ती कोटि का अंतर समझें
- प्रैक्टिकल परीक्षा को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
- ग्रेस अंक को पास होने की गारंटी न मानें
- बिहार बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक सूचना को जरूर देखें
निष्कर्ष
कंपार्टमेंटल श्रेणी में शामिल होने वाले छात्रों को इंटर परीक्षा 2027 में ग्रेस अंक का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए ऐसे छात्रों को अपनी परीक्षा की तैयारी पूरी मजबूती के साथ करनी चाहिए।
बाकी पात्र विद्यार्थियों को बोर्ड की निर्धारित ग्रेस मार्क्स पॉलिसी के अनुसार लाभ मिल सकता है, लेकिन यह सुविधा सभी छात्रों के लिए ऑटोमैटिक नहीं होती। अंतिम निर्णय और अंक निर्धारण बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।
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Disclaimer
यह पोस्ट उपलब्ध प्रकाशित जानकारी और वर्तमान में सामने आए परीक्षा निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। ग्रेस मार्क्स, कंपार्टमेंटल, पूर्ववर्ती कोटि और परीक्षा पात्रता से संबंधित अंतिम नियम बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार ही मान्य होंगे। बोर्ड भविष्य में नियमों में संशोधन कर सकता है, इसलिए छात्र अंतिम जानकारी के लिए अपने स्कूल/कॉलेज और आधिकारिक बिहार बोर्ड सूचना जरूर जांचें।



