मैट्रिक इंटर परीक्षा 2026 पर संकट- काफी विधार्थीयों का स्कूल नहीं भरा फॉर्म- लिस्ट जारी:-बिहार बोर्ड से संबद्ध स्कूलों और कॉलेजों में मैट्रिक (10वीं) व इंटर (12वीं) परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा संकट सामने आया है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म स्कूल/कॉलेज द्वारा समय पर ऑनलाइन नहीं भरे गए, जबकि अधिकांश छात्रों ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली थी। इस लापरवाही का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है।
इस आर्टिकल में हम आपको एक-एक बात आसान भाषा में समझाएंगे, ताकि किसी भी छात्र को कन्फ्यूजन न रहे।
20 हजार से अधिक छात्रों ने नहीं भरा परीक्षा फॉर्म
20 हजार से अधिक बच्चों ने इंटर-मैट्रिक परीक्षा देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। रजिस्ट्रेशन के बाद इंटर में 10 तो मैट्रिक में 11 हजार से अधिक बच्चों ने परीक्षा फॉर्म नहीं भरा।
पंजीयन के बाद इंटर में 10, मैट्रिक में 11 हजार ने नहीं दिखाई रुचि
रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फॉर्म के आधार पर आए परीक्षार्थियों की संख्या से यह सामने आया है। अंतिम रूप से परीक्षा फॉर्म भरने वाले परीक्षार्थियों की बोर्ड ने संख्या जारी की है। जिले में मैट्रिक और इंटर दोनों में परीक्षार्थियों की संख्या घट गई है। यह स्थिति अन्य जिलों में भी है। कई जिलों में यह संख्या 5-12 हजार तक है। इससे पहले रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फॉर्म भरने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में भारी अंतर पर बिहार बोर्ड ने परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाते हुए छात्रों को कई मौके भी दिए। इसके बाद भी इतनी बड़ी संख्या में छात्र टर्न आउट नहीं हुए।
इंटर में 69,007 से घटकर 58,344 रह गए परीक्षार्थी
जिले में इंटर में 69,007 से घटकर 58,344 पर परीक्षार्थियों की संख्या आ गई है।
मैट्रिक-में 78 हजार की बजाय 67 हजार ही देंगे परीक्षा
मैट्रिक 78 हजार की बजाय 67 हजार छात्र-छात्राएं ही अब परीक्षा देंगे।
मैट्रिक में परीक्षार्थियों की संख्या
मैट्रिक-में अंतिम रूप से परीक्षार्थियों की जारी संख्या के अनुसार पहली पाली में 32,892 परीक्षार्थी शामिल होंगे। दूसरी पाली में 34,405 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें पहली पाली में लड़कों की संख्या 15, 114 और दूसरी पाली में 15,830 है।
इंटर में परीक्षार्थियों की संख्या
- साइंस में: 19,524
- आर्ट्स में: 36,115
- कॉमर्स में 2686
- वोकेशनल में 19
आंकड़ों की स्थिति (संक्षेप में)
- इंटर:
- पंजीकृत छात्र: ~69,000
- फॉर्म भरे गए: ~58,000
- फॉर्म से वंचित: ~10,000+
- मैट्रिक:
- पंजीकृत छात्र: ~78,000
- फॉर्म भरे गए: ~67,000
- फॉर्म से वंचित: ~11,000+
कई जिलों में यह संख्या 5,000–12,000 तक बताई जा रही है।
फॉर्म क्यों नहीं भरे गए? (मुख्य कारण)
- स्कूल/कॉलेज की लापरवाही
– समय पर लॉगिन कर फॉर्म सबमिट नहीं किया गया। - दस्तावेज़ों की अधूरी जांच
– फोटो, सिग्नेचर, विषय चयन या कैटेगरी में त्रुटि। - तकनीकी दिक्कतें
– पोर्टल स्लो/डाउन रहने के कारण अंतिम दिनों में सबमिशन नहीं हो पाया। - समन्वय की कमी
– छात्रों को समय रहते स्थिति की जानकारी नहीं दी गई।
छात्र खुद कैसे चेक करें कि रजिस्ट्रेशन/परीक्षा फॉर्म भरा है या नहीं?
