साइकिल छात्रवृत्ति और वर्दी योजना का सबका पैसा आया -:- बिहार के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए साइकिल योजना, छात्रवृत्ति योजना, पोशाक/वर्दी योजना और अन्य लाभुक आधारित योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन योजनाओं का लाभ देने के लिए 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति को महत्वपूर्ण आधार बनाया है।
शिक्षा विभाग की ओर से 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के आधार पर पात्रता तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए स्कूलों को विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज करना है। 75% या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने YES और इससे कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने NO दर्ज किया जाना है।
तीस सितंबर तक 75% उपस्थिति वाले बच्चों को योजनाओं का लाभ
सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए इस साल 75 फीसदी उपस्थिति आवश्यक होगी। ऐसे बच्चों को ही डीबीटी के जरिये राशि खाते में दी जाएगी।राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पस्थिति की शर्त अनिवार्य कर दी है।
शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों से मांगी ऐसे बच्चों की रिपोर्ट
शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश से ऐसे बच्चों की रिपोर्ट मांगी है, जिनकी उपस्थिति एक अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक 75 फीसदी या उससे अधिक रही हो। इस दौरान नामांकित सभी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का आंकड़ा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होगा। जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक होगी, उनके सामने पोर्टल पर ‘यस’ और 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वालों के सामने ‘नो’ दर्ज किया जाएगा। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आंकड़े का सत्यापन सुनिश्चित करें।
समय पर सही जानकारी पोर्टल पर अपलोड कराएं। 75 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त मुख्य रूप से छात्रवृत्ति, साइकिल योजना, वर्दी योजना और अन्य लाभुक आधारित सरकारी योजनाओं के लिए लागू है। इन योजनाओं की राशि डीबीटी के तहत छात्र-छात्राओं के खाते में भेजी जाती है।
नियमों में दी गई थी ढील
यह नियम बिहार में पहले से लागू है। लेकिन, वर्ष 2025 में सरकार ने इस नियम को दो बार ढील दी थी और छात्रों को सत्र की शुरुआत में ही लाभ देने की व्यवस्था की थी। हालांकि, 2026 में फिर से 75 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त को कड़ाई से लागू किया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को इसका पालन करने का निर्देश दिया है। विभाग ने सभी स्कूलों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपस्थिति का डेटा दर्ज करने का आदेश दिया है।
क्या है प्रधानाध्यापक और बीईओ की जिम्मेदारी
- सभी प्रधानाध्यापकों को वास्तविक उपस्थिति का सटीक रिकॉर्ड रखना होगा।
- डाटा प्रविष्टि पूरी होने के बाद समय से प्रधानाध्यापक पोर्टल पर सबमिट करेंगे।
- इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के लॉगिन में आंकड़े सत्यापन के लिये जाएंगे।
- बीईओ स्तर से सत्यापन के बाद डाटा को स्वीकृत या अस्वीकृत किया जायेगा।
- त्रुटि मिलने पर उसे सुधार को स्कूल के लॉगिन पर वापस भेजा जायेगा।
- 06 महीने की उपस्थिति के आधार पर ही योजना का लाभ देने की तैयारी
- छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का आंकड़ा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होगा
- जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आंकड़े का सत्यापन सुनिश्चित करें
- 01 अप्रैल से 30 सितंबर तक नामांकित बच्चों की जानकारी मांगी
75% उपस्थिति अनिवार्य, तभी मिलेगा योजनाओं का लाभ
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाभुक आधारित योजनाओं का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों की कम-से-कम 75% उपस्थिति को आधार बनाया गया है।
इसके अंतर्गत मुख्य रूप से—
- मुख्यमंत्री साइकिल योजना
- छात्रवृत्ति योजना
- मुख्यमंत्री पोशाक/वर्दी योजना
- अन्य लाभुक आधारित सरकारी योजनाएं
- का लाभ पात्र विद्यार्थियों को दिया जाना है।
शिक्षा विभाग द्वारा अप्रैल से सितंबर तक की उपस्थिति को आधार बनाकर विद्यार्थियों का डेटा तैयार किया जा रहा है।
1 अप्रैल से 30 सितंबर तक की उपस्थिति का होगा हिसाब
इस साल विद्यार्थियों की पात्रता निर्धारित करने के लिए 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की उपस्थिति को देखा जा रहा है।
स्कूल में नामांकित सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज किया जाना है।
| उपस्थिति | पोर्टल पर स्थिति |
|---|---|
| 75% या उससे अधिक | YES |
| 75% से कम | NO |
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होगा पूरा डेटा
विद्यार्थियों की उपस्थिति का डेटा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद इस डेटा का सत्यापन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होगी—
विद्यालय → प्रधानाध्यापक → प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) → जिला स्तर → अंतिम स्वीकृति → PFMS/DBT → विद्यार्थी का बैंक खाता
इस प्रक्रिया में किसी विद्यार्थी के डेटा में गलती मिलने पर उसे सुधार के लिए स्कूल लॉगिन पर वापस भी भेजा जा सकता है।
प्रधानाध्यापक की क्या जिम्मेदारी होगी?
