आप भी मैट्रिक इंटर परीक्षा 2025 में बनना चाहते हैं टॉपर - तो इन टॉपर का सिक्रेट जाने

आप भी मैट्रिक इंटर परीक्षा 2025 में बनना चाहते हैं टॉपर – तो इन टॉपर का सिक्रेट जाने

आप भी मैट्रिक इंटर परीक्षा 2025 में बनना चाहते हैं टॉपर – काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने आईसीएसई की 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया। बोर्ड के परीक्षा परिणाम में बिहार में 10वीं में 99.68 फीसदी परीक्षार्थी सफल हुए है। वहीं 12वीं में 99.38 फीसदी ने सफलता र पाई है। इस बार के परीक्षा परिणाम में छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। दोनों कक्षाओं के परीक्षा परिणाम में छात्राओं का पास प्रतिशत छात्रों से अधिक है।

वार्षिक परीक्षा 2024 में बोर्ड से 10वीं में 5851 परीक्षार्थी तो 12वीं की परीक्षा में 967 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। 10वीं में 3174 छात्र और 2677 छात्राएं थीं। वहीं 12वीं में कुल 967 में से 309 छात्र और 658 छात्राएं थीं। 10वीं के परीक्षा परिणाम में छात्राओं का पास प्रतिशत 99.74 रहा जबकि छात्रों का 99.62 प्रतिशत रहा। 12 वीं के परिणाम में भी छात्राओं ने बेहतर किया है। छात्राओं का पास प्रतिशत 99.54 तो छात्रों का 99.03 रहा। आईसीएसई बोर्ड ने 10वीं के लिए 60 विषयों में लिखित परीक्षा ली थी। इनमें 20 भरतीय और 13 विदेशी भाषाओं में परीक्षा ली गई थी। वहीं, 12वीं में 12 भारतीय और 4 विदेशी भाषाओं में 47 विषयों की लिखित परीक्षा ली गई थी।

आईसीएसई बोर्ड की ओर से ली गई 10वीं और 12वीं की परीक्षा में इसबार बिहार से मात्र 25 परीक्षार्थी ही असफल हुए हैं। 10वीं की परीक्षा में 5851 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें से सिर्फ 19 परीक्षार्थी असफल हुए हैं। फेल होने वाले परीक्षार्थियों में 12 छात्र और 7 छात्राएं असफल हुई हैं। जबकि 12वीं में कुल 967 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें 3 छात्र और 3 छात्राएं असफल रहीं।

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीइ) की ओर से सोमवार को जारी किये गये 10वीं और 12वीं बोर्ड रिजल्ट में शहर के विद्यार्थियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. अपनी मेहतन से बच्चों ने बेहतर परिणाम लाकर न केवल अभिभावकों, बल्कि शिक्षकों का भी दिल जीत लिया है. वहीं सफल बच्चे अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, स्वाध्याय व अभिभावकों के मार्गदर्शन को दे रहे है. 10वीं और 12वीं के बच्चे अब आगे की पढ़ायी की योजना बना रहे है, जिसमें कोई डॉक्टर, तो कोई अफसर बनने का सपना देख रहा है और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित है.

श्रेया झा संत जोसेफ कॉन्वेंट हाइ स्कूल 99.6

कर लिया था. समय के हिसाब से स्कूल व कोचिंग जाती थी. स्कूल नोट्स को प्रतिदिन पद्धती थी. वहीं, वलासरूम में भी शिक्षकों को ध्यानपूर्वक सुना सुना करती बी, इससे परीक्षा में आसानी से सवालों का जवाब लिख पायी, अब मेडिकल की तैयारी करनी है.

जोया इमाम संत जोसेफ हाइ ल्कूल 99.4

प्रतिदिन मैं सात से आठ घंटे तक पढ़ाई करती थी. जितना भी पढ़ती उसपर कमांड रहता था. जिसके चलते मुझे मैथ और साइंस में 100 मार्क्स मिले हैं. टीचर के नोटस से भी काफी हेल्प मिला, साथ ही तीन महीने पहले आने वाला गाइड का हेल्पफुल रहा. अब मेडिकल की तैयारी कर रही हूँ. अच्छी डॉक्टर बन आम लोगों की मदद करूंगी. इस सफलता का श्रेय पैरेंट्स व टीचर्स को जाता है.

आयुष राज संत पॉल हाइ स्कूल 99.4

स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती थी, जिससे आवी तो क्लास में हीं समझ आ जाती थी. घर पहुंचने के बाद जो भी शिक्षक पढ़ाते उसका रिवीजन करता रहता था. वहीं, एग्जाम से पहले मैने पिछले साल पूछे गये सवालों को भी सॉल्व किया था. इससे काफी मदद मिली. आगे की पढ़ाई कर मुझे इंजीनियर बनना है. अब पटना से ही अच्छे इंस्टीट्यूशन का ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन लेना है.

आयुषी सिंह संत जोसेफ कॉन्वेंट छाड़ स्कूल (जेचुली) 99

थी. इससे सभी का डाउट क्लियर हो जाता था. घर पर कोई स्टीन सेट नहीं था कि प्रतिदिन पढ़ना ही है. जब जितना समय मिलता, ध्यानपूर्वक पढ़ाई करती थी. साथ ही टीचर द्वारा बत्ताये गये सैपल पेपर को भी सॉल्व करने से हेल्य मिली, अब मैं सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए जेइइ की तैयारी कर रही हूं.

श्रद्धा श्री डॉन बॉस्को एकेडमी 99

अच्छे अंक प्राप्त करके मैं काफी खुश हूं. मैंने सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान दिया है. मुझे पढ़ाई के अलावा एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में भी रुचि है. जिसके चलते कोचिंग नहीं ले सकी, लेकिन, स्कूल के शिक्षकों का सहयोग काफी मिला. हालांकि, बोर्ड में कैसे सवाल पूछे जायेंगे इसका अंदाजा सैंपल पेपर से हो गया था. अब आइएएस बनने का सपना है.

शिवांशु आर्यन डॉन बॉस्को एकेडमी 96.25

डॉन बॉस्को एकेडमी के शिवांशु आर्यन ने साइंस में 96.25 प्रतिशत लाया है. उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए कभी स्ट्रेस नहीं लिया. लेकिन, स्कूल के होमवर्क व रिवीजन के लिए हमेशा सजग था. पिछले सालों का प्रश्न पत्र भी हल किया जिससे अंदाजा था कि बोर्ड में कैसे सवाल पूछे जायेगे, वहीं, परीक्षा नजदीक होने पर पूरा फोकस पढ़ाई पर था. अब मुझे आइआइटी में एक सीट कन्फर्म करना है.

रितु राज डॉन बॉस्को एकेडमी 94

पिछले सात से आठ साल में पूछे गये सवालों को हल करती थी. इससे सवाल के पैटर्न समझ में आ गये थे. बाकी पढ़ाई के प्रति ध्यान केंद्रित हमेशा से रहा है. सुबह में छह बजे पढ़ाई करती थी. सुबह पढ़ी चीजें याद रहती है. सेहत का भी परीक्षा के समय खास ध्यान दी. अथ स्नातक में दाखिला लूंगी और सीए की तैयारी करनी है.

नंदिनी राज कामेल हाइ स्कूल 95.25

मैंने हमेशा पढ़ाई को इंजॉय किया है. कभी मुझे पढ़ाई के लिए दबाव नहीं दिया गया. इससे जो भी पढ़ती समझ में आता था और लंबे समय के लिए याद भी रहता था. पढ़ाई के साथ हॉलीडे को भी मनाने में रुचि रही. हालांकि, ध्यानपूर्वक पढ़ाई करती थी. इसके अलावे स्कूल के नोट्स से भी सहायता मिली और पिछले वर्षों पूछे गये सवालों को भी हल किया करती थी. अब मैं बीकॉम के लिए दाखिला लूंगी.

रितिका अग्रवाल कार्मेल हाइ स्कूल 94.25

सिलेबस के हिसाब से पढ़ाई करना सफलता का मूल मंत्र मेरे लिए बेहतर साबित हुआ. इससे परीक्षा नजदीक होने के बाद भी बिल्कुल डर नहीं लगा. समय से पढ़ाई करती थी. क्लास के अलावा सेल्फ स्टडी भी खूब करती थी. वहीं, अंतिम समय में सैंपल पेपर को हल करती थी. अब में बीकॉम करना चाहती हूं.

आयुषी प्रिया संत जोसेफ कॉन्वेंट हाइ स्कूल 96.2

पेरेंट्स का कभी दबाव नहीं था कि मुझे ज्यादा अंक परीक्षा में लाना है. लेकिन, तैयारी पूरी करनी है. इस वजह से परीक्षा देने से पहले ही पूरा सिलेबस कंप्लीट कर ली थी. इस साल मैंने क्लेट भी क्वालीफाई कर मुझे लॉ करना है. कर लिया है. अब कॉलेज सेलेक्ट

जाहेरा परवेज संत जोसेफ कॉन्वेंट हाइ स्कूल 96

तैयारी अच्छा होने से परीक्षा में पूछे गये सभी प्रश्न आसान लगते हैं. इस बार तो एग्जाम पैटर्न भी बदल गया था. परंतु अंडरस्टैंडिंग होने से सामान्य रहा. घर पर भी पढ़ाई करती थी, समय का सदुपयोग काफी हेल्पफुल रहा. अब दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की सोच रखी हूं.

आर्यन राज संत जेवियर हाई स्कूल 98.6

अच्छा अंक स्कोर करने के पीछे रिपीटेड रिवीजन काफी कारगर रहा. स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता मैं घर आकर उसका प्रैक्टिस करता था. एग्जाम के समय कसेोष्ट क्लीयर होने की श्री वजह से सवालों का जवाब देने में आसानी हुई. मुझे शतरंज और संगीत में भी रुचि है, इससे मनोरंजन भी ही जाता है. अभी से मैं नीट की तैयारी कर रहा हूं. मुझे आगे डॉक्टर बनना है.

कुमारी इशिका संत जोसेफ कॉन्वेंट हाई स्कूल 94.5

स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती थी. फिर भी कोई डाउट होता, तो दूसरे दिन टीचर से क्लीयर कर लेती, इसके अलावे मैं ऑनलाइन यूट्यूब पर भी पढ़ाई करती. यह भी मेरी लिए काफी हेल्पफुल रहा. धर से पढ़ाई के लिए ऑनलाइन बढ़िया साधन है. अब में ग्रेजुएशन करूंगी. मुझे सिविल सर्विस में जाना है.

मान्या सिंह कार्मेल हाड़ व्कूल 93

अगर आप शुरू से अपने लक्ष्य को निर्धारित करते हुए कदम बढ़ायेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी, इसी मंत्र को मैंने खुद पर लागू किया और प्रतिदिन पढ़ाई व रिवाइज शुरू की. कभी मैंने रूटीन सेंट नहीं किया कि इतना घंटा पढ़ना ही है. स्कूल से घर आने के बाद काफी प्रैक्टिस करती थी.

इफरा खान संत जोसेफ कॉन्वेंट हाड़ टकूल 95.75

परीक्षा के समय में काफी टेशन की थी. अपने प्री- बोर्ड को ही मुख्य परीक्षा समझकर सिलेबस खत्म करने के बाद रिवीजन कर रही थी, बाकी, रात में समय पर सो जाती थी. अब सीयूइटी में उच्च स्थान प्राप्त कर दिल्ली विवि में दाखिला लेना है.

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