बहुत से छात्रों को लगता है कि केवल स्कूल ही यह बता सकता है, लेकिन छात्र खुद भी संकेतों से समझ सकते हैं कि उनका फॉर्म सही तरीके से भरा है या नहीं।
डमी एडमिट कार्ड (Dummy Admit Card) सबसे बड़ा संकेत है
- अगर आपका डमी एडमिट कार्ड जारी हो चुका है,
- उसमें नाम, पिता का नाम, विषय, फोटो सही दिख रहा है,
तो समझ लीजिए कि आपका रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फॉर्म दोनों सही तरीके से हो चुके हैं।
ऐसे छात्रों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
जिन छात्रों का डमी एडमिट कार्ड नहीं आया है, वे जरूर ध्यान दें
अगर—
- आपका डमी एडमिट कार्ड नहीं आया,
- या स्कूल कह रहा है कि “नाम लिस्ट में नहीं है”,
तो इसका मतलब है कि परीक्षा फॉर्म प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है।
ऐसे छात्रों को तुरंत अपने विद्यालय/कॉलेज से संपर्क करना चाहिए और पूछना चाहिए कि—
- फॉर्म क्यों नहीं भरा गया?
- क्या बोर्ड की लिस्ट में नाम है या नहीं?
डमी एडमिट कार्ड आ गया है तो घबराने की जरूरत नहीं
यह बात छात्रों को समझना बहुत जरूरी है—
डमी एडमिट कार्ड आना = आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है
- डमी एडमिट कार्ड सिर्फ जानकारी जांचने के लिए होता है
- इसके बाद फाइनल एडमिट कार्ड जारी किया जाता है
- जिनका डमी आ चुका है, उनका फाइनल एडमिट कार्ड भी जरूर आएगा
इसलिए ऐसे छात्र अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी पढ़ाई पर फोकस करें।
जिनका डमी एडमिट कार्ड नहीं आया है, उन्हें क्या करना चाहिए?
तुरंत ये 3 काम करें:-
- विद्यालय में लिखित आवेदन दें
– रजिस्ट्रेशन रसीद, फीस रसीद की कॉपी लगाएं - प्रधानाचार्य/हेडमास्टर से स्पष्ट बात करें
- जरूरत पड़े तो जिला शिक्षा कार्यालय (DEO) में शिकायत दर्ज कराएं
देरी करने पर परीक्षा से बाहर होने का खतरा बढ़ सकता है।
परीक्षा केंद्र (Exam Center) बन चुके हैं, तैयारी अंतिम चरण में
छात्रों को यह जानकर राहत मिलेगी कि—
- मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 के लिए केंद्र बन चुके हैं
- जिला स्तर पर परीक्षा की प्रशासनिक तैयारी पूरी हो रही है
- कॉपियों, उत्तर पुस्तिकाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर काम चल रहा है
यानी बोर्ड स्तर पर परीक्षा समय पर कराने की पूरी तैयारी है।
जनवरी में होगा प्रैक्टिकल एग्जाम (मैट्रिक–इंटर दोनों)
बोर्ड की योजना के अनुसार—
- जनवरी 2026 में इंटर और मैट्रिक दोनों का प्रैक्टिकल एग्जाम होगा
- प्रैक्टिकल स्कूल/कॉलेज स्तर पर आयोजित किया जाएगा
- इसके बाद ही थ्योरी (फाइनल) परीक्षा होगी
इसलिए छात्रों को अभी से प्रैक्टिकल की तैयारी भी शुरू कर देनी चाहिए।
फाइनल एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होने की पूरी संभावना
सूत्रों के अनुसार—
- जनवरी 2026 में फाइनल एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा
- उसी एडमिट कार्ड पर—
- परीक्षा तिथि
- शिफ्ट
- पूरा परीक्षा केंद्र (Center Name & Address) लिखा होगा
यानी अभी सेंटर भले पता न चले, लेकिन
फाइनल एडमिट कार्ड आते ही सब साफ हो जाएगा।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह (बहुत ध्यान से पढ़ें)
- जिनका डमी एडमिट कार्ड आ गया है, वे निश्चिंत रहें
- जिनका नहीं आया है, वे आज ही स्कूल से संपर्क करें
- सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहें
- पढ़ाई और प्रैक्टिकल की तैयारी पर फोकस रखें
निष्कर्ष
मैट्रिक–इंटर परीक्षा 2026 को लेकर स्थिति गंभीर जरूर है, लेकिन हर छात्र को घबराने की जरूरत नहीं है।
अगर आपने रजिस्ट्रेशन कराया है और डमी एडमिट कार्ड मिल चुका है, तो आपका फॉर्म सही है।
और जिनका नहीं मिला है, उनके लिए अभी भी विद्यालय के माध्यम से समाधान संभव है।
सही जानकारी, समय पर कदम और पढ़ाई पर ध्यान — यही सफलता की कुंजी है।
IMPORTANT LINK
| ARATTAI CHANNEL | CLICK HERE |
| WHATSAPP CHANNEL | CLICK HERE |
| TELEGRAM CHANNEL | JOIN |
| YOU TUBE CHANNEL | SUBSCRIBE |