स्कूल के प्रधानाध्यापक को अपने लॉगिन से विद्यार्थियों की जानकारी की जांच करनी होगी।
प्रधानाध्यापक की प्रमुख जिम्मेदारियां हैं—
- सभी नामांकित विद्यार्थियों की उपस्थिति का सही रिकॉर्ड रखना।
- 75% या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को YES करना।
- 75% से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को NO करना।
- सभी आवश्यक डेटा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज करना।
- डेटा की जांच करने के बाद उसे पोर्टल पर Submit करना।
- किसी गलती की स्थिति में आवश्यक सुधार करना।
BEO करेंगे डेटा का सत्यापन
विद्यालय द्वारा डेटा Submit करने के बाद यह संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के लॉगिन में जाएगा।
BEO स्तर पर डेटा की जांच की जाएगी। अगर जानकारी सही है तो उसे Verify/Approve किया जाएगा और अगर कोई गलती मिलती है तो उसे सुधार के लिए स्कूल लॉगिन पर वापस भेजा जा सकता है।
इसके बाद डेटा जिला स्तर पर अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में जाएगा।
पैसा किस तरह मिलेगा?
योजनाओं की राशि विद्यार्थियों के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जानी है।
अर्थात पात्र विद्यार्थी का पैसा सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। विभागीय प्रक्रिया में डेटा सत्यापन और अंतिम स्वीकृति के बाद भुगतान PFMS के माध्यम से किया जाता है।
इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि—
- बैंक खाता चालू हो।
- बैंक खाते में सही नाम दर्ज हो।
- आधार से बैंक खाता लिंक/सीडेड हो।
- विद्यार्थी का बैंक विवरण सही हो।
- स्कूल रिकॉर्ड में नाम और अन्य जानकारी सही हो।
साइकिल, छात्रवृत्ति और वर्दी का पैसा कैसे चेक करें?
अगर आप जानना चाहते हैं कि साइकिल, छात्रवृत्ति या वर्दी/पोशाक योजना की राशि आपके खाते में आई है या नहीं, तो सबसे भरोसेमंद तरीका अपने बैंक खाते का बैलेंस और लेनदेन (Transaction) चेक करना है।
आप निम्न तरीकों से चेक कर सकते हैं—
1. बैंक ऐप से
अगर आपके बैंक का मोबाइल ऐप है तो उसमें Login करके Account Balance/Transaction History देखें।
2. ATM से
ATM मशीन पर जाकर Balance Enquiry या Mini Statement निकाल सकते हैं।
3. बैंक शाखा से
पासबुक लेकर बैंक शाखा में जाकर अपडेट करा सकते हैं।
4. CSP/बैंक मित्र से
नजदीकी बैंक CSP या बैंक मित्र के माध्यम से भी खाते का बैलेंस चेक किया जा सकता है।
ध्यान रखें:- केवल किसी वेबसाइट पर नाम देखकर यह जरूरी नहीं कि पैसा खाते में क्रेडिट हो गया हो। वास्तविक भुगतान की पुष्टि बैंक खाते के Transaction से ही करें।
पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर आपकी उपस्थिति 75% या उससे अधिक है लेकिन अभी तक योजना की राशि बैंक खाते में नहीं आई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
सबसे पहले अपने स्कूल में जाकर पूछें कि—
- ई-शिक्षाकोष में आपका नाम दर्ज है या नहीं?
- आपकी उपस्थिति YES की गई है या नहीं?
- बैंक खाता और आधार की जानकारी सही है या नहीं?
- आपका डेटा BEO स्तर पर Verify हुआ है या नहीं?
- आपका नाम अंतिम लाभुक सूची में गया है या नहीं?
अगर डेटा में कोई गलती है तो स्कूल स्तर पर उसे सुधारने के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
75% उपस्थिति का नियम क्यों जरूरी है?
बिहार सरकार की विभिन्न लाभुक योजनाओं का उद्देश्य स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा से जुड़ाव को बढ़ाना भी है। इसी कारण योजना का लाभ देने के लिए उपस्थिति को एक महत्वपूर्ण पात्रता के रूप में रखा गया है।
वर्तमान प्रक्रिया में 75% या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को पात्रता के लिए YES और कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को NO दर्ज किया जा रहा है।
2026-27 में किन योजनाओं पर असर पड़ेगा?
75% उपस्थिति की शर्त मुख्य रूप से इन लाभुक योजनाओं से जुड़ी है—
| योजना | लाभ |
|---|---|
| साइकिल योजना | पात्र विद्यार्थियों को साइकिल योजना की राशि/लाभ |
| छात्रवृत्ति योजना | पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति |
| पोशाक/वर्दी योजना | विद्यालयी पोशाक के लिए निर्धारित राशि |
| अन्य लाभुक योजनाएं | पात्रता के अनुसार सरकारी सहायता |
सबसे जरूरी बात
अगर आपका बच्चा बिहार के सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में पढ़ता है, तो 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक की उपस्थिति के बारे में स्कूल से जानकारी जरूर लें।
75% या उससे अधिक उपस्थिति होने पर ई-शिक्षाकोष में पात्रता के लिए YES दर्ज किया जाना है। इसके बाद सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित योजना की राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी।
निष्कर्ष
बिहार के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए साइकिल, छात्रवृत्ति और वर्दी योजना का लाभ लेने में 75% उपस्थिति इस वर्ष महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग ने 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक की उपस्थिति के आधार पर पात्र विद्यार्थियों का डेटा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। डेटा ई-शिक्षाकोष पर दर्ज और सत्यापित होने के बाद राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इसलिए विद्यार्थी अभी स्कूल में अपनी YES/NO स्थिति की जानकारी लें और बैंक खाते का Transaction जरूर चेक करें।
Important Link
| साईकिल पोशाक छात्रवृति प्रोत्साहन राशि | CLICK HERE |
| छात्रवृत्ति/मेधासॉफ्ट की आधिकारिक वेबसाइट | CLICK HERE |
| ई-शिक्षाकोष / योजना संबंधी मूल जानकारी | CLICK HERE |
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOUTUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |



