बिहार बोर्ड मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026 | रातों रात बिहार बोर्ड ने किया बड़ा बदलाव:-बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 (और समान रूप से मैट्रिक परीक्षार्थियों के लिए भी लागू निर्देश) को लेकर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश और अनुशासन से जुड़े नियमों में बड़ा और सख्त बदलाव किया है। यह आदेश परीक्षा की पवित्रता, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 के संचालन के क्रम में परीक्षा केन्द्रों पर निर्धारित समय के बाद पहुँचने वाले परीक्षार्थियों द्वारा जबरदस्ती एवं अवैध रूप से परीक्षा परिसर में प्रवेश करने पर दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित करने एवं प्राथमिकी दर्ज करने तथा ऐसे परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने वाले केन्द्राधीक्षक के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई एवं कानूनी कार्रवाई करने के संबंध में आवश्यक सूचना|
एतद् द्वारा सूचित किया जाता है कि
इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों को दोनों पालियों में परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 01 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने तथा परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार परीक्षा प्रारंभ होने के आधा घंटा पूर्व बंद करने का आदेश राज्य के सभी जिलों को दिया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी अपने परीक्षा केन्द्र पर निर्धारित समय से विलंब से पहुँचने के कारण चहारदीवारी (Boundary) से कूदकर अथवा गेट पर जबरदस्ती एवं अवैध रूप से परीक्षा में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं, तो उसे समिति के निर्देशों का उल्लंघन तथा Criminal Trespass की श्रेणी में माना जायेगा। साथ ही यह कदाचाररहित परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास तथा आपराधिक कृत्य भी समझा जायेगा।
जबरन प्रवेश पर कड़ी कार्रवाई: 2 साल का बैन, FIR और निलंबन तय
इस परिदृश्य में परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद होने के बाद विलंब से आनेवाले कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से चहारदीवारी (Boundary) से कूदकर अथवा गेट पर जबरदस्ती एवं अवैध रूप से परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करता हुआ पाया गया, तो ऐसे मामले को Criminal Trespass मानते हुए संबंधित परीक्षार्थी को 02 वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा उसके विरूद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। साथ ही, उस परीक्षा केन्द्र के केंद्राधीक्षक एवं अन्य चिन्हित व्यक्ति के विरूद्ध निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 के परीक्षार्थियों के लिए
- परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश का समय परीक्षा प्रारंभ होने के 01 घंटा पूर्व निर्धारित करने, तथा
- परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार परीक्षा प्रारंभ होने के आधा घंटा पूर्व बंद करने के संबंध में आवश्यक सूचना
एतद् द्वारा इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों, उनके अभिभावक, परीक्षा केन्द्र के केन्द्राधीक्षकों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मा०शि०), सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी को सूचित किया जाता है कि
इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 दिनांक 02.02.2026 से 13.02.2026 तक राज्य के सभी जिलों में निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर संचालित होगी।
इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित होनेवाले सभी परीक्षार्थियों के लिए समिति द्वारा जारी प्रवेश पत्र एवं परीक्षा संचालन के लिए निर्गत मार्गदर्शिका में स्पष्ट निदेश है कि
“प्रथम पाली के परीक्षार्थी को परीक्षा प्रारंभ होने के समय पूर्वाह्न 09:30 बजे से 30 मिनट पूर्व अर्थात् पूर्वाह्न 09:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली के परीक्षार्थी को द्वितीय पाली की परीक्षा प्रारंभ होने के समय अपराह्न 02:00 बजे से 30 मिनट पूर्व अर्थात् 01:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विलम्ब से आने वाले परीक्षार्थी को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।”
इसी क्रम में पुनः सूचित किया जाता है कि
सभी परीक्षार्थी भीड़-भाड़ से बचने के लिए तथा ससमय अपने परीक्षा केन्द्र पर पहुँचने के लिए निर्धारित समय से 01 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश कर लें। परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार परीक्षा प्रारंभ होने के आधा घंटा पूर्व बंद कर दिया जायेगा। अर्थात् इस परीक्षा में परीक्षा प्रारंभ होने के लिए प्रथम पाली में निर्धारित समय 09:30 बजे पूर्वाह्न से 01 घंटा पूर्व 08:30 बजे से परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा 09:30 बजे पूर्वाह्न से आधा घंटा पूर्व 09:00 बजे पूर्वाह्न परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।
इसी प्रकार द्वितीय पाली में निर्धारित समय 02:00 बजे अपराह्न से 01 घंटा पूर्व 01:00 बजे से परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा 02:00 बजे अपराह्न से आधा घंटा पूर्व 01:30 बजे अपराह्न में परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।
इस प्रकार सभी परीक्षार्थी उपर्युक्त निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा भवन में प्रवेश करना सुनिश्चित करेंगे, अन्यथा विलम्ब से पहुँचने की स्थिति में उन्हें परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी और इसके कारण परीक्षा से वंचित होने की संपूर्ण जवाबदेही संबंधित परीक्षार्थी की होगी।
अतः परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थी,
उनके अभिभावक एवं परीक्षा कार्य में संलग्न सभी पदाधिकारी/ कर्मी से अनुरोध है कि उपर्युक्त निदेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से करना / कराना सुनिश्चित करेंगे।
क्या है बिहार बोर्ड का नया फैसला? (मुख्य बिंदु)
1. प्रवेश समय में सख्ती (सबसे बड़ा बदलाव)
- परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 01 घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा।
- देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा।
2. मुख्य गेट पहले ही बंद
- परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा।
- गेट बंद होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, चाहे कारण कुछ भी हो।
समय सारिणी (स्पष्ट उदाहरण)
प्रथम पाली (सुबह)
- परीक्षा प्रारंभ: 09:30 बजे
- प्रवेश प्रारंभ: 08:30 बजे
- गेट बंद: 09:00 बजे
द्वितीय पाली (दोपहर)
- परीक्षा प्रारंभ: 02:00 बजे
- प्रवेश प्रारंभ: 01:00 बजे
- गेट बंद: 01:30 बजे
जबरन या अवैध प्रवेश पर कड़ी सजा
यदि कोई परीक्षार्थी—
- गेट बंद होने के बाद दीवार/बाउंड्री कूदकर,
- या जबरदस्ती परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है,
तो इसे Criminal Trespass (आपराधिक अतिक्रमण) माना जाएगा।
सजा क्या होगी?
- 02 वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासन
- संबंधित परीक्षार्थी पर FIR दर्ज
- यदि किसी केंद्राधीक्षक/कर्मचारी ने ऐसे परीक्षार्थी को अनुमति दी—
- तो उनके विरुद्ध निलंबन
- एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी
बोर्ड ने साफ कहा
परीक्षा की सुरक्षा भंग करने का कोई भी प्रयास आपराधिक कृत्य माना जाएगा और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
अभिभावकों और स्कूलों के लिए निर्देश
- परीक्षार्थियों को समय से कम से कम 90 मिनट पहले घर से निकलने की सलाह दें।
- एडमिट कार्ड, पहचान पत्र आदि पहले से तैयार रखें।
- अफवाहों पर नहीं, केवल बोर्ड के आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करें।
क्यों किया गया यह बदलाव?
- परीक्षा में नकल और अव्यवस्था रोकने
- केंद्रों पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने
- समय पर परीक्षा संचालन के लिए
निष्कर्ष
बिहार-बोर्ड का यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। एक मिनट की देरी भी पूरे साल पर भारी पड़ सकती है। इसलिए सभी मैट्रिक और इंटर परीक्षार्थी समय, नियम और अनुशासन का पूरी तरह पालन करें।
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