बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा सेंटर पर ये ये चिजें- भूलकर भी न ले जाएं:-हर साल बहुत से छात्र पढ़ाई अच्छी करने के बाद भी छोटी-छोटी गलतियों की वजह से परीक्षा नहीं दे पाते। सबसे बड़ा कारण होता है — सेंटर नियमों की जानकारी न होना।
इस बार बिहार बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा में सुरक्षा और कदाचार रोकने के लिए नियम काफी सख्त कर दिए हैं। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन-सी चीज़ें लेकर जाएँ और कौन-सी बिल्कुल नहीं।
यह लेख ऐसे तैयार किया गया है कि छात्र और अभिभावक दोनों बिना भ्रम के पूरी तैयारी कर सकें।
बिहार बोर्ड : मैट्रिक की परीक्षा 17 से, जूता-मोजा पहनकर प्रवेश प्रतिबंधित
बिहारबोर्ड की वार्षिक मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से जारी किए गए हैं। समिति ने कहा है कि परीक्षा की शुचिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। यह परीक्षा 25 फरवरी तक होगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से एक घंटा पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा। साथ ही आधा घंटा पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
समिति ने निर्देश दिया है कि
परीक्षार्थी परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश नहीं करेंगे। यह प्रावधान पूर्व में जारी निर्देशों के अनुरूप है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी जूता-मोजा पहनकर परीक्षा भवन में प्रवेश करने का प्रयास करता है तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सेंटर पर जबरन घुसने पर दो साल का निष्कासन और प्राथमिकी
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि कोई परीक्षार्थी निर्धारित समय के बाद जबरन अथवा अवैध रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो इसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा। संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा उसके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी केंद्राधीक्षक द्वारा नियमों की अनदेखी कर ऐसे परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है तो संबंधित केंद्राधीक्षक के विरुद्ध निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस वर्ष 71 परीक्षार्थी निष्कासित
इंटर परीक्षा संपन्न : पिछले वर्ष के मुकाबले 50% कम निष्कासन
विहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा शुक्रवार को संपन्न हो गई। 2 फरवरी से 13 फरवरी तक चली इस परीक्षा के दौरान राज्यभर में कुल 71 परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया, जबकि 14 फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़े को देखें तो परीक्षा के दौरान निष्कासन और दूसरे की जगह परीक्षा देने के मामलों में कमी आई है।
वहीं पिछले वर्ष के मुकाबले निष्कासित छात्रों की संख्या करीब आधी हो गई है। पिछले वर्ष 140 छात्र निष्कासित हुए थे और फर्जी परीक्षार्थियों की संख्या 16 थी। वर्ष 2024 में 205 छात्र निष्कासित हुए थे, जबकि 45 दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गये थे। 2023 में 361 निष्कासित हुए और 40 दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गये। 2022 में 464 निष्कासित और 57 दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए।
नवादा में सबसे अधिक 27 परीक्षार्थी निष्कासित
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष परीक्षा में नवादा जिले में सबसे अधिक 27 परीक्षार्थी निष्कासित हुए हैं। इसके बाद जहानाबाद और गोपालगंज में 6-6, सुपौल में 4, मधेपुरा, भागलपुर, अररिया, रोहतास व भोजपुर में 3-3, औरंगाबाद और नालंदा में 2-2 तथा गया, कटिहार, सीवान, पटना, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, शिवहर और लखीसराय से 1-1 परीक्षार्थी निष्कासित हुए हैं। वहीं नवादा में 6 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। नालंदा में 2, शेखपुरा, गया, सहरसा, रोहतास, लखीसराय और समस्तीपुर से 1-1 गिरफ्तारी हुई है।
परीक्षा में जाने से पहले यह समझ लें
परीक्षामें आपकी कॉपी चेक होने से पहले ही 3 जगह चेकिंग होती है:-
- सेंटर गेट पर पहली जांच
- बिल्डिंग एंट्री पर दूसरी जांच
- कक्षा में बैठने से पहले अंतिम जांच
अगर किसी भी चरण में प्रतिबंधित सामान मिला → तुरंत बाहर + परीक्षा रद्द भी हो सकती है।
परीक्षा केंद्र पर क्या लेकर जाना अनिवार्य है
1. एडमिट कार्ड (सबसे जरूरी)
यह आपकी परीक्षा की पहचान है।
ध्यान रखें:-
- साफ प्रिंट हो
- फोटो स्पष्ट दिखे
- फटा या कटे नहीं
- प्लास्टिक कवर में न रखें
बिना एडमिट कार्ड — प्रवेश नहीं मिलेगा
2. पेन (ब्लू या ब्लैक)
सही तरीका:-
- 2–3 पेन लेकर जाएँ
- सिर्फ साधारण पेन
- जेल/बॉल दोनों चलेंगे
न करें:-
- पेन बॉक्स नहीं
- पाउच नहीं
- सजावटी पेन नहीं
3. चप्पल या सैंडल
इस बार विशेष नियम:-
- जूता नहीं
- मोजा नहीं
क्यों?
जूते में पर्ची छुपाने के केस पहले मिल चुके हैं।
4. पारदर्शी पानी की बोतल (जहाँ अनुमति हो)
- साधारण पानी
- बोतल पारदर्शी हो
- स्टिकर हटाएँ
5. अतिरिक्त जरूरी चीजें (कभी-कभी मांग सकते हैं)
- रजिस्ट्रेशन कार्ड
- फोटो पहचान (कुछ सेंटर पर)
परीक्षा केंद्र पर क्या बिल्कुल नहीं ले जाना है
इलेक्ट्रॉनिक सामान – सबसे खतरनाक गलती
अगर यह मिला तो सीधा कदाचार माना जाएगा।
न ले जाएँ:-
- मोबाइल (बंद भी नहीं)
- स्मार्ट वॉच
- डिजिटल घड़ी
- ब्लूटूथ / ईयरफोन
- कैलकुलेटर
- कैमरा डिवाइस
- कोई भी गैजेट
नियम:- जेब में मिला = कॉपी रद्द
कागज-पर्ची या लिखी हुई सामग्री
छोटा नोट भी अपराध माना जाएगा।
न ले जाएँ:-
- चिट
- नोट्स
- किताब
- गाइड
- एडमिट कार्ड के अलावा कोई कागज
हाथ पर लिखा फॉर्मूला भी पकड़ा गया तो बाहर
कपड़ों से जुड़ी बड़ी गलती
सबसे ज्यादा छात्र इसी कारण रोके जाते हैं।
मत पहनें:-
- जूता
- मोजा
- मोटा स्वेटर
- कोट
- हुडी
- जेब वाला जैकेट
अनुमति:-
हल्का कपड़ा
बिना जेब का स्वेटर (कई सेंटर पर)
स्टेशनरी से जुड़ी गलती
- पाउच
- बॉक्स
- ज्योमेट्री बॉक्स (जब तक जरूरी न हो)
- मार्कर
- व्हाइटनर
बैग और अन्य सामान
मत लाएँ:-
- बैग
- टिफिन
- बड़ा पर्स
- चाभी गुच्छा
- कॉपी/रफ पेपर
अगर गलती से प्रतिबंधित सामान मिल गया तो क्या होगा?
| स्थिति | परिणाम |
|---|---|
| गेट पर मिला | प्रवेश नहीं |
| कक्षा में मिला | कॉपी रद्द |
| नकल का शक | 2 साल तक निष्कासन |
| इलेक्ट्रॉनिक मिला | FIR भी संभव |
परीक्षा वाले दिन कैसे तैयार होकर जाएँ (स्टेप-बाय-स्टेप)
घर से निकलने से पहले चेकलिस्ट
- एडमिट कार्ड
- 3 पेन
- चप्पल
- पानी
बस — और कुछ नहीं
सेंटर पहुँचने का सही समय
- परीक्षा से 60 मिनट पहले पहुँचें
- देर से पहुँचे → प्रवेश बंद
बैठने के बाद ध्यान रखें
- किसी से बात नहीं
- अतिरिक्त कागज नहीं रखें
- निरीक्षक से पूछकर ही कुछ करें
छात्रों के लिए सबसे जरूरी सलाह
हर साल हजारों छात्र पढ़ाई की वजह से नहीं, बल्कि नियम न जानने की वजह से परीक्षा नहीं दे पाते।
याद रखें:-
परीक्षा ज्ञान से नहीं, अनुशासन से शुरू होती है।
अंतिम निष्कर्ष
अगर आप सिर्फ ये 5 नियम याद रख लें:-
- मोबाइल नहीं
- जूता नहीं
- पर्ची नहीं
- बैग नहीं
- समय से पहले पहुँचें
तो आपकी परीक्षा बिना परेशानी हो जाएगी।
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